कश्मीरः  नौकरशाह से राजनेता बने शाह फैसल के प्रशासन में वापिसी की संभावना

उनका इस्तीफा अब तक स्वीकार नहीं किया गया है

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल, जो नौकरशाह से राजनेता बने, उनके प्रशासन में वापस शामिल होने की संभावना है। दरअसल अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया है कि उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। यह जानकारी शीर्ष अधिकारियों ने दी।

दिलचस्प बात तो यह है कि फैसल द्वारा इस्तीफा देने और जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (जेकेपीएम) नामक एक राजनीतिक पार्टी बनाने के बावजूद उनका नाम सरकार के आधिकारिक वेबसाइट पर से जम्मू एवं कश्मीर के कैडर आईएएस की सूची से नहीं हटाया गया।

कुछ खबरों के अनुसार, फैसल के अपने ट्विटर हैंडल से राजनीतिक बायो को हटाकर वापस प्रशासन सेवा में शामिल होने की संभावना जताई है।

उन्होंने अपने ट्विटर बायो पर रविवार शाम को लिखा, “एडवर्ड एस फेलो, एचकेएस हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, मेडिको। फुलब्राइट। सेंटट्रिस्ट।”

इससे यह साफ नजर आता है कि उन्होंने जेकेपीएम के संस्थापक के रूप में अपने राजनीतिक बायो हटा दिया है।

गौरतलब है कि उन्होंने साल 2010 की सिविल सेवा परीक्षा में टॉप किया था और उन्हें आईएएस का होम कैडर आवंटित किया गया था।

एक ईमानदार अधिकारी के रूप में लोकप्रिय फैसल के शुभचिंतकों ने उन्हें साल 2018 में राजनीति में शामिल होने के लिए इस्तीफा देने पर आगाह किया था कि हो सकता है राजनीति उन्हें रास न आए।

वहीं सूत्रों का यह भी कहना है कि सरकार ने हाल ही में उन्हें यह महसूस कराया कि उनके सिविल सेवा में वापस शामिल होने से ‘उन्हें कोई ऐतराज नहीं’ है।

यदि वह वापस प्रशासन सेवा में शामिल होने का विकल्प चुनते हैं, तो वह जम्मू और कश्मीर में सबसे कम राजनीतिक कैरियर के लिए एक और रिकॉर्ड बनाएंगे।

उन्होंने जेकेपीएम की स्थापना 2019 की शुरुआत में काफी धूमधाम से की थी।

(आईएएनएस)