राजधानी दशहरा में पुलिस ने नहीं किया हर्ष फायर, पर कोरिया रैली में फ़ायरिंग

अब कार्यवाही के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

बैकुंठपुर। दशहरा पर शस्त्र पूजन के बाद भले ही रायपुर पुलिस ने हर्ष फायर केवल सुरक्षा के लिहाज़ से नहीं किया, मगर सैकड़ों लोगो के साथ निकली बाईक रैली में अपना जलवा दिखने के लिए खुले आम बंदूके चलाई गई। हैरानी कि बात ये है इस मामलें में पुलिस ने अब तक कोई भी कार्यवाही नहीं की है। बैकुंठपुर में विभिन्न हिन्दू संगठनों ने विशाल बाईक रैली का आयोजन किया था। जिसमें सैकड़ों लोग शामिल रहे। इस रैली में शौर्य प्रदर्शन के साथ खुद का रुआब बताने न सिर्फ तलवारे और बंदूके हवा में लहराई गई बल्कि एयर फायर भी किया गया।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दशहरा के दिन बैकुंठपुर के प्रेमाबाग मंदिर में सुबह से ही लोगों का जुटना शुरू था। दोपहर में मंदिर परिसर से पूजा अर्चना कर दशहरा की विशाल रैली की निकाली गई। जिसमें भारी संख्या में युवा शामिल हुए। मंदिर परिसर से शुरू दशहर रैली मुख्य मार्ग से होकर चरचा कॉलरी पहुंची। जहाँ राम मंदिर में पूजा अर्चना की गयी इसके बाद रैली यही आकर समाप्त हो गयी। लेकिन इस बीच ही रैली में बंदूक लहरा रहे जोशीले युवकों ने एयर फायर कर दिया। इतना ही नहीं बल्कि डीजे की धुन पर ये युवा बंदूक लहराते नज़र आए। उल्लेखनीय है कि इस रैली में विधायक अंबिका सिंहदेव भी शामिल हुई थी। यह उनकी पहली दशहरा रैली थी।

देखा, डांटा और जाने दिया
बैकुंठपुर के प्रेमाबाग मंदिर परिसर से शुरू हुई दशहरा रैली के दौरान एक व्यक्ति जब अपनी ही पिस्टल से तीन चार हवाई फायर किया, तो उन्हें ड्यूटी में तैनात उप पुलिस अधीक्षक ने रोका और जमकर लताड़ा। फटकारते हुए डीएसपी ने उन्हें कार्यवाही की धमकी भी दी, लेकिन उसे जाने दे दिया। अब जब ये बात एसपी तक पहुंची तो साहब ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के आदेश जारी कर दिया है। आदेश के बाद पुलिस की एक टीम उक्त फायरिंग के फुटेज खंगालने में लगी हुई है।

सुरक्षा के लिहाज़ से बंद किया हर्ष फायर
इधर राजधानी पुलिस ने तक़रीबन पांच साल पहले ही शस्त्र पूजा के बाद किए जाने वाले हर्ष फायर पर रोक लगा दी थी। आला अधिकारियों का मानना है कि इस हर्ष फायर से अनजाने में कोई घटना घटित हो सकती है लिहाज़ा इसकी आशंका को देखते हुए पुलिस शस्त्र पूजन के बाद स्टाफ द्वारा किए जाने वाले हर्ष फायर पर भी रोक लगा दी थी।