Indian Railway : SECR ने 1183 कोचों में लगाये 4188 बायो-टायलेट

यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रयास

बिलासपुर। देश दुनिया की बेहतरीन तकनीक का उपयोग रेलवे यात्री सुविधा के लिए लगातार कर रहा है इन्ही तकनीकों में से एक है रेलवे का बायो-टॉयलेट। देशभर में चल रही ट्रेनों के कोच में रेलवे बायो-टॉयलेट लगाने का काम भी कर रही है। जिससे देशभर में पटरियों और रेलवे स्टेशनों को साफ़ सुथरा रखा जा सकें। बिलासपुर जोन में बाईट महीने तक के आंकड़ों में अगर नज़र घुमाई जाए तो 1183 कोचों में 4188 बायो-टैंक इंस्टाल किए जा चुके है। इसके आलावा SECR ने अपने जॉन से चल रही बाकी सभी ट्रेनों में बायो टॉयलेट टैंक लगाने के काम काज में तेज़ी लाई है।
गौरतलब है कि भारतीय रेलवे एवं रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने एक साथ मिलकर बॉयो-टायलेट का विकास किया है। यह बॉयो-टायलेट पर्यावरण के अनुकुल है इसमें मानव अवशिष्ट 6 से 8 घंटे में हानि रहित पानी और गैस में तब्दील होकर वातावरण में मिल जाता है । इसमें सीधे टैंक से डिस्चार्ज नही होता है । जिससे स्टेशन एवं पटरी के आस पास स्वच्छता बनाये रखने में आसानी होती है ।

पर्यावरण संरक्षण के लिए रोपे पौधे
न सिर्फ बायो टॉयलेट बल्कि एसईसीआर पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण भी बड़ी मात्रा में करता है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने पिछले 5-7 वर्षो में लाखो पौधे रोप है। मिली जानकारी के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2015-16 में 2 लाख 73 हजार, 2016-17 में 9 लाख 34 हजार, 2017-18 में 4 लाख और साल 2018-19 में 6 लाख 18 हजार से भी ज़्यादा पौधे रोप जा चुके है। साल 2019-20 यानी चालू वित्तीय वर्ष में एसईसीआर ने 8 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है।