न्याय पालिका लोकतंत्र का मज़बूत स्तंभ-डॉ रमन

रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने न्याय पालिका को लोकतंत्र का सबसे मज़बूत स्तंभ बताया है। उन्होंने ये भी कहा कि सरकार इसे और भी मज़बूत बनाने वचनबद्ध है। ये बातें मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने बिलासपुर में बने राज्य अधिवक्ता परिषद के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण समारोह के दौरान कही। इस भवन का लोकार्पण सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता ने किया।
मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि नये वकीलों को अपने कैरियर के शुरूआती दौर में कई व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। राज्य सरकार ने उनकी इन दिक्कतों को महसूस करते हुए उनके लिए स्टायफंड की भी व्यवस्था करेगी। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की आकस्मिक मृत्यु होने पर उनके परिवार को बीमा के रूप में तीन लाख रूपए की सहायता देने का प्रावधान भी जल्द किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने नये भवन के कार्यालय में फर्नीचर और अन्य जरूरी वस्तुओं के लिए 30 लाख रूपए का स्वेच्छानुदान स्वीकृत करने की घोषणा की। डॉ. सिंह ने कहा कि बहुत जल्द छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में ई-लाईब्रेरी की भी सुविधा दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश के अधिवक्ताओं के प्रशिक्षण के लिए वहां अधिवक्ता अकादमी की भी स्थापना की जाएगी। उन्होंने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति अजय कुमार त्रिपाठी से आग्रह किया कि प्रस्तावित अधिवक्ता अकादमी का स्वरूप कैसा हो, इस बारे में वह सरकार को अपने सुझाव दें, ताकि उन सुझावों के अनुरूप अकादमी की स्थापना की जा सके।

बेंच और बार न्यायपालिका के दो पहिए-दीपक गुप्ता
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता ने समारोह में कहा कि बेंच और बार न्यायपालिका रूपी रथ के दो पहिए हैं। न्यायिक सेवाओं का लाभ जनता को दिलाने के लिए दोनों पहियों का साथ चलना जरूरी है। गुप्ता ने कहा-भारतीय संविधान का पालन सुनिश्चित करना सरकार और न्यायालय दोनों का उद्देश्य होता है। उन्होंने कहा-जब मैं यहां छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश था, उन दिनों मुझे सभी लोगों से भरपूर सहयोग मिला। गुप्ता ने छत्तीसगढ़ को अपने परिवार की तरह बताते हुए कहा कि जब भी मुझे यहां से कोई आमंत्रण मिलता है, मैं उसे एक आत्मीय आदेश मानकर चला आता हूं।