दिव्यांगजनों के लिए वरदान है कृत्रिम हाथ- राज्यपाल उइके

जैन समाज द्वारा आयोजित कृत्रिम हाथ वितरण शिविर का समापन

रायपुर। सुधर्म जैन समाज एवं श्री वर्धमान मित्र मंडल के संयुक्त तत्वाधान में कृत्रिम हाथ वितरण शिविर का आज समापन हुआ। इस समापन समारोह में राज्यपाल अनुसुइया उइके और रायपुर उत्तर के विधायक कुलदीप जुनेजा शामिल हुए। दिव्यांग जनों को अपनी नई मंजिल की ओर पहुंचाने का लक्ष्य लिए जैन समाज पिछले 6 सालों से लगातार करता आ रहा है। हर साल लगने वाले इस शिविर में न सिर्फ छत्तीसगढ़ के बल्कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के 75 दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम हाथ सौंपा गया।

                  अब ये दिव्यांग अपने खोए हुए हाथ से वो सभी काम कर पाएंगे जो एक साधारण व्यक्ति कर सकता है। या यूं कह ले एक बार फिर वे स्वालंबित होने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। इन कृत्रिम हाथों को बनाने के लिए जोधपुर से अंकित जैन की टीम रायपुर पहुंची हुई थी। जिन्होंने अथक परिश्रम के बाद दिव्यांग जनों के हाथों का नाप लेकर उपयुक्त कृत्रिम हाथ लगाने है काम किया है। इस शिविर के समापन समारोह में पहुंची छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसूइया उइके ने दिव्यांगों को मिले कृत्रिम हाथ से उन्हें काम करते देखा। इस काम के लिए राज्यपाल ने जैन समाज को सराहा भी। उन्होंने कहा कि समाज की यह पहल ऐसे दिव्यांग जनों को एक नई राह दिखा दी जिससे यह दिव्यांगजन किसी दूसरे पर आश्रित ना होकर अपना काम खुद कर सकेंगे इसे देखकर काफी खुशी हो रही है। उन्होंने आशा जताई कि आगे भी इस तरह के काम समाज द्वारा किए जाएंगे।

जन्म से ही नहीं था हाथ
ऐसे लोग जो किसी दुर्घटना में अपने हाथ खो चुके है, या जन्म से ही हाथ नहीं है, इन दिव्यांगों को कृत्रिम हाथ मिलने से उनके चेहरे खिले दिखे। शिविर में पहुंची ऐसे ही एक बालिका जिसका नाम बरखा बघेल है। बरखा का जन्म से ही हाथ नही था, उसने अपना बचपना बिना हाथ के ही निकाल दिया। ये अब 10 वी कक्षा की छात्रा है जिसे आज कृत्रिम हाथ के रूप मे नई राह मिल गई है। बरखा ने बताया कि बहुत से दिक्कतों को दरकिनार कर अब उसे आगे बढ़ने का मौका मिला। अब वह इस हाथ के लग जाने से दिनचर्या के सभी काम खुद ही कर पाएगी।

ज़ारी रहेगा सिलसिला
सुधर्म जैन समाज के अध्यक्ष हरखा मालू ने बताया कि सभी दिव्यांगजनों को स्वावलंबी बनाने की पहल समाज के द्वारा किया गया है। ये प्रयास आगे भी अनवरत जारी रहेगा। वहीं वर्धमान मित्र मंडल के अध्यक्ष अभिषेक गांधी ने कहा कि दिव्यांगों को हाथ के मिलने से उनके चेहरे पर एक खुशी देखी गई। साथ ही आने वाले समय में समाज के द्वारा स्वास्थ्य बीमा भी सामाजक लोगों को कराए जाने की बात उन्होने कही।