बहन बनी उम्मीद की क्रिएशन और भाई वरुण बना हत्यारा

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Naya Raipur Hatya Kaand

रायपुर। एक तरफ पूरा प्रदेश जिस कलेक्टर से बाकी कलेक्टर अपने जिले के क्रिएशन और प्लानिंग की सिख ले रहे है, वही उसी कलेक्टर का भाई हत्या जैसे संगीन मामलें में फरार है। कलेक्टर के भाई की ये फरारी पहली दफा नहीं है, इसके पहले भी राजधानी के आधा दर्जन थांन में हत्या, लूट, मारपीट जैसे कई मामलें दर्ज है। अगर राजधानी पुलिस ने पहले ही वरुण के खिलाफ सख्ती बरती होती तो शायद आज तुहिन जिंदा होता।
मंदिर हसौद में हुए तुहिन मलिक हत्याकांड का खुलासा करते हुए रायपुर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें मुख्य आरोपी आईएएस किरण कौशल का भाई है, जो कि फरार है। उसने तीन अन्य साथियों के साथ वारदात को अंजाम दिया था। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

आदतन अपराधी है वरुण
हत्याकांड से जुड़े सभी आरोपियों पर मारपीट, चाकूबाजी, लूट और हत्या के प्रयास के मामले दर्ज हैं। आरोपी वरुण कौशल आईएएस किरण कौशल के भाई पर राजेंद्रनगर, सिविल लाइन, तेलीबांधा और पंडरी थाने में हत्या, लूट, रंगदारी जैसे दर्जनभर से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इसी तरह आरोपी समीर साहू उर्फ मिंटू पर हत्या के प्रयास और रंगदारी का मामला दर्ज है। आरोपी अभिषेक नागवंशी और अभिलाष नागवंशी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में धमकी, मारपीट और वसूली का मामला दर्ज है।

किरण बोली-आठ साल पहले तोडा नाता
मामलें में जब सरगुजा कलेक्टर किरण कौशल के भाई का नाम आया तब उनसे संपर्क करने पर उन्होंने दो टूक में कहा मैंने अपने भाई से आठ साल पहले ही नाता तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि वरुण की आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए ही मैंने उससे नाता तोडा था, और कभी भी उसका पक्ष नहीं लिया। उन्होंने बकायदा पेपर में दिया अपना एक इस्तेहार भी दिया था। 19 फरवरी 2010 को छपे इस इश्तेहार में वे अपने भाई के आपराधिक प्रकरणों में लिप्त होने और उनके नाम व पद का इस्तेमाल करने की वजह से परेशान होकर उसके साथ अपने सारे रिश्तों को खत्म करने का ऐलान किया था।

ये है पूरा मामला
रोड रेज मामले का खुलासा करते हुए एएसपी सिटी विजय अग्रवाल ने बताया गाडी आगे बढ़ाने को लेकर इंक बिच विवाद हुआ था। विवाद में आरोपियों ने मारपीट करने के बाद तुहिन मलिक और अलंकार पाल पर चाकू से वार किया था। हमले में तुहिन की मौके पर ही मौत हो गई थी, वहीं अलंकार को मेकाहारा में भर्ती कराया गया था। मामला 10-11 मार्च की दरम्यानी रात का है एक कंपनी में सुपरवाईजर तुहिन मलिक कंपनी में ही कार्यरत अपने एक अन्य साथी अलंकार पाल के साथ अपनी बाइक में घूमने निकला था, इसी दौरान वह सफेद रंग की मारूति सियाज कार को ओवरटेक कर आगे बढ़ गया। रईस जादों को यह बात नागवार गुजरी और उन लोगों ने कार की स्पीड बढ़ाकर बाईक को ओवरटेक करते हुए रोका। कार में सवार चारों आरोपी अभिषेक नागवंशी, अभिलाष नागवंशी, वरूण कौशल और समीर साहू नीचे उतरे और कार को ओवरटेक करने के नाम पर तुहिन मलिक व उसके साथी अलंकार पाल से गाली गलौच करते हुए मारपीट करने लगे। चारों आरोपी शराब के नशे में थे। शराब के साथ ही पैसों का नशा आरोपियों के सर पर इस कदर सवार था कि आरोपियों ने चाकू निकालकर तुहिन और उसके साथ पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। जिसके बाद सभी आरोपी कार में बैठकर फरार हो गए। घटना के बाद दोनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल लाया जा रहा था उसी दौरान रास्ते में ही तुहिन मलिक ने दम तोड़ दिया था।