पूर्व कलेक्टर ओपी चौधरी को हाईकोर्ट से मिली राहत, जांच पर रोक…

दंतेवाड़ा में ज़मीन के मामलें में दायर की गई थी याचिका

बिलासपुर। कलेक्टरी की छोड़ राजनीति शुरू करने वाले पूर्व आईएएस अधिकारी और वर्तमान भाजपा नेता ओपी चौधरी को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। चौधरी के खिलाफ राज्य सरकार ने एक जांच प्रदेश के सीनियर आईएएस सीके खेतान की अध्यक्षता वाली कमेटी को सौंपी थी। इस जांच में हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। इस जांच को लेकर चौधरी ने हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आज इस जांच को रोकने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही सर्कार से इस मामलें में जवाब भी तलब किया है।
गौरतलब है कि वर्तमान की भूपेश सरकार ने यह आरोप लगाया है कि पूर्व आईएएस ओपी चौधरी जब दंतेवाड़ा में कलेक्टर थे, उस वक्त जमीन की अदला बदली में को लेकर नियमों को दरकिनार करने का आरोप उन पर लगा था। जिसमें हाईकोर्ट ने इस मामले में 15 सितंबर 2016 को एक रिट याचिका पर सुनवाई कर राज्य सरकार को जांच करने का आदेश दिया था। तब तत्कालीन सरकार ने जस्टिस टीपी शर्मा को इस मामले की जांच सौंपी थी, जो वर्तमान में जारी बताई जा रही है।

इधर सुबे में कांग्रेस की सरकार आते ही 29 मई को पुरानी जांच के चलते हुए भी एक नई जांच समिति सीके खेतान की अध्यक्षता में बना दी गई थी। जिसके बाद इस कमेटी को ओपी चौधरी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस पी सैमकोशी ने राज्य सरकार की उस समिति की जांच को रोका है, जिसमें सीके खेतान अध्यक्षता कर रहे है।

सरकार से माँगा है जवाब
हाई कोर्ट ने सरकार से इस मामले में जवाब भी तलब किया है। अब भूपेश सरकार इस मामले में अपना जवाब हाईकोर्ट के समक्ष रखेगी। इस मामले की अगली सुनवाई के लिए बिलासपुर उच्च न्यायालय ने 6 नवंबर की तारीख मुकर्रर की है।