मानसून से पहले अपडेट हो रहा रायपुर रेल मंडल

इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन विभाग अपडेट

रायपुर। मानसून के समय में भी ट्रेनों का परिचालन बिना किसी रूकावट के अपनी पूरी रफ़्तार से निरंतर चलती रहे, इसके लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने मानसून के दो-तीन माह पहले से ही मानसून से सम्बंधित होने वाली परेशानियों के मद्देनज़र काम करना आरम्भ कर दिया है | मानसून के मद्देनज़र मुख्यतः इंजीनियरिंग विभाग, सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन विभाग, यांत्रिक एवं विद्युत् विभाग सीधे तौर पर प्रभावित रहते है, जिन्हें अत्यंत सावधानी पूर्वक काम करना होता है |

रद्द होने वाली गाड़ियांइंजीनियरिंग विभाग :- दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में भौगोलिक विविधता के कारण ट्रैक मेंटेनेंस का कार्य काफी चुनौती पूर्ण रहा है| दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग पर पूरे जोन के ट्रैक, ट्रैक पर निर्मित ब्रिजो और टनेलों आदि की सतत निगरानी करते रहने की, विशेषकर मानसून के दौरान रेल परिचालन को सुच्रूरु रूप से बनाए रखने की जिम्मेवारी होती है | यहाँ तीनो मंडलो के विभिन्न सेक्शनों में कई छोटे-बड़े नदी-नाले बह्ती है, यहाँ की ट्रैक जंगलों, बीहड़ों, बोग्दों, ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों के बीच से होते हुए गुज़रती है, इन विषम परिस्थियों के साथ हमारे कर्मठ रेल कर्मी सर्दी-गर्मी और बरसात सभी मौसम में तैनात रहते हुए चौबीसों घंटों सातों दिन एक-एक इंच पटरियों की पेट्रोलिंग करते हुए नगरानी करते रहते है —
• टैक पर गश्त लगाते हुए टैक के ऊपर एवं टैक से सटे झाड़ियों की छटाई की जाती है ताकी लोकोपायलट को दूर तक दिखाई दे सके |
• चाहे सर्दी-गर्मी हो या बरसात सभी मौसम में हमारे कर्मठ रेल कर्मी तैनात रहते हुए चौबीसों घंटों सातों दिन एक-एक इंच पटरियों की पेट्रोलिंग करते हुए निगरानी करते है और तराई एवं ब्रिजों के आसपास पानी की निकासी आदि के उपाय करते रहते है |
• विशेषकर घाटी वाले खण्डों पर बने बोगदों एवं टैक के दोनों ओर से घिरे खण्डों पर विशेष तौर पर निगरानी राखी जाती है ताकि कोइ बोल्डर खिसक कर टैक पर आकर न गिर जाये |
• सभी मंडलों की पटरियों पर बरसाती का पानी की निकासी बनाए रखने की आवश्यकता होती है, ताकी पानी का जमाव ट्रैक को कमज़ोर न कर दे |
• तीनो मंडलो के विभिन्न सेक्शनों में कई छोटे-बड़े नदी-नाले बह्ती है, यहाँ की ट्रैक जंगलों, बीहड़ों, बोग्दों, ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों से होकर गुज़रती है, ऐसे स्थानों के ब्रिजों के सावधिक रखरखाव के साथ साथ मानसून के समय विशेष रखरखाव किये जाते है और नदी-नालों के बहते पाने के जलस्तर पर भी सतत निगरानी राखी जाती है |
इस प्रकार इंजीनियरिंग विभाग पर पूरे जोन के ट्रेनों के परिचालन का विशेष भार होता है तथा यह विभाग अपने कार्य में हमेंशा से ही सजग रहा है |
वाणिज्य विभाग : वाणिज्य विभाग द्वारा भी मानसून के समय में विशेष कर गुड्स एवं पार्सल की ढुलाई के समय सावधानी बरती जाती है, ताकी मानसून के समय पर किसी ग्राहक का सामान खराब न हो –
• ढुलाई के लिए ग्राहक के द्वारा बुक किये गए गुड्स एवं पार्सल को बुकिंग से पूर्व सावधानी पूर्वक जांच किये जाने के एवं सामान को पर्याप्त तरीके से पैक करने के निर्देश जारी किये गए है |
• सामान पैकिंग पर मानसून से सम्बंधित मार्क का उल्लेख भी आवश्यक किया गया है ताकी उस पार्सल विशेष को हैंडल उस प्रकार से की जा सके |
• सभी अधिकृत एजेंटों को निर्देशित किया गया है कि मानसून के मद्देनज़र सभी सामानों की पैकिंग पर्याप्त तरीके से हो एवं RR एवं Invice में भी इन बातों का अनिवार्य रूप से उल्लेख हो |
• सभी गुड्स रैकों का सभी प्रकार के विभागीय चेकिंग एवं प्रमाणन सुनिश्चित होने के उपरान्त ही परिचालन की जाये |
• खाद्य सामग्रियों एवं खाद्यान्नों के साथसाथ सीमेंट की ढुलाई कव्हर्ड एवं बंद बैगानो द्वारा ही किया जाना चाहिए या फिर पर्याप्त रूप से तिरपालों से ढंके होने चाहिए |
• बुकिंग किये गए गुड्स एवं पार्सल गंतव्य तक पहुचते ही अविलम्ब ग्राहक को डिलेवर किया जाना चाहिए |
ट्रेनों के परिचालन में इंजीनियरिंग विभाग, सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन विभाग, यांत्रिक एवं विद्युत् विभाग सीधे तौर पर संलग्न रहते है, इसीलिए मानसून के पूर्व इंजीनियरिंग विभाग, वाणिज्य विभाग के साथ साथ सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन विभाग, यांत्रिक एवं विद्युत् विभाग भी अपने अपने विभाग से सम्बंधित मुद्दों पर सावधानी बरतते है ताकि मानसून के समय आपात स्थिति में उपयोग कर कम से कम समय में रेल परिचालन को सामान्य गति दी जा सके