बस्तर में बढ़ेगी जवानों की ताक़त, तीन एमपीवी खरीदने टेंडर ज़ारी


रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने 2022 तक नक्सलियों के खात्मे का लक्ष्य रखा है। ऐसे में सरकार अब जवानों को और भी सशक्त और मज़बूत बनाने की तैयार में है। इस तैयारी में सरकार ने तीन माइंस प्रोटेक्टिव व्हीकल खरीदने टेंडर जारी किया है। इस टेंडर में वर्तमान में चल रहे एमपीवी से ज़्यादा कैपेसिटी और सुरक्षित वाली गाड़ियां खरीदी जाएंगी। जिसमे तमाम अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ नक्सलियों के हर हमले की जवाबी कार्यवाही का माद्दा होगा। साथ ही किसी भी तरह के ब्लास्ट और एम्बुश को झेलने की क्षमता इस गाडी में होगी।  इन तीनों गाड़ियों को विभाग बस्तर में देने की तैयारियां कर रही है।
गौरतलब है कि पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा सरकार माओवादियों पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। हाल ही में छत्तीसगढ़, महराष्ट्र और तेलंगाना बॉर्डर पर अलग-अलग ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर माओवादियों को मार गिराया है। इसके अलावा बड़ी संख्या में माओवादी व समर्थकों ने आत्मसमर्पण भी किया है। इससे पुलिस व सुरक्षा बलों का आत्मविश्वास बढ़ा है।

हाल ही में उड़ाया था एमपीवी
13 मार्च को सुकमा के किस्टाराम-पैलोडी मार्ग पर आईईडी ब्लास्ट कर माओवादियों ने माइन प्रोजेक्टेड व्हिकल को उड़ा दिया था। इसमें सीआरपीएफ के 9 जवान शहीद हो गए थे। घटना के बाद एमपीवी को लेकर भी कई तर्क भी दिए जा रहे थे, मगर सरकार अब इनसे और भी कही ज़्यादा सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं वाली माइंस प्रोटेक्टिव व्हीकल खरीद रही है।