जब अचानक बालगृह पहुंचे संचालक राजेश सिंह राणा…


कांकेर। महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक राजेश सिंह राणा ने कांकेर जिले के विभागीय संस्थाओं में अचानक दबिश दी। राणा सबसे पहले कांकेर जिले के माझापारा स्थित स्वाधार गृह पहुंचे, जहाँ उन्होंने विभाग द्वारा दी जारी सुविधाओं का हाल जाना। निरीक्षण के दौरान वहां निवासरत महिलाओं की मांग पर राणा ने तुरंत प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों और कंप्यूटर प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए। उन्होंने महिलाओं को स्वरोजगार हेतु प्रेरित करने के लिए उनकी रुचि के अनुसार कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण देने की नियमित व्यवस्था करने की बात भी कही। राणा ने स्वाधार केंद्र में बिजली चली जाने की स्थिति में इनवर्टर ,शुद्ध पेय जल हेतु आर०ओ० लगाने भी कहा। गौरतलब है कि वर्तमान में कांकेर स्थित स्वाधार गृह में 23 महिलाएं और 03 बच्चे निवासरत हैं। संकटग्रस्त महिलाओं के पुनर्वास हेतु केंद्र सरकार की इस योजना के तहत प्रदेश के तीन जिलों सरगुजा ,बिलासपुर और कांकेर जिलों में स्वाधार गृहों का संचालन किया जा रहा है।
इसके बाद राणा ने सिंगारभाट में संचालित बालगृह (बालिका) का निरीक्षण किया। वहां उन्होंने निवासरत 38 बच्चियों से मुलाकात की । उन्होंने बच्चियों की रुचि और दैनिक दिनचर्या के बारे में जानकारी ली। राणा ने बाल गृह परिसर में उद्यानिकी विभाग के सहयोग से किचन गार्डन और बच्चियों के मनोरंजन हेतु एल०ई०डी० टेलीविजन,इंडोर और आउटडोर खेलों हेतु स्पोर्ट्स किट भी खरीदने कहा है। इस दौरान श्री राणा ने बालिका गृह के भडांर गृह, बच्चों के शयन कक्ष , रसोई कक्ष व कार्यालय का निरीक्षण भी किया। राणा ने बालक कल्याण समिति के सदस्यों की बैठक ली और जिले में बच्चों से जुड़े मामलों ,पोक्सो एक्ट एवं बाल तस्करी आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा की।