ठंडा खाना खाने के बाद मुख्यमंत्री डॉ रमन को आया था टिफिन का आईडिया

मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने शुरू की मनरेगा मजदूर टिफिन वितरण योजना

रायपुर। शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ रमन ने राजधानी के इंडोर स्टेडियम में मनरेगा मजदूर टिफिन वितरण योजना का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ रमन ने कहा कि कुछ योजना दिल से बनती है, उनमें से एक योजना मनरेगा मजदूर टिफिन वितरण की है। यह मजदूर भाईयों और बहनों के लिए बनाई गई योजना है।

टिफिन वितरण योजनासरकार का काम पुल, सड़क, बड़े भवन, रोड बनाना ही नहीं बल्कि एक-एक व्यक्ति के जीवन को बेहतर करना होता है। इसलिए हमने मजदूर टिफिन योजना की शुरुआत की है।

इस योजना को बनाए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बताया कि वे पिछले साल ग्राम सुराज अभियान में बिलासपुर जिले के सुदूर अंचल के एक गांव में मनरेगा का काम देखने पहुंचे थे, वहां मजदूर पेड़ की छांव में भोजन कर रहे थे। मजदूर बर्तन में, पोटली और प्लास्टिक में घर से भोजन लेकर आए थे। मुझे भी खाने की इच्छा हुई, एक महिला मजदूर ने अपने टिफिन से मुझे भी दाल-भात और चटनी दी। यहीं मेरे मन में मजदूरों के लिए टिफिन योजना प्रारंभ करने का विचार आया। इस योजना का आज शुभारंभ हो रहा है। टिफिन में मजदूरों के भोजन की सुरक्षा और शुद्धता सुनिश्चित हो सकेगी। स्वच्छ भोजन से बीमारियों से भी मजदूर दूर रहेंगे।आने वाले डेढ़ महीने के भीतर टिफिन का वितरण 10 लाख 83 हजार मजदूरों को किया जाएगा।

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महिला श्रमिकों को प्रसूति अवकाश-चंद्राकर

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अजय चन्द्राकर ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देश का अकेला राज्य है, जहां मनरेगा की महिला श्रमिकों को प्रसूति अवकाश दिया जाता है और उनकी इस अवधि की मजदूरी का भुगतान भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ऐसी व्यवस्था की गई है जिससे प्रदेश के 70 प्रतिशत श्रमिकों को 15 दिनों के अंदर मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है।

 

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