पुलिस आंदोलन:- बर्ख़ास्त जवानों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, आदेश स्थगित

रायपुर। पुलिस परिवार द्वारा किए गए आन्दोलनों को कुचलने वाले पुलिस के आला अधिकारियों के आदेश पर हाईकोर्ट ने स्थान दिया है। बर्खास्तगी को रोकते हुए हाईकोर्ट ने पुरे मामलें में ज़ारी नोटिस को नियम विरुद्ध माना है। मामलें में हाईकोर्ट की जस्टिस पी. सेम कोशी की बैंच में मामले पर सुनवाई हुई। जिसमें उन्होंने पुलिसकर्मियों को बड़ी राहत देने वाला फैसला सुनाया है। फ़िलहाल मामलें की सुनवाई कोर्ट में ज़ारी रहेगी। पुलिस परिवार की तरफ से हाईकोर्ट में अधिवक्ता अभिषेक पांडेय ने उनका पक्ष रखते हुए दलील दी, जिसमें उन्होंने कोर्ट में कहा कि पूर्व संभावित आयोजन के आधार पर नोटिस जारी किया जाना गलत है। क्योंकि अधिकारियों ने पहले से ही कार्रवाई की मंशा बना ली थी, नोटिस जारी करने की जरूरत क्यों पड़ी इसका भी उल्लेख नहीं किया गया था।

     दरअसल पुलिसकर्मीयों के परिवार ने 25 जून को 11 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन को कुचलने आला अधिकारियों ने सभी जिलों के एसपी को आदेशित किया था। लिहाज़ा एसपी के हस्ताक्षर से कई जिलों में आरक्षक, प्रधान आरक्षकों को केवल संदेह के आआधार पर नोटीस ज़ारी किया था, वही कई दर्जन जवानों को बगैर किसी कारण के बर्ख़ास्तगी भी की गई थी। पुलिस परिवार के इस आंदोलन को विपक्षी राजनैतिक पार्टियों से भी समर्थन मिला था। इस धरना प्रदर्शन से पहले पुलिस परिवार ने वेतन वृद्धि, ड्यूटी टाइमिंग, साप्ताहिक अवकाश जैसी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री और डीजीपी के नाम ज्ञापन भी सौपा था।

इन्होंने खटखटाया कोर्ट का दरवाज़ा
पुलिस परिवार द्वारा किए जा रहे आंदोलन को लेकर ज़बरिया बर्खास्त हुए उपनिरीक्षक दयालूराम साहू, सउनि बलबीर सिंह,आरक्षक बालेश्वर तिवारी समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था। जिसके बाद मामलें में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट इनकी बर्खास्तगी आदेश पर स्थगन आदेश पुलिस विभाग को दिया है।