बस्तर : स्वास्थ्य विभाग से बदसलूकी करने वाली मॉडल समेत 5 के खिलाफ FIR दर्ज

चार दिन पहले महाराष्ट्र से जगदलपुर जा रही थी युवती

धर्मेंद्र महापात्र, बीजापुर। कोरोना स्क्रीनिंग ना कराने को लेकर बस्तर के बीजापुर में स्वास्थ्य अमले से बदसलूकी मामले में बीजापुर थाने में मुम्बई की मॉडल सहित उसके अन्य 5 साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुआ है।स्वास्थ्य कर्मी मानस तिवारी ने कल देर रात 1 बजकर 40 मिनट में यह FIR दर्ज कराया है।

बीते दिनों मुबाई से मॉडल(कोनिका रॉय,कंर्फम नही) पटनम के रास्ते अपने 5 साथियों के साथ जगदलपुर आ रही थी इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के सामने इनोवा में सवार 6 लोगों से कोरोना स्क्रीनिंग कराने की बात कही गई मगर इन्होंने स्क्रीनिंग कराने की बजाये स्वास्थ्य अमले से ही भिड़ गये और युवती अंग्रेजी में कर्मियों से हुज्जत करने लगी।

इसका एक वीडियो भी जमकर वाइरल हुआ था। बताया जा रहा है मामले को लेकर दो दिन बाद युवती बीजापुर जाकर सीएमएचओ डॉ बी. आर. पुजारी सहित अन्य लोगों से अपने करतूत के लिये माफी भी मांगी।

मगर उसके बाद सोशल मीडिया इंस्टाग्राम में कोनिका रॉय ने विभाग को ही कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की। तब नियम तोड़ने और अधिकारियों से बदसलूकी को लेकर अब युवती और अन्य 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है.

बीजापुर के सीएमएचओ डॉ बीआर पुजारी का कहना है कि घटना जिस दिन हुई, इसकी शिकायत नगर कोतवाली में अवश्य की गई थी, लेकिन नामजद एफआईआर विभाग की तरफ से नहीं कराया गया था।

कतिपय कारणों के चलते ही उन्होंने रिपोर्ट नहीं लिखवाई थी,लेकिन कथित युवती द्वारा अब अपने इंस्टाग्राम अकाउंट में एक पोस्ट के जरिए स्वास्थ्य महकमे के विरूद्ध असहयोगात्मक रवैया अपनाने, परेशान करने जैसे अनर्गल आरोप लगाए हैं, जो पूरी तरह से निराधार है।

डॉ पुजारी के मुताबिक कृत्य से कोरोना संक्रमण से निपटने 24 घंटे ड्यूटी कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों का मनोबल गिरा है। चूंकि युवती द्वारा पोस्ट में लिखी बातें पूरी तरह निराधार है,इसके अलावा वीडियो को एडिट किए जाने की बात भी पूरी तरह से झूठ है।

असल में वीडियो से घटना की प्रमाणिकता सिद्ध होती है। अगर वीडियो की जांच भी करानी हो तो वे तैयार है। युवती की लिखी बातें दुष्प्रचार प्रतीत है, इसलिए कथित युवती के विरूद्ध नियमानुसार रिपोर्ट दर्ज करा दिया गया है।

चार दिन पहले महाराष्ट से जगदलपुर जा रही एक वाहन को मेडिकल टीम ने स्क्रीनिंग हेतु रोका था।इस दौरान सीएमएचओ डॉ पुजारी स्वयं मौके पर थे। स्क्रीनिंग को लेकर ही युवती ने बखेड़ा कर दिया था। घटना के अगले दिन ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। इसे लेकर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं भी आई।

जिसके बाद युवती ने वीडियो वायरल करने वाले स्थानीय टीवी चैनल पत्रकार के विरूद्ध भी इंस्टाग्राम अकाउंट के अपने पोस्ट में जबरन दुष्प्रचार करने का आरोप लगाते उसके विरूद्ध लीगल एक्शन लेने की चेतावनी दी है।

वहीं, पत्रकार मुकेश चन्द्राकर का कहना है कि वीडियो से घटना की वास्तविकता पता चलता है। दरअसल वायरल वीडियो में युवती फोन पर किसी शख्स से बात कर रही है और डॉ पुजारी का नाम पूछ फोन करने को कह रही है।

चर्चा है कि किसी रसूखदार के दबाव के चलते स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले पर अब तक चुप्पी साध रखी थी, लेकिन युवती के पोस्ट के बाद विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुये आखिरकार रिपोर्ट दर्ज करवा ही दिया।