Rath Yatra 2019 – Desh TV https://deshtv.in हिंदी न्यूज़ Mon, 15 Jul 2019 08:23:25 +0000 en-US hourly 1 नीलांद्री बीजे के साथ आज रत्न सिंघासन पर जाएंगे जगन्नाथ https://deshtv.in/rath-yatra-2019/jagannath-will-go-to-ratnagiri-today-with-nilandri-bj/ Mon, 15 Jul 2019 08:23:25 +0000 https://deshtv.in/?p=8482 पुरी। भगवान बलभद्र, महाप्रभु जगन्नाथ और देवी सुभद्रा को “अधरपणा” देने के बाद आज श्रीमंदिर में प्रवेश कराया जाएगा। “निलाद्री बीजे” की रस्म अदाएगी के साथ ही महाप्रभु जगन्नाथ आज शाम को श्रीमंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करेंगे। “निलाद्री बिज” रथ यात्रा का समापन अनुष्ठान है, जिसके दौरान देवताओं को पहंडी से पहले सेवादारों द्वारा […]]]>

पुरी। भगवान बलभद्र, महाप्रभु जगन्नाथ और देवी सुभद्रा को “अधरपणा” देने के बाद आज श्रीमंदिर में प्रवेश कराया जाएगा। “निलाद्री बीजे” की रस्म अदाएगी के साथ ही महाप्रभु जगन्नाथ आज शाम को श्रीमंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करेंगे। “निलाद्री बिज” रथ यात्रा का समापन अनुष्ठान है, जिसके दौरान देवताओं को पहंडी से पहले सेवादारों द्वारा “रसगुल्ले” की पेशकश की जाती है। जिसके बाद तीनों देवी-देवताओं को “संध्या धोप” के बाद “गोटी पहाडी” में के बाद श्रीमंदिर को सौंप दिया गया। भगवान जगन्नाथ को रथयात्रा के बाद पहली बार “भेंट मंडप” में ले जाया जाएगा है, जहां वह देवी लक्ष्मी से मिलते हैं और अपने रसगुल्ले भेंट करते हैं। ऐसा माना जाता है कि महाप्रभु देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए मिठाई प्रदान करते हैं, जो पवित्र त्रिमूर्ति द्वारा श्रीमंदिर में अकेले रहने के बाद परेशान होतीं है। इस अनुष्ठान के पूरा होने के बाद, भगवान जगन्नाथ को रत्न सिंघासन में ले जाया जाता है, जहां वे अपने भाई-बहनों के साथ दोबारा श्रीमंदिर में विराजमान होते है।
वरिष्ठ सेवादार बिनायक दास महापात्र ने कहा कि “सहाना मेला, रथ यात्रा, बाहुडा यात्रा, सुना बेशा सहित सभी अनुष्ठानों को सुचारू रूप से समन्वय के साथ संपन्न किया गया। हम मानते हैं कि नीलाद्री बीज अनुष्ठान भी बग़ैर किसी परेशानी और रूकावट के महप्रभु के आशीर्वाद से संपन्न होगा। एसजेटीए के जनसंपर्क अधिकारी, लक्ष्मीधर पुजापंडा ने बताया, “जैसा कि चंद्र ग्रहण मंगलवार को होगा, नीलाद्रि बिज के लिए पवित्र त्रिमूर्ति की पहांड़ी शाम 4 बजे शुरू होगी और 10 बजे समाप्त होगी।”

इससे पहले रविवार को, बड़ी संख्या में भक्तों ने देवताओं के आराध्य पान “अधरपणा” अनुष्ठान के साक्षी हुए। यह वार्षिक रथ यात्रा के दौरान मुख्य आकर्षणों में से एक है। अधरपणा में एक विशेष पेय जिसे दूध, मलाई, केला, और विभिन्न प्रकार के मसालों का उपयोग करके बनाया जाता है, और नौ बड़े बैरल के आकार के मिट्टी के घड़े में भरे जाते है, जो तीनों देवताओं के समक्ष उनके रथों पर रखे जाते है। जिसके बाद पुजारियों द्वारा ‘सोढोसा उपकार पूजा’ के बाद, पेय पवित्र त्रिमूर्तियों को दिया जाता है। भेंट के तुरंत बाद मिटटी के इन पात्रों को रथों पर ही तोड़ दिया जाता है। सेवादारों के अनुसार, ‘पार्श्वदेवता’ के अलावा, कई भूतिया शरीर और आत्माएं, जो रथ यात्रा के दौरान महाप्रभु के दर्शन करने पहुँचती है वे सभी इस पल का बेसब्री से इंतजार करती हैं। ऐसा माना जाता है कि इस तरह की बुरी आत्माएं पवित्र पेय को पीकर मोक्ष (मोक्ष) प्राप्त करती हैं जो रथ के डेक पर फैला होता है।

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Devi Lakhsmi, Devi Laxmi, Devi Subhadra, Lord Jagannath, Lord Jagannath Rath Yatra, NilandriBije 2019-07-15 13:53:25 https://deshtv.in/wp-content/uploads/2019/07/Jagannath-0.jpg
अधरपणा : भगवान जगन्नाथ को लगाया जाएगा ये विशेष भोग https://deshtv.in/food-and-travels/infinite-lord-jagannath-will-be-imposed-on-this-special-occasion/ Sun, 14 Jul 2019 08:53:58 +0000 https://deshtv.in/?p=8469 पुरी। सुनाबेशा के एक दिन बाद, भगवान बलभद्र, जगन्नाथ और देवी सुभद्रा को आज शाम एक विशेष अनुष्ठान में ” अधरपणा ” दिया जाएगा। अनुष्ठान के सुचारू संचालन के लिए, श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) द्वारा एक समिति का गठन किया गया है। समिति में सुरा महासूरा निजोग और दइतापति निजोग के सेवक, एसजेटीए के […]]]>

पुरी। सुनाबेशा के एक दिन बाद, भगवान बलभद्र, जगन्नाथ और देवी सुभद्रा को आज शाम एक विशेष अनुष्ठान में ” अधरपणा ” दिया जाएगा। अनुष्ठान के सुचारू संचालन के लिए, श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) द्वारा एक समिति का गठन किया गया है। समिति में सुरा महासूरा निजोग और दइतापति निजोग के सेवक, एसजेटीए के मुख्य प्रशासक प्रदीपता महापात्र शामिल हैं। महापात्र ने कहा, ” पहले की तरह किसी भी तरह के झड़प से बचने के लिए, अनुष्ठानों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए समितियों का गठन किया गया है।


” अधरपणा ” भगवान जगन्नाथ का एक समृद्ध पेय है जो दूध, केला, पनीर, सुगंधित मसाले और पानी के साथ महासूरा सेवकों द्वारा तैयार किया जाता है। महाप्रभु के लिए इस खीर रूपी पेय पदार्थ तैयार करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पानी को पानिया आपात सेवादारों ने सिंगवारा के पास छूनी मठ से लाया जाता है। त्रिमूर्ति के अलावा, तीन रथों पर मौजूद अन्य दिव्य अवतार के लिए भी ये भोग लगाया जाता है। मंदिर समिति द्वारा पवित्र त्रिमूर्ति की नीलाद्रि बिज रस्म कल आयोजित की जाएगी।

रथों में विराजमान है भगवान
तालध्वज में भगवान बलभद्र, देवदलन में देवी सुभद्रा और नंदीघोष रथ में महाप्रभु जगन्नाथ गुंडिचा मंदिर से श्रीमंदिर पहुंच गए है। मगर माता लक्ष्मी महाप्रभु से नाराज़ है और उन्होंने श्रीमंदिर के भीतर महाप्रभु के प्रवेश नहीं करने देती है। तब भगवान का स्वर्ण शृंगार यानी सुनाबेशा किया जाता है। जिसके दूसरे दिन भगवान को अधरपणा का भोग लगाया जाता है। श्रीमंदिर के सिंह द्वार के नज़दीक खड़े रथों में विराजे देवताओं के दर्शन के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे है। मान्यता के मुताबिक लाखों की संख्या में रथ में सवार महाप्रभु के दर्शन कर मोक्ष प्राप्ति की कामना करते नज़र आए।

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bhagwan jagannath, Jagannath in rath, Lord Jagannath, Puri, RathYatra2019, Swami Jagannath 2019-07-14 14:23:58 https://deshtv.in/wp-content/uploads/2019/07/ECOR-App-For-rath-Yatra-Puri-01.jpg
Bahuda Yatra : मौसी के घर से कल श्रीमंदिर जाएंगे महाप्रभु https://deshtv.in/nation/bahuda-yatra-mahaprabhu-will-go-to-shrimandir-from-the-house-of-aunt-tomorrow/ Thu, 11 Jul 2019 12:14:06 +0000 https://deshtv.in/?p=8441 पुरी। महाप्रभु स्वामी जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा कल अपने मौसी के घर से वापस लौटेंगे। त्रिमूर्ति कल गुंडिचा मंदिर से वापस अपने अपने रथों में सवार होकर श्रीमंदिर लौटेंगे। इससे पहले गुंडिचा मंदिर में भी कल सुबह से ही पूजापाठ और विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे। शुक्रवार यानी कल महाप्रभु जगन्नाथ, भाई बलभद्र और […]]]>

पुरी। महाप्रभु स्वामी जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा कल अपने मौसी के घर से वापस लौटेंगे। त्रिमूर्ति कल गुंडिचा मंदिर से वापस अपने अपने रथों में सवार होकर श्रीमंदिर लौटेंगे। इससे पहले गुंडिचा मंदिर में भी कल सुबह से ही पूजापाठ और विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे।


शुक्रवार यानी कल महाप्रभु जगन्नाथ, भाई बलभद्र और देवी सुभद्रा के साथ अपने जन्म वेदी से रत्न वेदी के लिए रवाना होंगे। जिसे बाहुड़ा यात्रा के नाम से जाना जाता है। रथयात्रा की तरह ही बाहुड़ा यात्रा में भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु महाप्रभु के दर्शन मात्र के लिए ओडिशा के पुरी में पहुंचते है। मौसी मां के मंदिर गुंडीचा मंदिर से 7 दिनों के विश्राम के बाद महाप्रभु जगन्नाथ भाई बलभद्र देवी सुभद्रा और सुदर्शन के साथ ” बीजे पहांड़ी ” संपन्न होने के बाद रथ की ओर प्रस्थान करेंगे। रथ में त्रिमूर्ति के विराजमान होने के बाद “पुरी के राजा गजपति महाराज” छेरा पहरा की रस्म अदा करेंगे। जिसके बाद गुंडिचा मंदिर से त्रिमूर्ति को उनके रथ से श्रीमंदिर की ओर निकलेंगे। इस दौरान त्रिमूर्ति के दर्शन के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु गुंडिचा मंदिर से लेकर श्रीमंदिर तक जमा होते है।

क्या है गुंडिचा मंदिर का महत्व
कलिंग वास्तुकला में बने गुंडिचा मंदिर को स्वामी जगन्नाथ की जन्मवेदी कहा जाता है। इस मंदिर के गुंब्बद पर भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र बना है। इसे भगवान के मौसी का घर भी कहा जाता है। स्वामी जगन्नाथ के श्रीमंदिर से इस मंदिर की दुरी तक़रीबन 3 किलोमीटर है। अपने जन्मवेदी में स्वामी जगन्नाथ भक्तों को दर्शन देने के बाद 7 दिनों तक विश्राम करते है। इस मंदिर में दो प्रमुख द्वार है जिसमे रथयात्रा से आने के बाद महाप्रभु मंदिर के पश्चिमी द्वार से मंदिर प्रांगण में प्रवेश करते है। वहीं श्रीमंदिर वापस लौटने के लिए स्वामी जगरनाथ पूर्वी दरवाजे से बाहर निकलते है।

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Bahuda yatra, bahuda yatra 2019, Bahuda yatra Puri, bahuda yatra puri live, Lord Jagannath, Lord Jagannath in Gundicha temple, Lord Jagannath Rath Yatra Live, Rath Yatra 2019-07-11 17:51:40 https://deshtv.in/wp-content/uploads/2019/07/Hera-Panchmi-00.jpg
Video :Rath Yatra के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के बीच आसानी निकली एम्बुलेंस https://deshtv.in/around-the-city/video-ambulance-easily-accessible-among-millions-of-pilgrims-during-rath-yatra/ Mon, 08 Jul 2019 13:30:29 +0000 https://deshtv.in/?p=8324 पुरी। क्या आप सोच सकते है…जब लाखों की संख्या में लोग सड़क पर अपने इष्ट की एक झलक पाने के लिए जुटें हो, ऐसे में एक एंबुलेंस बगैर किसी रूकावट के उस रास्ते से अपना सफर तय कर पाए, तो आपको भी इसका जवाब न के रूप में ही मिले। पर ऐसा कारनामा ओडिशा के […]]]>

पुरी। क्या आप सोच सकते है…जब लाखों की संख्या में लोग सड़क पर अपने इष्ट की एक झलक पाने के लिए जुटें हो, ऐसे में एक एंबुलेंस बगैर किसी रूकावट के उस रास्ते से अपना सफर तय कर पाए, तो आपको भी इसका जवाब न के रूप में ही मिले। पर ऐसा कारनामा ओडिशा के जगन्नाथ पूरी में हुआ है। वो भी तब जब महाप्रभु जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा अपने रथ में सवार हो कर भक्तों को दर्शन देने निकले थे।

              इस वक़्त तक़रीबन 8 से 10 लाख की संख्या में श्रद्धालु पूरी की सड़कों पर थे। उस वक्त रथयात्रा के दौरान इमरजेंसी सेवा जिसमें एम्बुलेंस और फायरब्रिगेड जैसी सुविधाओं को सुचारों रखना जिला प्रशासन ही नहीं बल्कि ओड़िशा सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में पूरी के एसपी उमाशंकर दास ने समाजिक संगठनों के साथ मिलकर इसका एक बेहतरीन रास्ता निकाला और वो सफल भी हुआ। ये रास्ता था श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर तक सड़क में ह्यूमेन चैन ( मानव श्रृंखला ) बनाई। जिसमें इन दोनों मंदिरों के बीच हज़ारों लोगो ने मिलकर मानव श्रृंखला बनाई थी। इसमें 1200 से ज़्यादा स्वयंसेवक और 10 से ज़्यादा संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अपनी सहभागिता ली थी। इस कॉरिडोर के मार्फत ही रथयात्रा के दौरान मरीज़ या फिर यात्रा के दौरान चोटिल / घायल हुए लोगो को उपचार के लिए अस्पताल पहुँचाया गया था।

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Bahuda yatra Puri, Hera Panchmi, Jagannath Puri Rath Yatra 2019, Jagannath Puri Rath Yatra Live, Lord Jagannath, Rath Yatra 2019-07-08 19:00:29 https://deshtv.in/wp-content/uploads/2019/07/Lord-Jagganath-Mandir-Puri.jpg
Rath Yatra : महाप्रभु के दर्शन को पहुचेंगी “नाराज़ माँ लक्ष्मी” https://deshtv.in/local-news/rath-yatra-the-mausoleum-will-reach-mahaprabhus-philosophy/ Mon, 08 Jul 2019 06:48:32 +0000 https://deshtv.in/?p=8311 पुरी। भगवान बलभद्र, महाप्रभु जगन्नाथ और देवी सुभद्रा अपने वार्षिक प्रवास मौसी माँ के घर यानी गुंडिचा मंदिर में है। आज रथ यात्रा के पांचवें दिन हेरा पंचमी मनाई जा रही है। आज यानी हेरा पंचमी के दिन देवी लक्ष्मी ने भगवान जगन्नाथ पर उन्हें श्रीमंदिर में अकेले छोड़ने और अपने भाई-बहनों के साथ अपनी […]]]>

पुरी। भगवान बलभद्र, महाप्रभु जगन्नाथ और देवी सुभद्रा अपने वार्षिक प्रवास मौसी माँ के घर यानी गुंडिचा मंदिर में है। आज रथ यात्रा के पांचवें दिन हेरा पंचमी मनाई जा रही है। आज यानी हेरा पंचमी के दिन देवी लक्ष्मी ने भगवान जगन्नाथ पर उन्हें श्रीमंदिर में अकेले छोड़ने और अपने भाई-बहनों के साथ अपनी मौसी माँ के निवास पर रहने के लिए नाराज होती है।

                 हेरा पंचमी के अनुष्ठान के अनुसार देवी बिमला से सलाह लेने के बाद, अपने अकेले पन से परेशान देवी लक्ष्मी भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने के लिए बिमना (सुशोभित पालकी) में गुंडिचा मंदिर जाएंगी। वह अपने सेवकों द्वारा एक जुलूस की शक्ल में वहां पहुँचती है।
मंदिर पहुंचने के बाद माता लक्ष्मी की पालकी महाप्रभु जगन्नाथ के रथ नंदीघोष के पास रुकेगी। जहां उसका स्वागत पाटी महापात्र के सेवादारों द्वारा “बंदपना” के साथ किया जाएगा। जिसके बाद देवी लक्ष्मी को ‘जया बिजया द्वार’ के माध्यम से भगवान जगन्नाथ के पास ले जाया जाएगा, जहां उन्हें प्रभु की ओर से महापात्र सेवकों से एक ‘आज्ञा माला’ (सहमति की एक माला) प्राप्त होगी जो देवी को श्रीमंदिर में लौटने का आश्वासन देगी।

                 ये रस्म तीन दिन बाद निभाई जाएंगी। इस अनुष्ठान के अनुसार लौटते समय, वह अपने सेवादारों से नंदीघोष के एक हिस्से को तोड़ने के लिए कहेगी और बाद में गोकिरी साही मार्ग से नाकचाना द्वार से गुप्त रूप से श्रीमंदिर लौट आएगी।

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Rath Yatra : दुबई में भी दर्शन देने निकले स्वामी जगन्नाथ https://deshtv.in/nation/rath-yatra-swami-jagannath-who-came-out-in-dubai-to-visit/ Sun, 07 Jul 2019 07:28:13 +0000 https://deshtv.in/?p=8266 दुबई / बहरीन। Rath Yatra ओडिशा के पुरी का ग्रैंड रोड ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में ओडिया समुदाय के लोगों द्वारा बहुत धूमधाम से मनाई जा रही है। दुबई में भी कई स्थानों पर महाप्रभु की रथयात्रा पूरी शिद्दत से निकाली गई। दुबई में इस्कॉन और बहरीन के ओडिया समाज ने बहरीन के मनामा […]]]>

दुबई / बहरीन। Rath Yatra ओडिशा के पुरी का ग्रैंड रोड ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में ओडिया समुदाय के लोगों द्वारा बहुत धूमधाम से मनाई जा रही है।
दुबई में भी कई स्थानों पर महाप्रभु की रथयात्रा पूरी शिद्दत से निकाली गई। दुबई में इस्कॉन और बहरीन के ओडिया समाज ने बहरीन के मनामा में वार्षिक रथयात्रा उत्सव का आयोजन किया। इस आयोजन में सभी पारंपरिक अनुष्ठानों का भी पालन किया गया। इस रथयात्रा में तकरीबन एक हजार से अधिक भक्तों ने पवित्र त्रिमूर्ति के रथ को खींचा। नेपाल के राजदूत ने भी इस उत्सव में भाग लिया और भगवान बलभद्र, जगन्नाथ और देवी सुभद्रा से सुख-समृद्धि की प्रार्थना कीं। रथयात्रा के बाद गुरु गजेंद्र कुमार पांडा ने प्रभु का ‘दशावतार’ प्रदर्शन किया। मीडिया से चर्चा करते हुए एक भक्त ने कहा कि “मैंने पहली बार यहां रथ यात्रा देखने के लिए शहर का दौरा किया। हालांकि सभी व्यवस्थाएँ व्यवस्थित रूप से की गईं और अनुष्ठान का पालन किया गया। ”


वहीं महाप्रभु के दर्शन के लिए पहुंचे एक श्रद्धालु ने बताया कि “हम भगवान जगन्नाथ के दर्शन’ के लिए पुरी में श्रीमंदिर जाते हैं, लेकिन भगवान अपने भाई-बहनों के साथ रथ यात्रा के दौरान भक्तों को दर्शन ’देने के लिए मंदिर से बाहर निकलते हैं। दुनिया भर में ओडिया समुदाय द्वारा परंपरा को जीवित रखा जाता है।”

                        इसी तरह, संयुक्त अरब अमीरात में ओडिशा समाज ने दुबई के सिंधी सेरेमोनियल सेंटर में वार्षिक रथ यात्रा उत्सव मनाया। भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई भगवान बलभद्र और छोटी बहन देवी सुभद्रा के रथ को खींचते हुए भक्त भगवान का जयघोष कर रहे थे। रथ पर महाप्रभु को विराजमान करने से यहाँ भी पारंपरिक ‘पहांड़ी’ और ‘छेरा पहरा’ की रस्म अदा की गई। जिसके बाद शंख और नगाड़े बजाते हुए, तुरही बजाते हुए और ‘हरि बोल’ के नारे लगाते हुए भक्तों ने त्रिमूर्ति को बाहर निकाला और रथ पर विराजमान किया। गौरतलब है कि ओडिया समाज पिछले आठ वर्षों से रथ यात्रा का वार्षिक उत्सव मना रहा है।

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Rath Yatra, Rath Yatra in Dubai, Rath Yatra in United Arab Emirates, United Arab Emirates 2019-07-07 12:59:14 https://deshtv.in/wp-content/uploads/2019/07/Rath-Yatra-In-Dubai.jpg
Rath Yatra : गुंडिचा मंदिर में “गोटी पहांड़ी” के बाद जाएंगे महप्रभु https://deshtv.in/local-news/rath-yatra-will-go-after-goti-pahari-in-gundicha-temple/ Fri, 05 Jul 2019 10:27:54 +0000 https://deshtv.in/?p=8227 पुरी। वार्षिक रथ यात्रा के बददांडा में लाखों भक्तों के साथ पवित्र भोज के एक दिन बाद, भगवान बलभद्र, महाप्रभु जगन्नाथ और देवी सुब्रमण्य की पवित्र त्रिमूर्ति को आज मौसी मां मंदिर में अदपा मंडप में कुछ ही देर में ले जाया जाएगा। गुंडिचा मंदिर में तीनों देवी देवताओं का प्रवेश “गोटी पहांड़ी” अनुष्ठान के […]]]>

पुरी। वार्षिक रथ यात्रा के बददांडा में लाखों भक्तों के साथ पवित्र भोज के एक दिन बाद, भगवान बलभद्र, महाप्रभु जगन्नाथ और देवी सुब्रमण्य की पवित्र त्रिमूर्ति को आज मौसी मां मंदिर में अदपा मंडप में कुछ ही देर में ले जाया जाएगा। गुंडिचा मंदिर में तीनों देवी देवताओं का प्रवेश “गोटी पहांड़ी” अनुष्ठान के बाद शुरू होगए। अदपा मंडप पर भगवान रामकृष्ण, मदनमोहन और भगवान सुदर्शन के प्रवेश के बाद, तालध्वज से भगवान बलभद्र की “गोटी पहांड़ी”, देवदलन से देवी सुभद्रा और अंत में नंदीघोष रथ से महाप्रभु जगन्नाथ की पहांड़ी कर प्रवेश कराया जाएगा।

आज गुंडिचा मंदिर के अंदर प्रवेश करने के बाद आराध्य देवताओं के दर्शन पर आज प्रतिबंधित कर दिए जाएंगे, लेकिन भक्त कल से पवित्र त्रिमूर्ति के दर्शन कर सकते हैं। सात दिनों तक गुंडिचा मंदिर में रहने के बाद, तीनों देवता अपने निवास स्थान (श्रीमंदिर) में आठवें दिन बहुदा यात्रा के रूप में लौटेंगे। इससे पहले कल, लाखों भक्तों ने बहुत धूमधाम और शो के साथ तीर्थ नगरी में श्री गुंडिचा यात्रा का जश्न मनाया। देवताओं के सभी अनुष्ठानों को सुचारू और समय पर पूरा करने के बाद, रथों को खींचने का काम किया गया और शाम तक सभी रथ मौसी माँ मंदिर पहुँच गए।

रथों में है भगवान
तालध्वज में भगवान बलभद्र, देवदलन में देवी सुभद्रा और नंदीघोष रथ में महाप्रभु जगन्नाथ श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर में पहुंच गए है। आज सुबह से ही उनका पूजा पाठ और भोग भी तीनों देवताओं के रथों में ही किया गया है। वहीं मान्यता के मुताबिक लाखों की संख्या में रथ में सवार महाप्रभु के दर्शन कर मोक्ष प्राप्ति की कामना करते नज़र आए।

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Rath Yatra 2019:दर्शन देने निकले महाप्रभु जगन्नाथ  https://deshtv.in/raipur/rath-yatra-2019-mahaprabhu-jagannath-who-came-out-to-give-a-vision/ Thu, 04 Jul 2019 10:45:28 +0000 https://deshtv.in/?p=8199 रायपुर | प्रभु जगन्नाथ रथ यात्रा का महापर्व प्रदेश सहित पुरे देशभर में मनाया जा रहा है। भगवान अपने भक्तों को दर्शन देने साल में एक बार मंदिर से निकलते है। आज वही दिन है जब भगवान स्वंय सभी भक्तों के मनोकामना को पूर्ण करने हमारे बीच है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सभी जगन्नाथ […]]]>

रायपुर | प्रभु जगन्नाथ रथ यात्रा का महापर्व प्रदेश सहित पुरे देशभर में मनाया जा रहा है। भगवान अपने भक्तों को दर्शन देने साल में एक बार मंदिर से निकलते है। आज वही दिन है जब भगवान स्वंय सभी भक्तों के मनोकामना को पूर्ण करने हमारे बीच है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सभी जगन्नाथ मंदिरों से रथ यात्रा निकाली जा रही है। राजधानी के स्वामी जगन्नाथ मंदिर गायत्री नगर से भगवान् की रथयात्रा पुरे विधिविधान से निकली।

प्रदेश के मुखिया ने की निभाई चहेरा पहरा की रस्म
भगवान् के रथयात्रा की शरुवात करने प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल पहुंचे और उन्होंने छेरा पहरा की रस्म अदा की। जिसमें सोने के झाडू से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुहारी की। छेरा पहरा के रस्म के बाद महाप्रभु अपने भाई और बहन के साथ रथ मे सवार हुए। मंदिर का पूरा माहौल प्रभु जगन्नाथ के जयघोष और करतल से गुंजायमान था। नर्तक दलो के द्वारा प्रभु की अगुवाई की गयी। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के साथ उनकी धर्मपत्नी वीणा सिंह भी मौजूद रही। सीएम और पूर्व सीएम ने राजनीति से परे हटकर भगवान की षरण मे एक साथ पुजा अर्चना की। इनके आलावा महापौर प्रमोद दूबे,पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और अन्य जनप्रतिधि ने रथयात्रा में शामिल होकर रथ खींचे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व सीएम जेउ सिंह ने महाप्रभु से देश और प्रदेश में सुख शांति की कामना की।

महाप्रभु के जयघोष से गूंजा मंदिर
रथयात्रा की शुुरुआत महाप्रभु की जयघोष से की गई। पूरा मंदिर महाप्रभु के जयघोष से गूंज उठा। रथ मेें भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और अग्रज बलदाऊ को काफी खूबसूरती से सजाया गया है। इस मौके पर रथयात्रा में रथ खींचने हजारों की संख्या में लोग उमड़े। मंदिर परिसर को हर बार की तरह इस बार भी रमणीय रूप से सजाया गया है। तोरण, ध्वज-पताका से सुसज्जित किया गया है। भगवान को छप्पन भोग चढ़ाया गया। भगवान जगन्नाथ का रथ नंदी घोष, बलदाऊ का रथ तालध्वज और बहन सुभद्रा के रथ देवदलन ये तीनों रथ मंदिर से निकलकर पहले भगवान ने अपने भक्तो को दर्शन दिया और उसके बाद अपनी मौसी रोहिणी से भेंट करने के लिए गुंडीचा मंदिर पहुंच गए। आपको बता दें कि सबसे पहले भाई बलराम जी का रथ प्रस्थान करता है। उसके बाद बहन सुभद्रा जी का रथ रहता है और अंत में लोग जगन्नाथ जी के रथ को बड़े ही श्रद्धापूर्वक खींचते हैं। माना जाता है कि जो लोग इस दौरान एक दूसरे को सहयोग देते हुए रथ खींचते हैं उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। रथयात्रा का यह अद्भुत महापर्व पूरे 9 दिन तक जोश और उल्लास के साथ चलेगा।

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CM Bhupesh Baghel, dr raman singh, jagannath mandir raipur, raipur rath yatra 2019, Rath Yatra 2019 2019-07-04 16:15:28 https://deshtv.in/wp-content/uploads/2019/07/rath-yatra_cm_01.jpg
Rath Yatra : पुरी मे निभाई जाएगी छेरा पहरा की रस्म https://deshtv.in/rath-yatra-2019/rath-yatra-chirra-paira-ritual-to-be-played-in-puri/ Thu, 04 Jul 2019 04:52:00 +0000 https://deshtv.in/?p=8190 पुरी। तीर्थ नगरी पुरी श्रीमंदिर में पवित्र त्रिमूर्ति- भगवान बलभद्र, भगवान जगन्नाथ और देवी सुभद्रा की वार्षिक यात्रा की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सुबह से ही, हजारों भक्त श्री मंदिर के नज़दीक महाप्रभु के दर्शन के लिए इकट्ठा हो रहे है। श्रीमंदिर से जगत के नाथ स्वामी जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र […]]]>

पुरी। तीर्थ नगरी पुरी श्रीमंदिर में पवित्र त्रिमूर्ति- भगवान बलभद्र, भगवान जगन्नाथ और देवी सुभद्रा की वार्षिक यात्रा की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सुबह से ही, हजारों भक्त श्री मंदिर के नज़दीक महाप्रभु के दर्शन के लिए इकट्ठा हो रहे है। श्रीमंदिर से जगत के नाथ स्वामी जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विशाल रथों को गुंडिचा मंदिर तक खींचा जाएगा। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के कार्यक्रम के अनुसार, रथों को खींचने का कार्य शाम 4 बजे से शुरू होगा, जिसमें ‘छेरा पंहरा’ सहित अन्य अनुष्ठान पूरे होंगे।


पूरी के राजा करेंगे छेरापहरा
ओडिशा के राजा गजराज जो प्राचीन काल के राजा के वंशज हैं,गजपति नरेश महाराजा दिब्य सिंहदेब वह पालकी में बैठकर पूरे ऐश्वर्य और वाद्यों के साथ उनके महल से जगन्नाथ मंदिर पहुंचेंगे। श्री जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ आषाढ़ द्वितीया के दिन यानी आज दोपहर के पहले ही रथ पर विराजमान होंगे । उसके तुरंत बाद ही राजा पालकी में बैठकर मंदिर पहुंचंगे। सबसे पहले प्राचीन रिवाजों के अनुसार राजा पुरषोत्तम देव सोने का झाड़ू लेकर रथ के सामने जहां तीनों देव बैठे हैं उस स्थान को झाड़ू लगाएंगे। एक प्रकार से राजा होने के बाद भी वे अपना सेवक जगन्नाथ का मानते हैं और राजा का कर्तव्य होता है कि भगवान के सेवक के रूप में अपने प्रजा की सेवा करें। भगवान जगन्नाथ के सामने नतमस्तक होने का यह सुनहरा अवसर होता है। छेरपहरा इसी को ही कहते हैं। छेरापहरा को बुहारी भी कहा जाता है।

भगवन निकल रहे अपने असल रूप में दर्शन देने
भगवान जगन्नाथ ऐसे देवता है जो अपनी मूल विग्रह के साथ अपनी वेदी को छोड़कर अपने भक्तों का हाल चाल पूछने सबके बीच आते हैं। माना जाता है कि पूरे विश्व में भगवान जगन्नाथ ही ऐसे देव हैं जो स्वयं मंदिर से बाहर भक्तो को दर्शन देने अपने असली रूप में निकलते हैं। यह रथ यात्रा धार्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें भाग लेने और भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने के लिए दुनिया भर से श्रद्धालु पुरी पहुंचे हैं। आज भगवान जगन्नाथ को रथ पर सवार किया जा रहा है। भव्य यात्रा के साथ जगन्नाथ भगवान अपनी मौसी के घर के लिए रवाना होंगे। भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर गुंडिचा देवी का मंदिर है, जहां श्री जगन्नाथ भगवान हर साल एक सप्ताह रहने के लिए जाते हैं।

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bhagwan jagannath, chhera pahra, puri jagannath mandir, RathYatra2019, छेरापहरा 2019-07-04 10:22:00 https://deshtv.in/wp-content/uploads/2019/07/jagannath-chherapahra_02.jpg
महाप्रभु जगन्नाथ के रथ यात्रा मे शमिल हुए अमित शाह https://deshtv.in/nation/amit-shah-joined-mahatrabhu-jagannaths-rath-yatra/ Thu, 04 Jul 2019 03:10:02 +0000 https://deshtv.in/?p=8179 अहमदाबाद | केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार अहमदाबाद के ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर पहुंचे। शाह के साथ पत्नी सोनल शाह भी मंदिर में पुजा अर्चना में शामिल थी। जहा उन्होने मंगला आरती में भाग लिया और महाप्रभु भगवान जगन्नाथ से देश मे अमन और चैन के लिए प्रार्थना की।             […]]]>

अहमदाबाद | केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार अहमदाबाद के ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर पहुंचे। शाह के साथ पत्नी सोनल शाह भी मंदिर में पुजा अर्चना में शामिल थी। जहा उन्होने मंगला आरती में भाग लिया और महाप्रभु भगवान जगन्नाथ से देश मे अमन और चैन के लिए प्रार्थना की।

                                अहमदाबाद के जमालपुरा के जगन्नाथ मंदिर में सुबह से ही भगवन की पुजा अर्चना शुरू हो गई। मंदिर के महंत दिलीप दास जी महाराज ने महाप्रभु की विशेष पूजा की। मंदिर में गृह मंत्री ने भी सपत्नीक महाप्रभु की पूजा अर्चना की। भगवन जगन्नाथ,भहगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का विशेष साज सज्जा की गई। मंदिर में सुबह से ही हजारो श्रद्धालुओं का ताँता लगा हुआ है,जो भगवन के दर्शन के लिए लालायित हैं। विशेष पूजा अर्चना के बाद भगवान को रथ में सवार होकर अपने भक्तो को दर्शन देने मंदिर से निकलेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद यह शाह का राज्य का पहला दौरा है। शाह शहर की दो दिवसीय यात्रा पर हैं और यहां कई नई परियोजनाओं की शुरुआत भी करेंगे।

450 साल पुराना है जमालपुरा का जगन्नाथ मंदिर
गुजरात की राजधानी अमहदाबाद के जमालपुरा में भगवान जगन्नाथ का ऐतिहासिक मंदिर लगभग 450 साल पुराना है। यहां रथ यात्रा वर्शो से लगातार होते आ रही है। यह रथ यात्रा विष्व प्रसिद्ध पुरी की रथ यात्रा के साथ मेल खाता है। यानी यहां भी पुरी की ही तरह विधि विधान से भगवान जगन्नाथ की पुजा अर्चना की जाती है। साथ ही रथ यात्रा को भी उसी तर्ज पर ही मनाया जाता है। जमालपुरा में आज सुबह से ही भगवान की पुजा अर्चना शुरू हुआ। इस तरह से आज से नौ दिवसीय वार्षिक रथ यात्रा उत्सव शुरू होता है। रथ यात्रा के दौरान यहां हजारो की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है, और भगवान जगन्नाथ के रथ को खिंचकर महाप्रभु का आषीर्वाद लेते हैं। इस बीच जिला प्रषासन और पुलिस बल के द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था भी की जाती है। शहर के अलग-अलग इलाकों से होते हुए महाप्रभु की रथ यात्रा षहर भ्रमण करेगी। जमालपुरा की रथ यात्रा को देष में तीसरे सबसे महत्वपूर्ण और सबसे बड़े उत्सव में गिना जाता है।

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amit shah, amit shah in jagannath temple, gujrat jagannath mandir, mahaprabhu jagannath, Rath Yatra 2019 2019-07-04 08:40:02 https://deshtv.in/wp-content/uploads/2019/07/amit-shah-puja_01.jpg
RathYatra : रायपुर के 500 साल पुराने मंदिर से निकलेगे स्वामी जगन्नाथ https://deshtv.in/local-news/rathyatra-swami-jagannath-will-leave-the-500-year-old-temple-of-raipur/ Thu, 04 Jul 2019 02:09:03 +0000 https://deshtv.in/?p=8173 रायपुर। जगन्नाथ पूरी ही नहीं बल्कि राजधानी रायपुर में भी स्वामी जगन्नाथ पिछले पांच सौ सालों से भक्तों को दर्शन देने रथ से निकलते है। टुरी हटरी स्तिथ जगन्नाथ मंदिर में सालों से रथयात्रा निकाली जा रही है। इस साल भी रथयात्रा के लिए पूरे मंदिर परिसर को सजाया गया। वहीं भगवान के नगर भ्रमण […]]]>

रायपुर। जगन्नाथ पूरी ही नहीं बल्कि राजधानी रायपुर में भी स्वामी जगन्नाथ पिछले पांच सौ सालों से भक्तों को दर्शन देने रथ से निकलते है। टुरी हटरी स्तिथ जगन्नाथ मंदिर में सालों से रथयात्रा निकाली जा रही है। इस साल भी रथयात्रा के लिए पूरे मंदिर परिसर को सजाया गया। वहीं भगवान के नगर भ्रमण के लिए मंदिर के तक़रीबन 100 साल पुराने रथ को तैयार किया जा चूका है। जिसमें भगवान जगन्नाथ भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा नगर भ्रमण पर निकलेंगे। राजधानी के टुरी हटरी का ये मंदिर न सिर्फ ऐतिहासिक है बल्कि पौराणिक महत्व वाला भी है।

                     करीब 500 साल पहले ताहुतकार परिवार द्वारा टूरी हटरी में भगवान जगन्नाथ के मंदिर की स्थापना करवाई गई थी। ये मंदिर वैदिक रीती रिवाज़ों से बना हुआ है। मंदिर प्रांगण में प्रवेश करते ही आँगन में एक तुलसी का वृक्ष है। जिसके साथ ही भगवान को भोग लगाया जाता है। इसी वृक्ष के तुलसी दल से भगवान के लिए माला भी बनाई जाती है।

               इस वैदिक मंदिर के दाहिने और रामभक्त हनुमान जी का मंदिर है। बताते है कि ये मंदिर भी वैदिक पूजापाठ के साथ स्थापित किया गया था। ये हनुमान जी यहाँ पहुंचने वाले भक्तो के संकट भी हारते है। ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में पहुंचने वाले दर्शनार्थियों के हर संकट का निवारण भगवान् हनुमान करते है। साथ ही मंदिर परिसर में भगवान शिव का भी मंदिर है। जगन्नाथ जी के गर्भ गृह के बाहर भगवान् विष्णु के सेवक जय और विजय की प्रतिमा भी है।

रायपुर का सबसे पुराना रथ
इतिहासकार बताते है कि शहर की सबसे पहली रथयात्रा टूरी हटरी से ही निकली थी। तब से आज तक यह परंपरा निभाई जा रही है। हर साल स्नान पूर्णिमा के दिन भगवान का स्नान कराया जाता है। जिससे भगवान् की तबीयत बिगड़ जाती है।

लगभग दस दिनों तक भगवान् को जड़ी-बूटियों से बनी औषदि खिलाकर उन्हें स्वस्थ करने का रिवाज़ मंदिर के पुजारी पूरी तन्मयता निभाते है। इसके बाद लगातार तीन दिनों तक काढ़ा पिलाया जाता है जिसके असर से भगवान् की तबीयत ठीक होती है और वे अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ नगर भरण को निकलते है। इस ऐतिहासिक रथ और भगवान् के पूजा अर्चना के लिए शहर भर के श्रद्धालु अपनी तैयारीया करते है।

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Live RathYatra, puri Rath Yatra 2019, Rath Yatra 2019, RathYatra, RathYatra Live, RathYatra Raipur, RathYatra2019 Live 2019-07-09 15:50:48 https://deshtv.in/wp-content/uploads/2019/07/Lord-Jagannath-1.jpg
Rath Yatra : 20 ट्रक फूलों से सजा स्वामी जगन्नाथ का मंदिर https://deshtv.in/nation/rath-yatra-temple-of-swami-jagannath-decorated-with-20-truck-floral/ Wed, 03 Jul 2019 14:14:09 +0000 https://deshtv.in/?p=8153 पुरी। ओड़िशा के पुरी में महाप्रभु जगन्नाथ धाम में दुनियाभर से श्रद्धालुओं की भीड़ उनकी एक झलक पाने के लिए जुटती है। ऐसे में श्रीमंदिर जो भगवान जगन्नाथ के लिए दुनिया भर से भक्तों को आकर्षित करता है, आज विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के एक दिन पहले श्रीमंदिर को फूलों से दुल्हन की तरह सजा […]]]>

पुरी। ओड़िशा के पुरी में महाप्रभु जगन्नाथ धाम में दुनियाभर से श्रद्धालुओं की भीड़ उनकी एक झलक पाने के लिए जुटती है। ऐसे में श्रीमंदिर जो भगवान जगन्नाथ के लिए दुनिया भर से भक्तों को आकर्षित करता है, आज विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के एक दिन पहले श्रीमंदिर को फूलों से दुल्हन की तरह सजा दिया गया है। इसकी सुंदर सजावट मन मोह रहे है। पहली बार ओडिशा के तीर्थ नगरी कहे जाने वाले पुरी में श्रीमंदिर को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के लिए रंगीन फूलों से सजाया गया है।

                             हैरानी की बात यह है कि ये खास सजावट श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) द्वारा नहीं बल्कि दिल्ली के एक भक्त द्वारा की कराई गई। पुरे मंदिर में फूलों से ये ख़ास सजावट दिल्ली के एक भक्त केके शर्मा ने कराया है। इस सजावट में उन्होंने तकरीबन 15 लाख से 20 लाख रुपये खर्च किए हैं। भगवान जगन्नाथ के भक्त ने न केवल श्रीमंदिर को सजाया है, बल्कि गुंडिचा मंदिर को सुशोभित करने का भी काम किया है, जहां भगवान जगन्नाथ भाई-बहनों के साथ 9 दिवसीय उत्सव के दौरान रहेंगे। शर्मा ने इस सजावट के लिए मंदिर ट्रस्ट से बकायदा अनुमति ली थी जिसके लिए मंदिर ट्रस्ट ने उन्हें अपनी सहमति दी थी। इसलिए गुंडिचा मंदिर भगवान जगन्नाथ के 9 दिवसीय भोज के दौरान कल से हर रोज मंत्रमुग्ध फूलों के साथ ताजा और सुंदर दिखाई देगा।

200 कारीगरों ने की सजावट
खबरों के मुताबिक, शर्मा दिल्ली के लगभग 200 फूलों के डेकोरेटर के साथ इस सजावट कार्य में लगे हुए हैं। दो तीर्थो स्थलों के फूलों से सौंदर्यीकरण के लिए लगभग उन्होंने भारत के अलग अलग राज्यों से तकरीबन 15 से 20 ट्रक फूलों का उपयोग किया है। वे सूर्यमंदिर और नीलाद्री बीज पर श्रीमंदिर को भी फूलों से सजाएंगे।

पुरी श्रीमंदिर की कुछ तस्वीरें :

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20 Lakh Fool, 20 Lakh phool, Delhi, KK Sharma, Lord Jagannath, Lord Jagannath Rath Yatra, Lord Jagannath Rath Yatra Live, Shrimandir 2019-07-03 19:44:09 https://deshtv.in/wp-content/uploads/2019/07/Lord-Jagannath-Temple-05.jpg
Rath Yatra : तगड़ी सुरक्षा में निकलेंगे भगवान जगन्नाथ https://deshtv.in/nation/rath-yatra-lord-jagannath-will-come-out-in-strong-security/ Wed, 03 Jul 2019 12:00:59 +0000 https://deshtv.in/?p=8146 पूरी। दुनिया भर के श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों के भारी जमावड़े के मद्देनजर श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन, ओडिशा पुलिस और राज्य सरकार ने श्री गुंडिचा जात्रा के साथ कल से शुरू होने वाले त्योहार के सुचारू संचालन के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। तीर्थ नगरी पूरी में विस्तृत सुरक्षा व्यवस्था पर मीडिया से चर्चा करते हुए […]]]>

पूरी। दुनिया भर के श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों के भारी जमावड़े के मद्देनजर श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन, ओडिशा पुलिस और राज्य सरकार ने श्री गुंडिचा जात्रा के साथ कल से शुरू होने वाले त्योहार के सुचारू संचालन के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। तीर्थ नगरी पूरी में विस्तृत सुरक्षा व्यवस्था पर मीडिया से चर्चा करते हुए आईजी सेंट्रल रेंज कटक सौमेंद्र प्रियदर्शी ने कहा कि कुल 142 प्लाटून की टुकड़ी (पुलिस बल) पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स की 2 कंपनियां, OSAF की 3 यूनिट, NDRF की टीमें, AET प्रशिक्षु, 1000 से अधिक पुलिस इस महापर्व के दौरान सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है।

                   प्रियदर्शी ने बताया, “सामान्य सुरक्षा के लिए, सभी संवेदनशील बिंदुओं पर सीसीटीवी इंस्टॉलेशन किए गए हैं और उनकी निगरानी दो कंट्रोल टावरों, टाउन थाने के इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम और एक अन्य ट्रैफिक रेगुलेशन के लिए की जाएगी। “संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए, सभी निर्दिष्ट स्थानों पर अंडरकवर पुलिस अधिकारियों को भी तैनात किया गया है। किसी भी अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए शहर के सभी तीन इंट्री पॉइंट पर 3 क्वीक रिस्पॉन्स यूनिट को भी जुटाया गया है।”

लाखों भक्तों को नियंत्रित करना होगा लक्ष्य
आईजी सेंट्रल रेंज कटक सौमेंद्र प्रियदर्शी ने कहा कि हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य यह होगा कि लाखों भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ यातायात प्रबंधन द्वारा पीछा करने वाले रथों को सुचारू और घटना रहित बनाया जा सके। मंदिर के अंदर देवताओं के अनुष्ठानों और दर्शन के आयोजन को प्रमुखता दी जा रही है, प्रियदर्शी ने कहा कि मंदिर के अंदर पुलिस व्यवस्था की देखरेख के प्रभारी भी हैं।

सीसीटीवी से होगी निगरानी
प्रियदर्शी ने बताया, “सामान्य सुरक्षा के लिए, सभी संवेदनशील बिंदुओं पर सीसीटीवी इंस्टॉलेशन किए गए हैं और उनकी निगरानी दो कंट्रोल टावरों, टाउन थाने के इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम और एक अन्य ट्रैफिक रेगुलेशन के लिए की जाएगी।” “संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए, सभी निर्दिष्ट स्थानों पर अंडरकवर पुलिस अधिकारियों को भी तैनात किया गया है और किसी भी अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए शहर के सभी तीन प्रवेश बिंदुओं पर त्वरित कार्रवाई टीमों और 3 विशेष सामरिक इकाइयों को भी जुटाया गया है।”

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History Of Rath Yatra, Jagannath Puri Rath Yatra 2019, Rath Yatra, Rath Yatra 2019, Rath Yatra 2019 puri 2019-07-03 17:30:59 https://deshtv.in/wp-content/uploads/2019/07/Rath-Yatra-Puri-Suraksha-0.jpg
Rath Yatra 2019 : महाप्रभु की अनुमति से श्रीमंदिर पहुंचते है तीनों रथ https://deshtv.in/nation/rath-yatra-2019-all-three-chariots-reach-the-temple-with-the-permission-of-mahaprabhu/ Wed, 03 Jul 2019 10:17:13 +0000 https://deshtv.in/?p=8144 पुरी। रथ यात्रा शुरू होने से ठीक एक दिन पहले, पुरी में पवित्र त्रिमूर्ति के तीनों रथों पर ” आज्ञा माला बीजे (प्रस्थान) ” की रस्म आज अदा की गई। रथ यात्रा के महापर्व के लिए तीन रथों को तैयार करने के लिए “आज्ञा माला बीजे ” भगवान की दिव्य अनुमति की तरह है। इस […]]]>

पुरी। रथ यात्रा शुरू होने से ठीक एक दिन पहले, पुरी में पवित्र त्रिमूर्ति के तीनों रथों पर ” आज्ञा माला बीजे (प्रस्थान) ” की रस्म आज अदा की गई। रथ यात्रा के महापर्व के लिए तीन रथों को तैयार करने के लिए “आज्ञा माला बीजे ” भगवान की दिव्य अनुमति की तरह है। इस अनुष्ठान के अनुसार मंदिर के पूजापंडा, सेवादारों ने तीन देवताओं की सहमति की तीन मालाएं निकालीं और उन्हें अपने-अपने रथों पर बिठाया, जिससे आधिकारिक तौर पर रथ को खींचने के लिए तैयारी संबंधी अनुष्ठानों के संचालन की अनुमति मिली। आज्ञा माला बीजे के बाद रथों को रथ खाला से निकाला गया और सिंहा द्वार के सामने लाया गया, जहां वे कल तक सज धज कर महाप्रभु के लिए तैयार किए जाएंगे।

इस दौरान धार्मिक उत्साह और भक्ति की भावना से सभी ने जय जगन्नाथ का जयघोष किया। रथों को सिंह द्वार तक लाने की परंपरा में सबसे पहले महाप्रभु जगन्नाथ के रथ नंदीघोष को लाया गया। उसके बाद देवी सुभद्रा की देवदलन और सबसे आखिर में भगवान बलभद्र के तालध्वज को लाखों भक्तों की उपस्थिति के बीच श्री मंदिर के सिंह द्वार की ओर लाया गया। दुर्गा प्रसाद दास महापात्र ने बताया कि सभी अनुष्ठान सुचारू रूप से चल रहे है, और निर्धारित संस्कार भी सेवादारों के बीच अच्छे समन्वय के साथ आयोजित किए जाएंगे।

मैप, मोबाइल एप से मिलेगी मदद
रथ यात्रा महोत्सव के दौरान लोगों की सहायता के लिए 47 स्थानों पर विशेष मानचित्र स्थापित किए गए हैं, जबकि 25 सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं। लोगों की मदद के लिए एक मोबाइल ऐप भी बनाया गया है। आईजी स्पेशल आर्म्ड पुलिस (SAP) अमिताभ ठाकुर द्वारा ट्रैफिक एंड क्राउड कंट्रोल ओवरसाइट के लिए 40 से अधिक प्लाटून तैनात किए गए हैं और 18 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।

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Jagannath Puri Rath Yatra 2019, Jagannath Puri Rath Yatra Live, puri Rath Yatra 2019, Rath Yatra 2019, Rath Yatra 2019 puri 2019-07-03 15:47:13 https://deshtv.in/wp-content/uploads/2019/07/ECOR-App-For-rath-Yatra-Puri-01.jpg
Rath Yatra : इनके घर में बनता महाप्रभु का वस्त्र https://deshtv.in/nation/rath-yatra-mahaprabhus-garment-made-in-his-house/ Tue, 02 Jul 2019 12:45:43 +0000 https://deshtv.in/?p=8116 पुरी। रथ यात्रा शुरू होने में बस एक दिन शेष हैं, दुनिया भर से लाखों लोग पुरी में इस महा उत्सव के लिए तैयारी कर रहे है। इस विशेष अवसर पर, पवित्र त्रिमूर्ति मौसी मां के मंदिर में एक वार्षिक भोज होगा। कुछ परिवार ऐसे हैं जिन्होंने भगवान जगन्नाथ के प्रति प्रेम और भक्ति के […]]]>

पुरी। रथ यात्रा शुरू होने में बस एक दिन शेष हैं, दुनिया भर से लाखों लोग पुरी में इस महा उत्सव के लिए तैयारी कर रहे है। इस विशेष अवसर पर, पवित्र त्रिमूर्ति मौसी मां के मंदिर में एक वार्षिक भोज होगा। कुछ परिवार ऐसे हैं जिन्होंने भगवान जगन्नाथ के प्रति प्रेम और भक्ति के सही अर्थ को परिभाषित किया है। और केवल उनके समर्पित प्रयासों के कारण, रथ यात्रा उत्सव के सौंदर्य मूल्य में वृद्धि हुई है।

                       ऐसा ही एक परिवार राजकिशोर नायक का है, जो रथ यात्रा के दौरान तीनों रथों पर सजावट के लिए थर्मोकोल से बने सुंदर कृत्रिम फूल तैयार करते रहे हैं। जानकारी के अनुसार राज किशोर के परिवार के सदस्य, अक्षय तृतीया के दिन से फूलों की डिजाइनिंग की तैयारी शुरू करते है। और महाप्रभु के रथयात्रा की शुरुवात से पहले तक अपने सभी कार्यों को पूरा करते हैं।

        नेत्र उत्सव के दिन, राज किशोर खुद तीनों रथों को सीबाती और कदंब के आकार में बनाए गए कई फूलों से सजाते हैं। साल 2003 में तीनों रथों में सजावट की अनुमति मिलने के बाद, राजकिशोर का परिवार पूरी ईमानदारी से इस जिम्मेदारी को निभा रहा है। उन्होंने कहा कि “हमें लगता है कि हम परमेश्वर की सेवा के लिए खुद को समर्पित कर चुके हैं। हम अपनी अंतिम सांस तक भगवान जगन्नाथ की सेवा करते रहेंगे।”
इसी तरह, एक और परिवार है जो खुद को भगवान जगन्नाथ के सबसे खूबसूरत श्रंगार में से एक, खांडुआ पाटा (पवित्र त्रिमूर्ति द्वारा पहना जाने वाला विशेष कपड़ा) बुनाई करता है। कटक में अथागढ़ क्षेत्र के निवासी त्रिलोचन दास के परिवार ने पीढ़ियों से महाप्रभु के लिए विशेष कपड़े पहनाने का गौरव प्राप्त किया है।

         स्नाना यात्रा से अनबसरा, घोसा यात्रा से नीलाद्री बिज तक, त्रिलोचन का परिवार हर विशेष अवसर पर महाप्रभु के साथ देवी सुभद्रा और भाई बलभद्र को खण्डुआ पाटा अर्पित करते है।

त्रिलोचन ने कहा, “भगवान जगन्नाथ के लिए खंडुआ डिजाइन करना हमारे जीवन का हिस्सा बन गया है और जहाँ तक मुझे याद है, मेरे पिता ऐसा करते थे, और अब मैं अपने उत्तराधिकारी को भी इसे लेने के लिए प्रेरित कर रहा हूं। ईश्वर की सेवा मेरे लिए महत्वपूर्ण कर्तव्य।”

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History Of Rath Yatra, Lord Jagannath Rath Yatra, Lord Jagannath Rath Yatra Live, Rath Yatra, Rath Yatra 2019, Rath Yatra Jagannath Puri 2019-07-02 18:15:43 https://deshtv.in/wp-content/uploads/2019/07/Rath-Yatra-Lord-Jagannath-dress.jpg
Rath Yatra 2019 : रथयात्रा के लिए रेलवे ने ज़ारी किया ये ख़ास ऐप https://deshtv.in/nation/rath-yatra-the-special-app-released-by-the-railways-for-rath-yatra/ Mon, 01 Jul 2019 14:18:56 +0000 https://deshtv.in/?p=8090 भुवनेश्वर। इलेक्ट्रॉनिक रूप से सूचना देने और डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, ईस्ट कोस्ट रेलवे ने यात्रियों के लाभ के लिए रथ यात्रा मोबाइल ऐप ‘ईसीओआर यात्रा’ लॉन्च किया है। विशेष रूप से विश्व प्रसिद्ध इस रथ यात्रा उत्सव का गवाह बनने के लिए आने वाले श्रद्धालुओ की सुविधाओं के लिए ये […]]]>

भुवनेश्वर। इलेक्ट्रॉनिक रूप से सूचना देने और डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, ईस्ट कोस्ट रेलवे ने यात्रियों के लाभ के लिए रथ यात्रा मोबाइल ऐप ‘ईसीओआर यात्रा’ लॉन्च किया है। विशेष रूप से विश्व प्रसिद्ध इस रथ यात्रा उत्सव का गवाह बनने के लिए आने वाले श्रद्धालुओ की सुविधाओं के लिए ये एप बनाया गया है। पुरी में 2019 की होने वाली रथ यात्रा के लिए ये एप बनाया गया है।

             यह जानकारी ईसीओआर के मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक एजो बेहरा ने दी। रथ यात्रा उत्सव के दौरान ईस्ट कोस्ट रेलवे द्वारा विभिन्न नियमित और विशेष ट्रेनों और अन्य सुविधाओं से संबंधित जानकारी इस एप में ऑडिट की गई है। इस एप को एंड्रॉइड एप्लिकेशन वाले स्मार्ट फोन रखने वाले यात्री गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। ईसीओआर यात्रा एप में सुविधाओं के बारे में अधिक जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें।

स्पेशल ट्रेनें : रथयात्रा अवधि के दौरान चलने वाली विशेष रेलगाड़ियों का पूरा विवरण यानि 3 से 14 जुलाई, 2019 तक ऐप में उपलब्ध रहेगा।

ईस्ट कोस्ट रेलवे के ट्रेन टाइम टेबल : ट्रेन टाइम टेबल में सभी नियमित ट्रेनों से संबंधित जानकारी इस एप में उपलब्ध होगी।

लाइव ट्रेन स्टेटस : संबंधित ट्रेनों के लिए पुरी में प्लेटफॉर्म नंबर आवंटन सहित ट्रेन लाइव जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

लॉजिंग व्यवस्था : पर्यटन, रिटायरिंग रूम और मेला शेड की सुविधा की सभी जानकारी भी आईआरसीटीसी के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है।

रथयात्रा अनुष्ठान : 3 जुलाई से 14 जुलाई तक रथयात्रा अनुष्ठान अनुसूची भी ऐप में उपलब्ध होगी।

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Rath Yatra : 108 घड़ो के जल से स्वामी जगन्नाथ का स्नान https://deshtv.in/nation/rath-yatra-swamiji-jagannaths-bath-with-water-of-108-fencing/ Mon, 17 Jun 2019 06:08:25 +0000 https://deshtv.in/?p=7710 पूरी। महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा का शुभारंभ आज से हो चुका है। श्री मंदिर से महाप्रभु जगन्नाथ आज स्नान मंडप तक पहुंचकर स्नान कर रहे है। जिसके बाद अधिक स्नान करने की वजह से महाप्रभु की तबीयत बिगड़ेगी और अगले 15 दिन के लिए महाप्रभु एकांतवास पर आराम करेंगे। ओडिशा के विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ […]]]>

पूरी। महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा का शुभारंभ आज से हो चुका है। श्री मंदिर से महाप्रभु जगन्नाथ आज स्नान मंडप तक पहुंचकर स्नान कर रहे है। जिसके बाद अधिक स्नान करने की वजह से महाप्रभु की तबीयत बिगड़ेगी और अगले 15 दिन के लिए महाप्रभु एकांतवास पर आराम करेंगे। ओडिशा के विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ पुरी मंदिर में महाप्रभु जगन्नाथ का स्नान कराया जा रहा है। महाप्रभु जगन्नाथ के साथ उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का भी स्नान होता है। आज के दिन को देवस्थान पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, जो ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा पर पड़ता है।

            महाप्रभु जगन्नाथ श्री मंदिर से स्नान मंडप के परिसर में सुना कुआं ( सोने का कुआं) से साल भर में एक बार स्नान करते हैं। जहां उन्हें इस कुएं से 108 घड़ों में पानी निकाल कर पवित्र स्नान कराया जाता है। अल सुबह से शुरू होने वाली इस प्रक्रिया में सबसे पहले स्नान मंडप में 108 घड़ों से कुएं से पानी निकाल कर सभी घड़ों को मंडप में रखा जाता है। जिसमें मंदिर के पुजारी इन जलों में हल्दी, जओ, अक्षत, चंदन, पुष्प और गंगाजल समित सुगंधित इत्र डालकर इसे पवित्र करते हैं। इसके बाद इन घड़ों को स्नान मंडप में लाकर विधि विधान से महाप्रभु जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और सुभद्रा का स्नान कराते हैं। निरंतर मंत्रोच्चार के साथ महाप्रभु जगन्नाथ का जलाभिषेक संपन्न होता है, उसके बाद भगवान का पूर्ण रूप से श्रृंगार कर दर्शन कराया जाता है।

स्नान पूर्णिमा को भक्तों द्वारा अधिक स्नान कराए जाने के बाद महाप्रभु जगन्नाथ बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र की तबीयत बिगड़ जाती हैं। जिसके बाद महाप्रभु को अगले 15 दिनों के लिए एकांतवास में रखा जाता है। जहां उनका काढ़ा और औषधियों से उपचार किया जाता है।

           15 दिनों के आराम के बाद महाप्रभु जगन्नाथ अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए रथ पर सवार होकर निकलते हैं। जिसे विश्वभर में रथयात्रा के नाम से जाना जाता है। साल 2019 की रथ यात्रा 4 जुलाई को निकलेगी, इससे एक दिन पहले यानी 3 जुलाई को भगवान का अंतिम सिंगार कर नेत्रोत्सव संपन्न होगा।

राजा इंद्रद्युम्न ने की थी पहली व्यवस्था
भगवान जगन्नाथ के भक्तों के बीच यह धारणा है कि यदि वे इस दिन देवता के दर्शन करने के लिए तीर्थयात्रा करते हैं, तो वे अपने सभी पापों से मुक्त हो जाएंगे। इस अवसर पर लाखों भक्त मंदिर आते हैं। स्कंद पुराण में उल्लेख है कि राजा इंद्रद्युम्न ने पहली बार इस समारोह की व्यवस्था की थी जब देवताओं की मूर्तियों को पहली बार स्थापित किया गया था।

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