हाईकोर्ट से भूपेश सरकार को एक और झटका…

सहकारी समितियों को भंग करने मामले में पर फैसला निरस्त

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार को एक बार फिर हाईकोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने सहकारी समितियों को भंग करने मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के फैसले को निरस्त कर दिया है। चीफ जस्टिस पी रामचंद्र मेनन और जस्टिस पीपी साहू की पीठ ने इस मामले पर पूरी सुनवाई की है। राज्य सरकार ने कुछ महीने पहले ही 1333 सहकारी समितियों को भंग करने का आदेश जारी किया था।

इसके अलावा राज्य सरकार ने इन समितियों के पुनर्गठन का भी प्रावधान लाया था। जिसके बाद 170 से ज्यादा याचिकाएं हाईकोर्ट में सरकार के इस फैसले के खिलाफ दाखिल की गई थी। इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के आदेश पर अब रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले पर राज्य सरकार को नोटिस देकर जवाब भी मांगा है।

मिली जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार ने प्रदेश भर की सेवा सहकारी समितियों के पुनर्गठन के लिए अधिसूचना जारी कर 30 जुलाई 2019 तक दावा आपत्ति मांगी थी। सरकार ने बिना दावा आपत्ति के निराकरण के 30 अगस्त 2019 को प्रदेश के 1035 सेवा सहकारी समितियों को भंग करने का आदेश जारी कर दिया, इसके साथ ही इनके पुनर्गठन का भी आदेश भी सरकार ने दिया था। जिसके बाद इन सरकारी समितियों के सदस्यों ने हाईकोर्ट में इस मामले को चुनौती दी थी।

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