हाथियों के कुनबे में आया एक नया शावक

कोरिया के जंगलों में दीपावली के दिन जन्मा, दीपू मुगुमबारी

बैकुंठपुर| कोरिया जिले के खडगवां परिक्षेत्र के जंगलों में ठीक दीपावली के दिन हाथियों के कुनबे में एक और इजाफा हुआ है एक नन्हें शावक ने यहां के जंगल में पेर धरा है। वन अमले ने इसका नाम दीपू मुगुमबारी रखा है। 30 हाथियों के इस दल ने खडगवां परिक्षेत्र के मुगुम बारी के जंगल में अपना डेरा जमा रखा है। कोरिया जिले में हाथिनी द्वारा जन्म देने की यह तीसरी घटना है। इसके पूर्व एक बार सोनहत के जंगलों के साथ बैकुंठपुर के कांदाबाडी के जंगल में भी हथिनी अपने बच्चे को जन्म दे चुकी है।

         जानकारी के अनुसार 27 अक्टूबर दिवाली के दिन 29 हाथियों के दल में एक हथिनी ने एक बच्चे को जन्म दिया, पूरा दल मुगुमबारी के जंगलों में डेरा डाले हुए है। इससे पहले की वन विभाग का पूरा अमला दल के आसपास ग्रामीणों को सतर्क करने में मुस्तैद था, जन्मे बच्चे का नाम दीपू मुगुमबारी रखा गया है, दिन मे हाथियों का दल बाहर निकलकर धान के खेतों में पहुँच जाते है और फसल चट कर रात में फिर मुगुम बारी के जंगलो में पहुच कर आराम करते है।

मुआवजा देने में जुटा वन अमला
दूसरी ओर वन अमला किसानों की फसल का मुआवजा प्रकरण बनाने मे जुटा है ताकि उनकी फसल की क्षति का मुआवजा तत्काल दिया जा सके। जिस क्षेत्र में हाथी पहुंचे है, इस सभी रुट का निरीक्षण कराकर फसल नुकसान का आंकलन किया जायेगा। इसके बाद फसल नुकसान का किसानों को क्षतिपूर्ति राशि मिलेगा।