पत्थलगड़ी : 21 बिंदुओं पर जांच करेगी जोगी कांग्रेस


रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ द्वारा पत्थलगड़ी मामलें जांच के लिए बनाई गई टीम ने अपने 21 बिंदु तैयार किये है। अब जांचदल इन बिंदुओं पर ही पुरे मामलें की रिपोर्ट तैयार करेगी। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रवक्ता सुब्रत डे ने बताया कि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अजीत जोगीं ने 11 सदस्यीय प्रतिनिधी मंडल जाँच हेतु नियुक्त किया है । जो कल दोपहर जशपुर जिले के बगीचा ब्लाक स्थित गांवों का दौरा करेगा, प्रभावितो से मिलकर जाँच के बिन्दुओ पर अपनी रिपोर्ट बनाकर पार्टी अध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट जल्द सौपेगा।

इन बिंदुओं पर होगी जांच

1. जशपुर क्षेत्र के आदिवासियों द्वारा किसके नेतृत्व में पत्थरगढ़ी अभियान चलाया जा रहा है, तथा उनके साथ में कितने सामाजिक कार्यकर्ता जुडे है, नाम पता मोबाईल नंबर सहित।

2. आदिवासियों की प्रमुख मांग क्या है? विवरण सहित।

3. आदिवासियों द्वारा यह मांग कितने वर्षो से की जा रही है, सामाजिक कार्यकर्ताओं के आलावा किन-किन राजनीतिक पार्टियों का समर्थन है या था तथा वर्तमान में क्या स्थिति है?

4.पत्थरगढ़ी अभियान में कितना प्रतिशत सामाजिक हित है, और कितना प्रतिशत राजनीतिक हित है, विवरण सहित?

5. पत्थर में लिखे गए विषय का आशय क्या है? व क्षेत्र में कुल कितने ग्रामों में किन-किन स्थानों में पत्थर लगाये गए है, पूर्ण विवरण सहित जानकारी।

6. टीम के सभी माननीय सदस्यगण ग्रामीणों से अलग-अलग प्रश्न पुछेंगे, प्रश्नो के उत्तर ग्रामीणों द्वारा दिये जाने पर लिखित में दर्ज करेंगें ।

7. इस अभियान के तहत किन किन सामाजिक कार्यकर्ताओं की किन-किन धाराओं के तहत गिरफ्तारी की गई और गिरफ्तारी का क्या कारण है। कार्यकर्ता का नाम, पद जाति का उल्लेख सहित।

8. क्या बिगत 1 वर्ष में आम जनता द्वारा जनहित में कोई आंदोलन/बिरोध प्रदर्शन/मांगों के समर्थन में जुलूस/ज्ञापन सौपा गया है।उस पर शासन/प्रशासन की क्या प्रतिक्रिया रही।

9. ज़िला प्रशासन द्वारा सद्भावना यात्रा में सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए क्या क्या व्यवस्था की गई थी।

10. क्या पथलगाढी प्रकरण में गिरफ्तार व्यक्तियो को जेल में आवश्यक मूल भूत सुविधाएं दी जा रही हैं?

11. शासकीय कर्मचारियों को बंधक बनाने की बात का सत्यापन ।

12. विवाद किन विषयों व किन कारणों से उत्पन्न हुआ ।

13. विवाद को उत्पन्न करने वालो के ऊपर कार्यवाही क्या हुई ।

14. क्या गाँव के / ग्राम सभा के संवैधानिक / वैधानिक अधिकारों का हनन हुआ है? अगर हुआ है तो किसने किया है?

15. क्या अनुसूचित क्षेत्रों की प्राकृतिक सम्पदा का नियमों के अन्यत्र स्थानांतरण करा गया है? अगर किया गया है तो किसको?

16. क्या विगत कुछ वर्षों में अनुसूचित क्षेत्रों के रहवासियों के विरुद्ध प्रशासन द्वारा दर्ज दंडात्मक प्रकरणों में अस्वाभाविक वृद्धि हुई है?

17. क्या इसको कुछ संगठनों द्वारा राजनीतिक स्वार्थ के लिए सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है? अगर हाँ, तो किसके द्वारा ?

18. क्या अनुसूचित क्षेत्रों के रहवासियों को उनके जल जंगल और ज़मीन के बदले शासन द्वारा उचित मुआवज़ा, नौकरी और पुनर्स्थापन की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है?

19. क्या शासन द्वारा संचालित शिक्षा, स्वास्थ और वित्तीय सेवाओं का सुचारु रूप से अपेक्षित लाभ अनुसूचित क्षेत्र के रहवासियों को मिल रहा है?

20. क्या ये पूर्णत सामाजिक मुहिम है या फिर इसमें कुछ धार्मिक संस्थाएँ अथवा संगठन भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सम्मिलित हैं?

21. क्या पत्थरगड़ी में वर्णित बातें संवैधानिक प्रावधानों का सही प्रदर्शन हैं?