शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने में फ़ोकस हुए मुख्यमंत्री “रमन के गोठ” से की ये अपील…

रायपुर। रमन के गोठ कार्यक्रम के 35 वे कड़ी में मुख्यमंत्री ने शिक्षाकर्मियों से शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने की बात कही है। मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने रमन के गोठ कार्यक्रम के ज़रिए शिक्षाकर्मियों से कहा कि हमने शिक्षक के रूप में उनका संविलियन कर अपना काम किया है। अब मैं उनसे उनका आव्हान करता हूं कि वे शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर अपना पूरा ध्यान दें और अपनी लगन और मेहनत से संविलियन के फैसले की सार्थकता को साबित करें। मुख्यमंत्री ने शिक्षाकर्मियों के संविलियन के मुद्दे के साथ-साथ संचार क्रांति योजना और खेती-किसानी से जुड़ी योजनाओं पर भी बल दिया।
डॉ. सिंह ने नये शिक्षा सत्र में स्कूलों में नये प्रवेश लेने वाले सभी बच्चों को बधाई दी। साथ ही शिक्षक बिरादरी से बच्चों के मन में शिक्षा के महत्व और विषय की बारिकियों को अच्छे से बैठाने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा-हर स्कूल का वातावरण गुरूकुल की तरह होना चाहिए, जहां शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच आत्मीयता का संबंध हो। डॉ. सिंह ने अभिभावकों से भी निवेदन किया कि वे अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, उनके स्वस्थ मनोरंजन, खेल-कूद, स्वस्थ खान-पान और अच्छे संस्कारों के विकास का भी ध्यान रखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और शैक्षणिक प्रबंधन में एकरूपता लाने के लिए पंचायत शिक्षकों और नगरीय निकाय शिक्षकों का संविलियन अर्थात शासकीयकरण स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत निर्णय लिया गया है। पहले चरण में एक लाख 03 हजार ऐसे शिक्षकों का संविलियन किया जाएगा, जिनकी सेवाएं एक जुलाई 2018 को आठ साल पूरी हो चुकी हैं। इसके बाद अगले क्रम में आठ वर्ष पूर्ण करते जाने वाले शिक्षकों का भी भविष्य में संविलियन किया जाएगा।

मुफ्त में दी जाएंगी पुस्तकें
डॉ. सिंह ने कहा-प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था और उसके प्रबंधन के लिए कई निर्णय लिए गए हैं। प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों में शिक्षा विभाग के संभागीय कार्यालय भी शुरू किए जाएंगे। पहली से दसवीं कक्षा तक सभी बच्चों को दो करोड़ 63 लाख से ज्यादा पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा- इस वर्ष से राज्य के सभी विकासखण्ड मुख्यालयों और ऐसे नगर निगम क्षेत्रों में, जहां ब्लॉक मुख्यालय नहीं है, वहां 153 प्राथमिक और 152 पूर्व माध्यमिक स्कूलों का संचालन सीबीएसई पैटर्न पर किया जा रहा है।

समर्थन मूल्य के लिए दिया धन्यवाद
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा धान के समर्थन मूल्य में एक साथ एक ही बार में 200 रूपए प्रति क्विंटल की ऐतिहासिक वृद्धि किए जाने पर छत्तीसगढ़ के ढाई करोड़ लोगों और सभी किसान परिवारों की ओर से उनके प्रति आभार प्रकट किया है। डॉ. सिंह ने कहा-इससे किसानों को 1550 रूपए से बढ़कर 1750 रूपए समर्थन मूल्य के रूप में मिलेंगे। धान पर प्रति क्विंटल 300 रूपए का बोनस हम देते हैं। इस प्रकार इस बार की धान खरीदी में किसानों को प्रति क्विंटल 2050 रूपए मिलेंगे।

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