बीजापुर में मुठभेड़, नक्सल गिरफ्तारी पर उठे सवाल

ग्रामीणें ने कहा, मुठभेड़ फर्जी, गिरफ्तार लोग नक्सली नहीं

बीजापुर। बस्तर के बीजापुर जिले के गंगालूर थानाक्षेत्र के गोटपल्ली के जंगलों में कल मुठभेड़ के बाद नक्सलियों की गिरफ्तारी पर सवाल उठने लगे हैं। मुठभेड़ के बाद विस्फोटक सहित 5 माओवादियों को गिरफ्तार करने का पुलिस ने किया था दावा। परिजनों का आरोप है कि गिरफ्तार किए गए लोग माओवादी नहीं हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सुरक्षाबल के जवानों ने निर्दोष आदिवासियों के साथ मारपीट की। जवानों पर 15 हजार रुपये भी चुराने का आरोप लगाया है। मुठभेड़ को फ़र्ज़ी बताते हुए सैकड़ों ग्रामीण सोनी सोरी के नेतृत्व में विधायक से मिल न्याय की गुहार लगाने जिला मुख्यालय पहुंचे । वहीं विधायक और राज्यमंत्री विक्रम मंडावी ग्रामीणों की शिकायतें भी सुनी है।

उल्लेखनीय है कि कल पुलिस ने गंगालूर थानाक्षेत्र के पीडिया गांव से सुरक्षाबल के जवानों ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से पहले मुठभेड़ भी हुआ। इनमें 1 महिला समेत 5 नक्सली हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार नक्सलियों से पिट्ठू, नक्सल वर्दी और विस्फोटक सामग्री किया बरामद किया गया है। इस कार्रवाई में DRG, STF, कोबरा और CRPF के जवान शामिल रहे।

गौरतलब है कि बीजापुर जिले के सारकेगुड़ा में जून 2012 को जवानों ने फायरिंग कर 17 नक्सलियों के मारे जाने का दावा किया था। जिसे न्यायिक जांच आयोग ने नवंबर में फर्जी करार दिया है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि जवानों ने 17 निर्दोष आदिवासियों की नृशंस हत्याएं की थी। इस मामले में प्रदेश भर में काफी सियासत भी हुआ। काफी दिनों तक रार्ष्टीय मीडिया में सुर्खियों में बना रहा।