EXCLUSIVE : दो दिन बाद रक्षाबंधन और अब तक सोया खाद्य विभाग…

खाद्य विभाग ने अब तक नहीं की नकली और मिलावटी खोवे की सैम्पलिंग

रायपुर। राखी में अपने भाई का मुँह मीठा कराने अगर आप मिठाई खरीदने जा रही है, तो ज़रा सावधान रहे…ये मिठाइयां नकली खोवे से बनी भी हो सकती है।
महज़ दो दिन बाद रक्षाबंधन का त्यौहार है। और अब तक खाद्य विभाग की टीम राजधानी में नकली खोवे की पड़ताल करना तो दूर कहीं सैपंल लेने तक नहीं पहुंची है। हर त्यौहार में बढ़ी खोवे की मांग को पूरा करने जमकर नकली खोवा खपाया जाता है। और इस बात का दावा खुद खाद्य विभाग ने किया था बावजूद इसके विभाग लापरवाही बरत रहा है।

खाद्य विभाग

रअसल हर त्यौहार में बनने वाली मिठाइयों में बड़ी मात्रा में नकली खोवे की खपत राजधानी में होती रही है। जिसका पर्दाफाश खुद खाद्य विभाग ने ही किया था। मगर इस बार अब तक विभाग की तरफ से ऐसी कोई भी कार्यवाही राजधानी में नज़र नहीं आई है।

 सवाल इसलिए भी उठ रहे है कि विभाग द्वारा कलेक्ट किए जाने वाले इस सैंपल की जांच भी दीगर राज्यों में होती है, लिहाज़ा इसकी रिपोर्ट ही आने में 10 से 14 दिन बीत जाते है। ऐसे में अगर इन दो दिनों में सैंपलिंग भी की जाती है, तो इसकी रिपोर्ट भी त्यौहार बीतने के बाद ही मिल पाएगी। फिर चाहे मिठाईया मानक हो या अमानक।

प्रदेश भर में अभियान का दावा
सैंपलिंग नहीं होने का सवाल जब खाद्य विभाग के सहायक आयुक्त अश्वनी देवांगन से पूछा गया तो उन्होंने ऐसा नहीं होने की बात कही। सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि शहर में सैंपलिंग और जांच अभियान ज़ारी है। अब तक रायपुर जिले के तक़रीबन दस दुकानों से सैंपल लिए जा चुके है। वहीँ प्रदेशभर में मोबाईल लैब से हमारी टीम लगातार सैम्पलिंग कर जांच कर रही है।

जुलाई में हुई थी 135 सैंपलिंग 36 हुए थे फेल
बीते महीने की कार्यवाही का आंकड़े बताते हुए सहायक आयुक्त देवांगन ने बताया कि जुलाई महीने में 135 स्थानों पर चलित प्रयोग शाला से सैंपलिंग की गई। जिसमें 99 सैंपल मानक पाए गए। और 36 सैंपल अमानक थे। इन अमानक सैम्पलों पर दुकानों और संचालको पर त्वरित कार्यवाही का दावा भी उन्होंने किया। हालंकि ये कार्यवाहियां स्ट्रीट फ़ूड स्टाल्स पर स्वास्थ्य विभाग की फटकार पर की गई थी। इस अभियान से भी राजधानी की नामचीन मिठाई दुकानों को अछूता रखा गया।

 

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