बड़ी खबर : नक्सलियों के प्रोपोगेंडा ब्यूरों का मास्टरमाइंड “अभय” गिरफ़्तार


जगदलपुर। नक्सल मामलें में अब तक की सबसे बड़ी सफलता पुलिस ने हासिल की है। पुलिस ने नक्सलियों के अर्बन कैडर के एक नक्सली को गिरफ्तार किया है। ये नक्सली माओवादियों का आईटी सेल का सारा कामकाज़ा देखा करता था। पुलिस को इसके विकल्प, अभय और आजाद जैसे कई नाम मिले है हालांकि जांचपड़ताल में ये खुलासा हो सका कि इस खतरनाक नक्सली का असली नाम अभय देवदास उर्फ लोड्डा है।पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक़ नक्सल एरिया में अभय के नाम का ही सिक्का चलता था। हर इलाकों में अलग अलग नामों से अपनी पहचान बना कर गुजरबसर करने वाला नक्सलियों का ये शहरी नेटवर्क काफी मशक्कत के बाद दिल्ली से गिरफ़्तार हो पाया है। मिली जानकारी मुताबिक काफी दिनों से एसआईबी और बस्तर पुलिस इस पर नजर रखे हुए थी। डेढ़ साल की कड़ी निगरानी के बाद पुलिस ने इसे गिरफ्तार किया है। कमाल की बात ये है कि 2013 और 2017 के बीच वो करीब 15 देशों की यात्रा कर चुका था। अभय नक्सलियों के अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क का भी मेंबर था, लिहाजा इस वजह से लगातार विदेशों के भी दौरे करता था और विदेश में रह रहे माओवादियों से लगातार संपर्क में रहा करता था।

जानकारी के मुताबिक बैंगलोर से सड़क मार्ग से वो रायपुर आना जाना करता है, साथ ही वो अंतराष्ट्रीय संगठन मोसा से भी जुड़ा हुआ था। जानकारी के मुताबिक वो एक फाइनेंस कंपनी को हेड करता था और कई ब्लॉग भी चलाता था। 31 मई को विदेश से लौटने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। अभय ने स्वीकार किया है कि वो कॉलेज लाइफ से नक्सल संगठन में शामिल हो गया था। साल 2013 में एक आईईडी मिला था, उस दौरान पहली बार अभय और विकल्प के नाम पर जारी पर्चे पुलिस को मिले थे। पहली बार तभी वो सुर्खियों में आया था।

एक किताब से हुआ था प्रभावित
बैंग्लोर के रहने वाले अभय कालेज लाइफ से ही नक्सलियों के संपर्क में आ गया। वो कर्नाटक के नक्सली नेता साकेत राजन और केरल के गोविदन कुट्टी की किताब पीपुल्स मोर्चा से काफी प्रभावित था।नक्सली कैडर में अभय को प्रोपेगेंडा ब्यूरो की अहम जिम्मेदारी मिली हुई है।

इन राज्यों का कर चूका टूर
अभी अब तक बेल्जियम, पेरिस, नीदरलैंड, लंदन , मैक्सिको, इक्वाडोर, मलेशिया, कंबोडिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, रशिया, नेपाल सहित कई देशों में जा चुका है। खासकर उन देशों में जो कोर्डिनेशन कमेटी आफ मोआविस्ट पार्टी एंड आर्गनाइजेशन आफ साउथ एशिया के प्रभाव में हैं। अभय को लेकर बस्तर पुलिस ने लुक आउट नोटिस भी जारी किया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया ।

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