पुलिस दीक्षांत में बना अनूठा रिकॉर्ड, 526 आरक्षकों में 345 बेटियां हुई प्रशिक्षित

पुलिस दीक्षांत में बोले रमन-बेटियों की आंखों की चमक बता रही उनका आत्मविश्वास

रायपुर। राजधानी में हुए पुलिस दीक्षांत समारोह में आज एक अनूठा रिकार्ड बना है। राज्य बनने के बाद पहली दफ़ा 345 के आंकड़े तक छत्तीसगढ़ की बेटियां पहुंची है। लिहाज़ा साल 2018 आरक्षकों के हुए दीक्षांत परेड में प्रदेश की बेटियों की बूट की धमक पुरे आत्मविश्वास के साथ सुनाई पड़ रही थी। इस परेड की सलामी लेने पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह भी इस बात पर बेहद खुश नज़र आए। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह
समारोह में सम्बोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब हमारे सशस्त्र बलों में महिलाएं भी शामिल हो रही हैं। प्रशिक्षित होकर पासिंग आउट परेड में शामिल हुए 526 आरक्षकों में 345 महिलाएं और 181 पुरूष शामिल हैं। ये आंकड़े बता रहे है हमारी बेटियां किसी से काम नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा छत्तीसगढ़ के इन बेटे-बेटियों की आंखों की चमक बता रही है कि उनमें गजब का आत्मविश्वास है। डॉ. सिंह ने उन्हें छत्तीसगढ़ की ढाई करोड़ जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने और अपनी वर्दियों का मान सम्मान बनाये रखने भी नसीहत दी।

विभिन्न बालों में होगी तैनाती
सभी प्रशिक्षित पुरूष और महिला आरक्षकों को छत्तीसगढ़ सशस्त्र पुलिस बल की विभिन्न बटालियनों में तैनात किया जा रहा है। डॉ. सिंह ने आरक्षकों को प्रशिक्षण के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी होने पर विद्यालय की ओर से शील्ड, प्रशस्ति पत्र आदि भेंट कर पुरस्कृत किया और सफल प्रशिक्षण पर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी।

पुलिस परिवार को दी कई सौगातें
मुख्यमंत्री ने पुलिस दीक्षांत के दौरान पुलिस परिवार को कई सौगातें भी दी है। जिनमें 10 हज़ार नए आवास, मध्यप्रदेश के स्तर पर वेतन वृद्धि, रिस्पॉन्स भत्ता, चिकित्सा भत्ता, बुलेट प्रूफ जैकेट, जिम, यूनिफॉर्म और संचार के लिए सीजीयू के तहत लाने की घोषणा की है।

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