“नो-प्लास्टिक” के लिए लगाई प्रदर्शनी, खेला नाटक


रायपुर। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा नो-प्लास्टिक पर सघन जन-जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। इसके अन्तर्गत रायपुर के तेलीबांधा तालाब में 3 दिवसीय प्रदर्शनी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी में प्लास्टिक के उपयोग के दुष्परिणामों को रोचक पोस्टरों के ज़रिए दिखाने की कोशिश की गई है। प्लास्टिक का सबसे घटक असर समुद्री जीव जन्तुओं के साथ गाय पर पड़ता है। इसके आलावा जमीन की कम होती उर्वरा शक्ति एवं प्लास्टिक को जलाने से निकलने वाली विषैली गैसों के संबंध में भी पोस्टर प्रदर्शित किये गये। यह प्रदर्शनी आज और कल यानी 23 एवं 24 अप्रैल को भी रहेगी। पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि 22 अप्रैल को तेलीबांधा तालाब में आयोजित प्रदर्शनी में नागरिकों को प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने की शपथ भी दिलाई जा रही है। शपथ लेने वाले व्यक्तियों को कपड़े के थैले मंडल द्वारा वितरित किये गये। इस अवसर पर भारतमाता इंग्लिश मीडियम स्कूल, बिलासपुर के इको क्लब के बच्चों द्वारा नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन किया गया। बच्चों द्वारा जन-जागरूकता संबंधी संदेश देने के लिए बहुत बड़ी पेन्टिग भी तैयार की गई। आम जनता के लिए शार्ट फिल्मस् का प्रदर्शन भी किया गया।

मॉल में भी चला रहे अवेयरनेस कैंप
पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा मैरीन ड्राईव के अलावा शहर के मैग्नेटा मॉल, सिटी सेंटर पंडरी एवं अंबुजा मॉल में प्लास्टिक के कैरी बैग्स सहित अन्य प्लास्टिक के दुष्प्रभावों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए नो-प्लास्टिक पर पोस्टर लगाये गये। यहां भी जन-जागरूकता के लिए शार्ट फिल्मस् का प्रदर्शन किया गया। मॉल्स में मंडल के स्टाल भी 3 दिन के लिए लगाये गये हैैं।