नवरात्री : शुरू हुआ ज्योत जवारा का विसर्जन युवाओं ने धारण किया सांग

जसगीत की धुन पर विसर्जन के लिए निकले श्रद्धालु

रायपुर। नवरात्रि में 9 दिनों तक मां दुर्गा की पूरी श्रद्धा के साथ पूजा पाठ की जाती है। इन 9 दिनों में मां जगदम्बे के नौ स्वरूपों की पूजा अर्चना होती है। जिसके बाद रामनवमी के दिन नवरात्र में प्रज्ज्वलित मनोकामना ज्योति का विसर्जन किया जाता है।

                       मनोकामना ज्योति के साथ जवारे का भी विसर्जन होता है। इस विसर्जन के लिए श्रद्धालु मां भगवती को खुश करने जस-गीत, भजन और बाजे गाजे के साथ निकलते हैं। और पूरे खुशी के साथ मनोकामना ज्योति और जवारे का विसर्जन पूरे विधि विधान से किया जाता है। इस विसर्जन के दौरान मनोकामना मांगने के लिए और पूरी होने पर युवा सांग भी धारण कर शौर्य प्रदर्शन करते हैं। शक्ति स्वरूपा मां भगवती के मंदिरों और घरों में प्रज्ज्वलित ज्योतों के विसर्जन के दौरान यह शौर्य प्रदर्शन किया जाता है। जिसमें बच्चे बूढ़े और जवान युवक अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए सांग का धारण करते हैं।

क्या है सांग
नौ दिन तक मां भवानी की विधिविधान से पूजा अर्चना के बाद विसर्जन के दिन सांग धारण करने का रिवाज़ है। 5 फिट से 20 फिट तके लम्बे सरिया के दोनों और पतली नोक बनाई जाती है। जिसमें एक तरफ लोहे का चक्र और त्रिशूल लगा होता है। और दूसरी तरफ से इसे युवा अपने गालों में छेद कर धारण करते है। साथ ही दूसरी छोर से उसका साथ देने एक अन्य व्यक्ति उसको पकड़ते है। सांग धारण करने के बाद विसर्जन के दौरान ये सभी युवा अपना शौर्य प्रदर्शन भी करते है।