बस्तरः नक्सल मिलिट्री प्लाटून को बड़ा झटका, 8 साथियों ने छोड़ा साथ

मुख्यधारा में लौटे, कहा-संगठन की कार्यप्रणाली से तंग थे

धर्मेन्द्र महापात्र, जगदलपुर। सुकमा और बीजापुर में नक्सलियों के 8 साथियों ने संगठन की कार्यप्रणली से तंगआकर नक्सलवाद की राह छोड़ दी। आज नक्सल प्रभावित सुकमा और बीजापुर जिले में 8 नक्सलियों से आत्मसमर्पण किया।

बीजापुर जिले में नक्सलियों की मिलिट्री प्लाटून को बड़ा झटका लगा है। यहाँ दो लाख के इनामी नक्सली ने समर्पण किया है। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत माड़ डिविजनल कमेटी में सक्रिय दो लाख का इनामी मिलिट्री प्लाटून नम्बर 16 के राजू ओयाम उर्फ जयमन ओयाम निवासी बोड़गा,पटेलपारा थाना भैरमगढ़ ने जिले के पुलिस अधिकारियों के आत्मसमर्पण किया है।

समर्पित माओवादी वर्ष 2019 में ताकीलोड़ व बोड़गा में पुलिस पार्टी पर फायरिंग की घटना में शामिल था। राजू के मुताबिक संगठन से नाता तोड़ने की असल वजह उपेक्षा रही है। उसका आरोप है कि नक्सली संगठन में उसके साथ भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाया जाता था।

निरन्तर प्रताड़ना से तंग आकर उसने संगठन छोड़ने का निश्चय किया। राजू वर्ष 2008 में सुजातक्का,सुखमति,चन्दु्र नक्सली नेताओ के नेतृत्व में सीएनएम सदस्य के रूप में संगठन में शामिल हुआ।

सीएनएम कमांडर सुखमती द्वारा उसे नाच-गाना का प्रशिक्षण दिया गया। वर्ष 2011 में माओवादियों की जनताना स्कूल में भर्ती हुआ। आगे लीडर सपनक्का ने उसे इन्द्रावती एरिया कमेटी के प्लाटून नम्बर 16 में पार्टी सदस्यता दिलाई।

आत्म समर्पण के बाद प्रोत्साहन स्वरूप उसे 10 हजार रुपये नकद राशि एसपी बीजापुर कमलोचन कश्यप द्वारा प्रदान किया गया है।

दूसरी तरफ सुकमा जिले में 7 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष समर्पण किया है। समर्पण करने वाले सभी नक्सली कोंटा एरिया कमेटी के है। इनमें एक यहां के कमांडर कोसा का अंगरक्षक भी है।