Big Breaking : मुकेश गुप्ता की गिरफ्तारी पर लगी रोक

हाईकोर्ट से निलंबित मुकेश गुप्ता को मिली बड़ी राहत

बिलासपुर / रायपुर। लगातार मुश्किलों से घिरे निलंबित डीजी मुकेश गुप्ता को हाईकोर्ट ने एक बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने भिलाई में दर्ज FIR पर मुकेश गुप्ता की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। हाई कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से आगामी 1 हफ्ते के लिए रोक लगाई है। गौरकरने वाली बात ये है कि हाईकोर्ट ने यह फैसला मुकेश गुप्ता की केस डायरी पेश होने से पहले ही लिया है। हालांकि इस मामले में एक हफ्ते बाद दोबारा सुनवाई का समय मुक़र्रर किया गया है। आईपीएस मुकेश गुप्ता
गौरतलब है कि नागरिक आपूर्ति निगम और फोन टैपिंग के कथित मामले में मुकेश गुप्ता पर अपराध दर्ज किए गए। जिसकी वजह से डीजे मुकेश गुप्ता को निलंबित भी किया गया है। इतना ही नहीं गुप्ता पर ईओडब्लू और विभागीय जांच भी जारी है। भिलाई में जो अपराध दर्ज हुआ था, उसमें मुकेश गुप्ता पर धोखाधड़ी समेत कई अन्य धाराओं के तहत अपराध कायम किया गया था।

माणिक मेहता की शिकायत पर दर्ज़ हुआ अपराध
माणिक मेहता की शिकायत के बाद मुकेश गुप्ता पर सुपेला थाना में यह एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसमें मेहता ने शिकायत की थी कि गुप्ता ने साल 1998 के जून महीने में दुर्ग पुलिस अधीक्षक रहते हुए अपने प्रभाव से धोखाधड़ी की है। जिसमें भिलाई साडा में पदेन सदस्य रहते “मोतीलाल नेहरू आवासीय योजना” में ब्लॉक क्रमांक 67, भूखंड क्रमांक 5, कुल 540 वर्ग मीटर के आवंटन को अपने नाम से प्राप्त किया था।

आईपीएस मुकेश गुप्ता              मेहता ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि मुकेश गुप्ता ने 9 जून 1998 को कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर 2928 वर्ग फुट के आबंटित भूखण्ड के स्थान पर, उससे लगभग दोगुने भूखण्ड ( 5810.40 वर्ग फुट ) की 11 जून 1998 को रजिस्ट्री अपने नाम से करवा ली थी। जबकि चेक की राशि 13 जून 1998 को जमा हुई थी। यानी कि बिना पैसे दिए ही मुकेश गुप्ता ने विघटित हो चुके साडा से अपने नाम उक्त जमीन करवा ली थी।