अवैध रेत खननः लामबंद ग्रामीणों के कब्जे में हाइवा-कार

सूचना के बाद भी नहीं पहुचे अफसर-ग्रामीण

बैकुंठपुर। कोरिया जिले के भरतपुर तहसील के मवई में खनिज विभाग द्वारा रेत तस्करी शिकायत न मिलने का दावा और पुलिस प्रशासन का रवैया तब सामने आ गया जब बीती रात अवैध रेत खनन के लिए निकले हाइवा ट्रकों को लामबंद ग्रामीणों ने रोक लिया। कुछ हाइवा भाग निकले पर रेत तस्कर की कार समेत एक हाइवा को ग्रामीणों ने अपने कब्जे में ले लिया। ग्रामीणों की माने तो रेत तस्कर के बुलावे पर पहुंची पुलिस ने न केवल उन्हें धमकाया एक की पिटाई भी कर दी। कुछ मिनटो में जब सोशल मीडिया पर यह सब तैरने लगा तो पुलिस रेत तस्कर समेत भाग निकली। आज सुबह फिर अफसरों को इत्तला कर ग्रामीण कार्रवाई का इंतजार कर रहे थे। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज शुक्ला का कहना था कि उन्हें इस तरह की कोई सूचना नहीं मिली है।


जानकारी के अनुसार कोरिया जिले का भरतपुर तहसील अवैध रेत के मामले में बीते 7 महीने से सुर्खियों में है, यहां की नदियों में प्रतिबंधित समय होने के बाद भी अवैध रेत उत्खनन जारी रहा, वही आज सुबह घुघरी स्थित मवई नदी से रेत निकालने पहुंचे रेत तस्करों को देर शाम से ही घेरने ग्रामीण इकठ्ठा होने लगे, दर्जनों की संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने रात 9.30 पर हाइवा को रेत ले जाने से मना किया, जिसके बाद बवाल मच गया, कुछ हाइवा धीरे धीरे खिसकने लगे, जबकि एक हाइवा को ग्रामीणों ने अपने कब्जे में ले लिया। वही ग्रामीणों के अनुसार एक कार जिसका नंबर सीजी04 एचडी 6987 है वो रेत के ठेकेदार की बताई जा रही है उसे भी रोक रखा है। ग्रामीण भरतपुर से अधिकारियों का इंतज़ार कर रहे है ताकि उन वाहनों को सुपुर्द कर कार्यवाही करवाई का सके। वही पूरे दिन ग्रामीणों ने अधिकारियों को मौके पर बुलाने का प्रयास किया परंतु कोई भी अधिकारी मौके पर नही पहुंचा। ग्रामीणों की जागरूकता के लेरण फिलहाल रेत के अवैध कारोबार पर एक बार फिर ब्रेक लग गया है।

पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को धमकाया
ग्रामीणों की मानें तो रेत तस्कर के बुलावे पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को धमकाना शुरू कर दिया, एक व्यक्ति की जमकर पिटाई भी कर दी, वही पुलिस के आते ही ठेकेदार ग्रामीणों पर गुर्राने लगा, ग्रामीणों को तंज कसते हुए कहा कि कहां है उनका लाठी डंडा, वो रेत निकलेगा, चाहे जिसको जहां शिकायत कर दो, पुलिस ने ग्रामीणों को मीडिया को कुछ भी नही बताने को कहा और बताने पर कड़ी कार्यवाही करने की धमकी दी। कुछ देर बाद सोशल मीडिया पर ग्रामीणों पर पुलिसिया कार्यवाही तैरने लगी, तो पुलिस ठेकेदार भाग निकले।