सचिन के ट्विट होते ही हीरो बन गया दंतेवाड़ा का मड्डाराम

गिफ्ट में मिला बैट-बाल, व्हील चेयर और नई ट्राइसाइकिल

दंतेवाड़ा। बस्तर के दंतेवाड़ा जैसे घोर माओवादी एवं बीहड़ क्षेत्र के एक बहुत ही छोटे से गांव बेंगलुर के पटेलपारा में रहने वाले दिव्यांग बालक मड्डाराम कवासी ने लाजवाब तरीके से क्रिकेट खेलते हुए क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर जैसे शख्स को तारीफ करने पर मजबूर कर दिया। सचिन ने नए साल में अपने प्रशंसकों को सोशल मीडिया में वायरल विडियो को शेयर किया।

उन्होंने अपने ट्विटर पेज पर लिखा, ‘’इस बच्चे के प्रेरणादायक वीडियो के साथ अपने 2020 की शुरुआत करें, मड्डाराम अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलते हुए। इसने मेरे दिल को छूआ है और मुझे यकीन है कि यह आपके दिल में भी बस जाएगा।‘’

इसके बाद जनप्रतिनिधि से लेकर प्रशासन भी जागा। नेता पहुंचे और अफसर भी। मड्डा को नई वीलचेयर, क्रिकेट किट और नई ट्राईसाइकिल भी मिली। अब बेहतर शिक्षा के लिए अच्छे स्कूल में मड्डाराम का दाखिला भी होगा। खेल के साथ पढ़ाई में होनहार मड्डाराम डाक्टर बनना चाहता है।

जानकारी के मुताबिक, सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले दिव्यांग मड्डाराम कवासी पैरों से लाचार है, लेकिन उसमें क्रिकेट खेलने की ऐसी ललक है कि शारीरिक कमियों के बाद भी शॉट मारकर खुद दौड़ लगाता है। इस बारे में भारत रत्न सचिन तेंदुलकर को पता लगते ही उन्होंने अपने ट्विटर पर वीडियो शेयर कर दिया। सचिन के इस ट्वीट के बाद गुरुवार को शिक्षा विभाग के अधिकारी अपने सहयोगियों के साथ मड्डा से मिलने स्कूल पहुंचे गये।

उसे नई व्हीलचेयर, क्रिकेट कीट और पंचायत समाज विभाग की तरफ से नई ट्राईसाइकिल भी दी गई। साथ ही बेहतर शिक्षा के लिए अच्छे स्कूल में विभाग मड्डा का दाखिला कराएगा। यह नया गिफ्ट पाकर वह काफी खुश है।

स्कूल के शिक्षक बताते है कि मड्डा खेल के साथ पढ़ाई में होनहार है। उसकी रुचि क्रिकेट में है। उसे धोनी और सचिन तेंदुलकर का खेल अच्छा लगता है।

मड्डा ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, ‘’मुझे इस बात पर गर्व महसूस हो रहा है कि सचिन तेंदुलकर ने मेरा वीडियो शेयर किया है। मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहूंगा और उन्हें अपने गांव में आने के लिए इनवाइट भी करुंगा।“

मड्डा ने कहा, ‘’वीडियो में दिखने वाले कोसा, राजा और अन्य सभी मेरे अच्छे दोस्त हैं और हमेशा मेरी मदद करते हैं। इसके अलावा वो मेरा साहस भी बढ़ाते हैं।“

मड्डा ने पढ़ लिखकर भविष्य में एक डॉक्टर बनने की इच्छा जाहिर की है।

जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कर्मा ने बताया, “मड्डाराम के माता-पिता से बच्चे के बारे में बात करेंगे और उसे जिले के जिस स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं, उसमें उसका दाखिला करवाएंगे।“

उन्होंने कहा, “मड्डाराम के खेल का वीडियो शेयर होना दंतेवाड़ा जिला और शिक्षा विभाग दोनों के लिए गौरवान्वित करने वाली बात है। दिव्यांग होने के बाद भी उसमें प्रतिभा कूट-कूटकर भरी हुई है। क्रिकेट ही नहीं पढ़ाई में भी छात्र बहुत होनहार है। हम विभाग की तरफ से हर संभव मदद पढ़ाई में करेंगे। जैसा भी दिशानिर्देश दन्तेवाड़ा कलेक्टर देंगे हम सभी तरह की मदद करेंगे।“

बता दें कि स्कूल से कुछ दूरी पर मड्डाराम का खपरैल घर है। जहां से वह ट्राईसाइकिल से स्कूल आता-जाता है। क्रिकेट खेल में उसकी विशेष रुचि है। इसलिए वह लकड़ी का एक बैट भी अपने साथ लेकर चलता है।

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