कही धर-पकड़, तो कही तगड़ी निगरानी में “पुलिस परिवार”

रायपुर। राजधानी में पुलिस परिवार द्वारा आयोजित महाधरना को रोकने प्रदेशभर के जिलों में कप्तान खुद कमान सम्हाले हुए है। पहले नोटिस, फिर बर्ख़ास्तगी और अब तत्काल सरकारी घर छोड़ने जैसे फरमान से पुलिस परिवार के आंदोलन को कुचलने में आला अधिकारी आमदा है। हालाँकि ये अफसर भी सरकार और अपने मुखिया की हुक्म अदाएगी में लगे हुए है। इधर सरकार की तरफ से भी कुछ आईएएस अफसर इस मामलें में फील्डिंग कर रहे है। खबर है कि अपने ही लोगो के हर पल की जानकारी लेने खुफ़िया विभाग का इस्तमाल किया जा रहा है। हर जिलों की पुलिस लाईन, पुलिस कॉलोनी और क्वाटर्स में पुलिस परिवार को नज़रबंद रखा गया है। वही कुछ जिलों में महिलाओं की गिरफ्तारी की भी खबरें है। रायपुर जिले की अगर बात की जाए तो पुलिस परिवार के धरना प्रदर्शन को रोकने जिले में तगड़ी तैयारी कर रखी है। एसएसपी अमरेश मिश्रा इसकी कमान सम्हाल रहे है। अमरेश ने अब तक 14 आरक्षकों को नोटिस ज़ारी कर दी है साथ ही कुछ एक की सेवा पुस्तिका पर भी एसएसपी ने लाल लक़ीर खींच दी है। इसके आलावा उन्होंने पुलिस लाइन के बगावती सुर को सम्हालने का जिम्मा आरआई गुरजीत सिंह को सौप रखा है। साथ ही किसी भी प्रकार के किसी प्रदर्शन, रैली, जुलुस, पदयात्रा को मुख्यमंत्री निवास के पहले ही रोकने तगड़ी बैरिकेटरिंग की गई है।

नहीं बनेगीआंदोलन की भूमिका-सीएम
इस मामलें में सूबा-ए-सदर डॉ रमन सिंह ने बेहद साढ़े हुए शब्दों में अपना बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये विषय महत्वपूर्ण है और प्रशासन इसे लेकर गंभीर है। डॉ सिंह ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इसको लेकर प्रयास किये हैं, बातचीत की कोशिश भी की जा रही है, ऐसे में मुझें नहीं लगता किसी भी आंदोलन की भूमिका बनेगी।