नए साल में जनता पर पड़ेगी महंगाई की मार !

खर्च में 12 से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी का अनुमान

नई दिल्ली। जनता पर एक बार फिर से पड़ सकती है महंगाई की मार। अत्यावश्यक सामानों और पैकेड खाद्यों की कीमत में वृद्धि होने की आशंका जतायी जा रही है। रोजमर्रा जीवन में आवश्यक पड़ने वाले सामानों की कीमत में वृद्धि करने का फैसला किया गया है। वहीं, कीमत वृद्धि से अत्यावश्यक सामानों की मांग में कमी होने की भी आशंका होने के कारण कंपनियों को भारी नुकसान भी सहना पड़ सकता है। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक नेशले, पार्ले व आईटीसी जैसे एफएमसीजी कंपनियों की ओर से कहा गया है कि आटा, रसोई में इस्तेमाल होने वाले तेल व चीनी का उत्पाद खर्च में 12 से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है।

इस उत्पाद खर्च में बढ़ोतरी के कारण उन्हें अपने उत्पाद के बाजार दर में भी वृद्धि करनी पड़ रही है। अन्यथा पैकेट या उत्पाद के वजन को कम करना पड़ेगा। इस सप्ताह में इस वजह से दूध की कीमत बढ़ गई। इसी तरह एनर्जी रेटिंग नियम व पैनेल दर में वृद्धि के लिए इलेक्ट्रॉनिक सामानों का उत्पाद खर्च बढ़ गया। इसलिए जनवरी 2020 से टीवी और रेफ्रिजेरेटर की बाजार कीमत में वृद्धि होगी। जानकारी के मुताबिक आटे की कीमत 18 से 20 प्रतिशत, चीनी की कीमत 13-14 प्रतिशत व तेल की कीमत 15 प्रतिशत बढ़ी है। इसी तरह टीवी का पैनेल दर 15-17 प्रतिशत बढ़ा है। पालतु जानवरों के खाद्य की कीमत में 35 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। एनर्जी रेटिंग नियम का कड़े तरीके से लागू किये जाने के कारण रेफ्रिजेरेटर के उत्पाद दर में 800 से एक हजार रुपये तक वृद्धि हुई है। वहीं, एयर कंडीशनर मशीनों को एनर्जी रेटिंग नियम से 2021 तक दूर रखा गया है जिसकी वजह से इसकी कीमत भी स्थिर है। जनवरी 2020 से बाजार में नए उत्पादों का प्रवेश होगा और तब से ही नई कीमत लागू होगी। उक्त उत्पादों के अलावा पैकेट में मिलने वाले खाद्य व अन्य कुछ अत्यावश्यक सामानों की कीमत में वृद्धि होने की भी आशंका है।