होटल, शॉपिंग मॉल में बोर्ड लगाना अनिवार्य, संचालक ही निगरानी रखेंगे

बिलासपुर जिले में धूम्रपान एवं तंबाकू मुक्त अभियान की हुई शुरूआत

बिलासपुर। जिले में कोटपा अधिनियम के तहत धूम्रपान एवं तंबाकू मुक्त अभियान की शुरूआत शासकीय कार्यालयों से कर दी गई है। धूम्रपान करते पाये जाने पर 200 रुपये का जुर्माना किया जायेगा। सभी शासकीय कार्यालयों के बाहर धूम्रपान रहित क्षेत्र का बोर्ड लगाया जायेगा। कलेक्टर डॉ.संजय अलंग ने टीएल की बैठक में विस्तृत जानकारी देते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

लोगों में जागरूकता लाने के लिये एन.सी.सी. के बच्चों एवं ट्रैफिक पुलिस के जवानों के के साथ मिल-जुलकर सभी चौक-चौराहों, बस स्टैण्ड, रेल्वे स्टेशन में धूम्रपान के नुकसान के बारे में जानकारी दी जायेगी। साथ ही शिक्षण संस्था कैम्पस से 100 गज के दायरे में किसी भी प्रकार का तंबाखू पदार्थ बेचना एवं सेवन करना अपराध होगा। सार्वजनिक स्थानों में शॉपिंग मॉल एंव सिनेमा हाल भी शामिल हैं, जिसमें धूम्रपान करना दण्डनीय अपराध है। इसकी निगरानी संबंधित संस्थान के मालिक, प्रोपाइटर, प्रबंधक या पर्यवेक्षक या संबंधित प्रभारी रखेंगे। इनके प्रवेश द्वारों पर स्पष्ट रूप से धूम्रपान रहित क्षेत्र का अनिवार्य रूप से लगाने कहा गया है।

ऐसे होटल जिसमें 30 कमरे हों या किसी रेस्तरा जिसमें 30 या उससे अधिक व्यक्तियों से बैठने की क्षमता हो। ऐसे स्थानों पर अलग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यहां डेंटिस्टों को तंबाकू खाने वाले मरीजों को नशामुक्ति के लिये काउंसिलिंग की ट्रेनिंग देने एवं डेंटीस्ट क्लीनिकों में इस तरह के मरीजों की जानकारी के लिये रजिस्टर संधारण करने कहा जायेगा, जिससे मरीजों के आंकड़ों के संबंध में सही जानकारी मिल सकेगी। बिलासपुर में वर्तमान में तीन जगहों पर नशामुक्ति केन्द्र संचालित हो रहा है। जिसमें जिला अस्पताल, त्रिवेणी डेंटल कॉलेज एवं न्यू होराईजन डेंटल कॉलेज शामिल हैं। जिला अस्पताल में मुफ्त इलाज भी किया जाता है।