यह इश्क है गालिब…20 रुपये के स्टाम्प पर लिख दिया

44 साल के शिक्षाकर्मी ने 22 साल की छात्रा को बनाया दूसरी पत्नी

जशपुर। इश्क़ पर ज़ोर नहीं है ये वो आतिश ‘ग़ालिब’. कि लगाए न लगे और बुझाए न बने। इश्क जो न कराए सो थोड़ा है। माशूका को रिझाने तमाम तरह के वादे किए जाते हैं। फिर शादी तक पहंचने तमाम तरह के उपाय । बात जशपुर जिले की है और माशूक का अंदाज भी अलहदा। शादीशुदा 44 साल के पेशे से शिक्षाकर्मी ने अपने से 22 साल छोटी अपनी पूर्व शिष्या से प्रेम संबंध स्वीकारते 20 रुपये के स्टांप पर लिख दिया कि इसे दूसरी पत्नी का दर्जा देता हूं। वैसे इस गुरूजी ने पहली पत्नी को तलाक नहीं दिया है।

जशपुर जिले में शिक्षकों के कारनामे सदैव चर्चा में रहते आ रहे हैं, चाहे पीकर स्कूल आने का हो, या फिर बच्चो को नये अंदाज में पढ़ाने का। ताजा मामला कुनकुरी थाना क्षेत्र का है, जहां एक हाई स्कूल में पदस्थ 44 वर्षीय शिक्षाकर्मी को चार माह पहले गांव की 22 वर्षीय युवती से प्यार हो गया,यह कभी उसकी शिष्या थी।

                 कहते हैं इश्क और मुश्क छिपाए नहीं छिपता है। यही हाल गुरूजी के साथ हुआ और गत 13, 14 अक्टूबर को परवान चढ़ रहा इश्क उजागर हो गया। गांव में बवाल मचा, लेकिन इश्क के सामने किसी की जोर नहीं चली। परिजनों ने नाराजगी दिखाई और गुरूजी की खातिरदारी भी की गई। युवती के परिजनों का दबाव इस कदर बना कि अगले दिन कुनकुरी जाकर गुरूजी ने शपथ पत्र बकायदा नोटरी करवाकर दे दिया, जिसमें यह कहा गया ​है कि वह लड़की को दूसरी पत्नी के रूप में हक देगा।

बताया जाता है कि जब मामला उजागर हुआ तो गांव में करमा का त्यौहार चल रहा था, जिसमें ये प्रे​मी जोडे का मिलन हो रहा था। जानकारी मिलते ग्रामीण भड़क गए और गांव में खूब तनाव हुआ, जिसके बाद पंचायती भी खूब हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक लड़की की जिंदगी का सवाल था, इसलिए थाने में एफआईआर दर्ज नहीं कराया गया।

इधर कानून के जानकारों के मुताबिक इस प्रकार से शपथ पत्र का निष्पादन किया ही नहीं जा सकता है और शपथ पत्र देकर दूसरी पत्नी के रूप में दर्जा देने का प्रावधान ही नहीं है। शिक्षक कम से कम इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि पहली पत्नी के रहते किसी को दूसरी पत्नी का दर्जा वैधानिक नहीं है और इसके लिए सजा का भी प्रावधान है। उसकी नौकरी भी जा सकती है। बहरहाल उक्त गुरूजी की इस प्रेम कहानी खूब चर्चा में है और शपथ पत्र भी खूब सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।

शपथ पत्र में शिक्षाकर्मी ने लिखा है कि शिक्षाकर्मी का का उक्त लडकी के साथ लगभग चार माह से प्रेम संबंध था और पति, पत्नी के रूप में रह रहे थे। यह कि शपथकर्ता शादीशुदा है एंव शिक्षाकर्मी के पद पर जशपुर जिले के उक्त गांव में पदस्थ है। यह कि शपथकर्ता याने शिक्षाकर्मी उक्त लडकी को दूसरे पत्नी के रूप में सलूक करेगा और शिक्षाकर्मी के चल एवं अचल संपत्नी पर उसका अधिकार होगा। होने वाले संतान को भी शपथकर्ता के द्वारा उत्तराधिकारी के रूप में हक दिया गया है।