चुनाव आयोग ने दिया “कोई मतदाता न छूटे” का नारा


रायपुर। छत्तीसगढ़ चुनाव आयोग ने हर मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक पहुंचाने के लिए जद्दोजहद कर रही है। इसी तारतम्य में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा एक दिवसीय राज्य स्तरीय विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस विचार गोष्ठी में आयोग ने “कोई मतदाता न छूटे” का नारा दिया। विचार गोष्ठी में दिव्यांगजनों का मतदाता सूची में पंजीयन एवं मतदान के दौरान उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ज़ोर दिया गया। दिव्यांगजनों के लिए मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाने आए सुझावों पर भी चर्चा की गई। जिसमें अस्थिबाधित दिव्यांगजन व्हील चेयर सहित मतदान केन्द्र में प्रवेश कर सकें, इसके लिए दरवाजों की पर्याप्त चौड़ाई रखी जाए। दिव्यांग मतदाताओं को मतदान के दौरान कतार में न खड़ा कर उनको प्राथमिकता से मतदान कराया जाना। श्रवणबाधित दिव्यांगजनों को मतदान अधिकारियों के निर्देशों को समझाने के लिए मतदान दल में साइन लेंग्वेज को समझने वाले अधिकारी को भी शामिल किया जाए। दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों को स्वतंत्र मतदान करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बैलेट यूनिट में अभ्यर्थियों के नाम और प्रतीक चिन्ह ब्रेल लिपि में उपलब्ध कराया जाना चाहिए। दिव्यांग मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया के संबंध में छद्म मतदान के द्वारा प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक पहुंचाने के लिए सामाजिक संस्थाओं (गैर राजनैतिक संस्था) के माध्यम से परिवहन सुविधा उपलब्ध कराया जाना चाहिए। मतदाता सूची में दिव्यांग मतदाताओं की जानकारी एकत्रित कर उनकी दिव्यांगता के अनुरूप मतदान केन्द्रों में आवश्यक सुविधा मुहैया कराई जाए। निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाईट को दिव्यांग फ्रेंडली बनाया जाना चाहिए। मतदाता सूची में दिव्यांग मतदाताओं का नाम जुड़ सकें, इसके लिए बूथ लेवल अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण और उनका उन्मुखीकरण किया जाना चाहिए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आगामी निर्वाचनों में आयोग के निर्देशानुसार दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष इंतजाम सुनिश्चित किए जाएंगे, ताकि वे सुगम तरीके से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।