दंतेवाड़ा मुठभेड़ : शहीद हुआ था कैलाश नेताम, कंधे में फसीं थी गोली

पुलिस अफसरों ने हार्ट अटैक से बताई थी मौत

दंतेवाड़ा। मंगलवार को कटेकल्याण थाना क्षेत्र में हुए माओवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान डीआरजी के जवान कैलाश नेताम की मौत हार्ट अटैक से नहीं बल्कि नक्सलियों की गोली लगने से हुई थी। इस बात का खुलासा आज पोस्टमार्टम के दौरान हुआ है। दरअसल जवान ने मुठभेड़ के दौरान अपने साथियों से सीने में तेज़ दर्द की बात कहीं थी और फिर मौके पर ही अपने प्राण त्याग दिया था। मुठभेड़ खत्म होने के बाद उसके शव को साथियों ने उठाकर कैंप लाया, और पीएम के लिए पंचनामा तैयार कर रवाना कर दिया।

                  जब जवान कैलाश नेताम नेताम का पीएम से पहले एक्स-रे किया गया तब उसके सीने में गोली नज़र आई जिसके बाद पुरे मामलें का खुलासा हुआ। चिकित्सकों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने कहा गोली जाँघ की हड्डी से टकराई और फिर उसकी दिशा घूम गई थी। दिशा बदलने से गोली अंदर ही अंदर किडनी, लीवर और हार्ट को भेदते हुए कंधे पर फँस गई। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने जब अंदुरनी चोट देखने एक्सरे किया तब ये बात सामने आई है। दंतेवाड़ा एसपी ने ये भी कहा कि गोली जिस जगह पर लगी वहाँ से ख़ून का रिसाव नही हुआ, और जवान कैलाश नेताम सीने पर हाथ रख कर दर्द की बात बताते हुए अचेत हुआ था। जिसकी कटे कल्याण में मृत्यु की पुष्टि हुई तब शुरुवाती खबर यही आई थी के उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई है।