नारायणपुर उपजेल में 52 कैदी कोरोना पॉजिटिव

उपजेल के  अलग बैरक में रखकर किया जा रहा इलाज

नारायणपुर| कोरोना संक्रमण शहर सहित ग्रामीण अंचल को अपनी चपेट में लेने के बाद अब नारायणपुर उपजेल के अंदर भी दाखिल हो गया है। इससे उपजेल में कोरोना विस्फ़ोट होते नजर आया है। इसमे नारायणपुर उपजेल में 2 कर्मचारी सहित अभी तक 54 कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए है। इनमे 52 विचाराधीन कैदी शामिल है। इन कैदियों को उपजेल के अंदर अलग बैरक में रखकर इलाज किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार काम होने नाम नही ले रही है। कोरोना की दूसरी लहर के शुरुआती शहरी क्षेत्र से सबसे ज्यादा मरीज सामने आने के बाद ग्रामीण अंचल में भी अपने  पैर पसारना शुरू कर दिए है।

इससे ग्रामीण अंचल में हुए विवाह समारोह के कार्यक्रम से कोरोना संक्रमण ने विकराल रूप ले लिया। इससे अब ग्रामीण अंचल से कोरोना संक्रमण के ज्यादा केस सामने आ रहे है।

वही कोरोना संक्रमण अब जेल के अंदर तक दाखिल हो गया है। इससे जिले में सजा काट रहे विचाराधीन कैदी इसकी चपेट में गए है। इससे 12 मई को नारायणपुर उपजेल में एंटीजेन से 42 सैम्पल लिए गए थे। वही ट्रू नॉट से 37 सैम्पल की जांच की गई थी। इससे 12 मई को 9 पॉजिटिव केस सामने आए थे। वही 13 मई को एंटीजेन 96 और ट्रू नॉट 95 सैम्पल लिए गए थे। इसमे 3 कोरोना संक्रमित सामने आए थे। वही 14 मई को ट्रू नॉट सैम्पल जांच में 4 ओर 15 मई को 20 पॉजीटिव केस सामने आए थे। वही रविवार 16 मई को ट्रू नॉट सैम्पल जांच में 18 पॉजिटिव केस सामने आए है।

इस तरह नारायणपुर उपजेल में 5 दिन में 54 पॉजिटिव केस सामने आए है। इनमे 2 उपजेल के कर्मचारी और 52 विचाराधीन कैदी शामिल है। इससे कोरोना संक्रमित कैदियों को अलग बैरक में रखकर स्वास्थ्य विभाग के देखरेख उनका इलाज किया जा रहा है।

3 गुना ज्यादा विचाराधीन कैदी

नारायणपुर उपजेल में विचाराधीन कैदी को रखने की क्षमता 50 है। लेकिन नारायणपुर उपजेल में वर्तमान समय मे क़रीब 146 कैदियों को रखा गया हैं। इससे कोरोना संक्रमण काल मे क्षमता से 3 गुना ज्यादा कैदी सजा काट रहे है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है। नारायणपुर उपजेल की क्या स्थिति होगी।

इधर जिला मुख्यालय स्थित उपजेल में कोरोना के प्रकरण मिलने के बाद आज कलेक्टर धर्मेश कुमार साहू, पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग सहित अन्य अधिकारियों ने आज उपजेल का निरीक्षण किया।

इस दौरान कलेक्टर साहू ने कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करते हुए बैरक में रह रहे कैदियों से बातचीत की और उनसे जेल की व्यवस्थाआंे, भोजन, शौचालय एवं दी जा रही दवाईयों के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर साहू ने जेलर से कहा कि किसी भी मरीज की तबीयत यदि ज्यादा खराब हो तो बिना देर किये उसे कोविड केयर सेंटर में भेजे। इसके साथ ही उन्होंने की सुरक्षा व्यवस्था सीसीटीव्ही, अलार्म आदि की जाानकारी ली और नियमित अंतराल में मॉकड्रिल करने कहा। उन्होंने जेलर से जेल में स्थापित क्लीनिक में मरीजों की लिए दवाईयों के स्टॉक एवं उपलब्धता की जानकारी ली।

कलेक्टर ने कैदियों के लिए भोजन तैयार किये जाने वाले पाकशाला और बैरक आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जेल की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए अगर किसी भी प्रकार की आवश्यकता हो, तो वे तत्काल प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करें।

इस दौरान कलेक्टर ने जेल के सिपाहियों से बातचीत की और उन्हें सही तरीके से मास्क लगाने, हाथों को सेनेटाईज करने, सोशल डिस्टेसिंग का पालन, कोविड-19 का लक्षण दिखायी देने पर तत्काल अपने आप को अलग करने और जांच कराने की समझाईश दी।

उन्होंने कहा कि वे सुरक्षित रहकर अपने कर्तव्य का पालन करें। मौके पर डिप्टी कलेक्टर वैभव क्षेत्रज्ञ, फागेश सिन्हा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ ए.आर. गोटा सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।