अवैध कब्ज़ों से “आज़ाद हुआ राजधानी का कारी तालाब”

आयुक्त बोले- अब बदलेगी कारी तालाब की सूरत

रायपुर। शहर के पुराने तालाबों में से एक कारी तालाब आखिर कार आज आज़ाद हो गया। आज़ाद इसलिए क्यों की राज्य की राजधानी बनने के बाद आज पहली दफा निगम अमलें ने तालाब के अतिक्रमण को हटाकर आज इसे बेजा मुक्त किया है। कब्ज़ा हटने से सिकुड़ा हुआ ये तालाब अब वापस अपनी छाती चौड़ी कर तीन एकड़ में पानी से लबरेज़ नज़र आएगा।

                      इस काम के लिए नगर निगम की ज़ोन 5, अतिक्रमण रोधी दस्ते, आजाद चौक थाना और रायपुर स्मार्टसिटी लिमिटेड ने दो दिन की संयुक्त कार्यवाही में अवैध कब्ज़ा आज पूरी तरह से हटा दिया । आज हुई इस बड़ी कार्यवाही के संबंध में नगर निगम के सहायक अभियंता अंशुल शर्मा ने बताया कि इस तालाब से कब्जा हटाने पिछले दो दिन से कार्रवाई की जा रही थी। आज की इस कार्रवाई में निगम व स्मार्ट सिटी की टीम को लगाया गया था। उन्होंने बताया कि तालाब के दायरे में आने वाले एक मकान को भी हटाया गया है, अन्यत्र विस्थापन के बावजूद इसके भू स्वामी ने तालाब की भूमि पर अतिक्रमण कर रखा था।


तालाब को पाटकर लगातार हो रहे अतिक्रमण से कारी तालाब का क्षेत्रफल केवल 1 एकड़ के आसपास रह गया था। कारी तालाब के अतिक्रमण को हटाकर इसे 3 एकड़ तक बढ़ाया गया। इस बारिश से तालाब जल का संचय होगा। तालाब के चौड़ीकरण व गहरीकरण के साथ-साथ बारिश के जल को संचित करने के लिये रिटेनिंग वाल का निर्माण भी किया जा रहा है। तालाब के किनारे उद्यान विकसित कर हरियाली बढ़ाने हेतु भी कार्य किया जाएगा।उद्यान को मिलाकर तालाब का क्षेत्रफल अब लगभग 5 एकड़ हो जाएगा।                      कारी तालाबगौरतलब है कि रायपुर शहर में गंभीर जलसंकट का सबसे बड़ा कारण सूखते तालाब और गिरता भूजल स्तर है। महापौर प्रमोद दुबे के निर्देश पर आयुक्त शिव अनंत तायल के मार्ग दर्शन में स्मार्ट सिटी के साथ मिलकर नगर निगम तालाबों के संरक्षण व संवर्धन का दिशा में काम कर रहा है ‌। इसके तहत तालाबों को अतिक्रमण मुक्त करने के साथ ही वाटर रीचार्ज प्रणाली विकसित की जा रही है। इससे जहां तालाबों का संरक्षण और सौंदर्यीकरण होगा, साथ ही तालाबों में पानी के भराव से भू गर्भीय जल स्तर को बढ़ाने में मदद मिलेगी।