फसल बीमा में क्षतिपूर्ति राशि के भुगतान में धांधली, किसानों ने घेरा कलेक्टर कार्यालय

दुर्ग । सूखे के कारण जिले में धान की फसल को हुई व्यापक क्षति के बावजूद वास्तविक क्षति की तुलना में बीमा दावा राशि के भुगतान से वंचित और कम राशि के भुगतान से आक्रोशित जिला के सैकड़ों किसानों ने छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के नेतृत्व में आज दुर्ग कलेक्टरेट में जमकर प्रदर्शन किया, किसान इस बात से नाराज हैं कि बीमा कंपनियों द्वारा सरकार के साथ हुए करार का उल्लंघन किया जा रहा है,बीमा दावा राशि के भुगतान से बचने के लिए वास्तविक उपज की गणना में धांधली की जा रही है जिसके कारण अनेक गांव बीमा दावा राशि से वंचित रह गए हैं और किसानों को प्रति हेक्टेयर 10 हजार रुपये तक का नुकसान हो रहा है, करार के अनुसार वास्तविक उपज की गणना चांवल के रूप में किया जाना है जबकि बीमा कंपनियां वास्तविक उपज की गणना धान के रूप में कर रही है और ऐसा करके वास्तविक उपज को 35% अधिक दर्शाया गया है,
छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम अपर कलेक्टर मोटवानी को ग्यापन देकर करार का पालन करने और उपज की वास्तविक क्षति की गणना करके बीमा दावा राशि का भुगतान कराने की मांग की है,
छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन ने इस बात पर नाराजगी व्यक्त किया है कि सूखा राहत की सर्वे सूची को सार्वजनिक नहीं करके शासन प्रशासन किसानों से वास्तविकता को छिपाना चाहती है, इसी प्रकार बीमा के लिये फसल कटाई प्रयोग के आंकड़ों को भी गोपनीय रखा गया है ,किसान सूखा राहत और फसल बीमा के मामलों में पारदर्शिता लागू करने की मांग अपर कलेक्टर से किया है, इसके अलावा किसानों में इस बात के लिए भी आक्रोश था कि सूखा राहत और फसल बीमा की जानकारी लेने पटवारी कार्यालय और तहसील कार्यालय जाने वाले किसानों को अपमानित करके भगा दिया जाता है,
किसानों ने मानस भवन से कलेक्टर कार्यालय तक बाईक रैली निकालकर नारेबाजी करते हुए जबरदस्त प्रदर्शन किया ।