महिलाओं ने की कुमकुम पूजा, माँगी सुहाग की लंबी आयु

धर्मेन्द्र महापात्र, जगदलपुर| श्री बालाजी मंदिर में 20 वे वार्षिक महोत्सव के चौंथे दिन सुबह से पूजा-अर्चना शुरू हुई।महिलाओं ने अपने सुहाग एवं परिजनों के सुदीर्घ जीवन के लिए कुमकुम पूजा की। कुमकुम पूजा में मंदिर परिसर में सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया। पूजा विधान आंध्रप्रदेश   से पधारे दैवज्ञ पंडितों ने संपन्न करवाया।

आज सुबह सुप्रभात पूजा के बाद पूजा मंडप में भगवान का फूलों से अलंकरण कर महिलाओं ने सामूहिक रूप से मंदिर परिसर में कुमकुम पूजा की। मंदिर में चल रहे पांच दिवसीय आयोजन के चौंथे दिन हुई कुमकुम पूजा के लिये टेंपल की ओर से पूजा सामग्री दी गई थी।

महिलाओं ने अपने सुहाग एवं परिजनों के सुदीर्घ जीवन के लिए कुमकुम पूजा की। कुमकुम पूजा में मंदिर परिसर में सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया। पूजा विधान आंध्रप्रदेश  से पधारे दैवज्ञ पंडितों ने संपन्न करवाया।

श्रद्धालुओं ने सहस्त्र दीपों से किया मंदिर का अलंकरण

वार्षिक महोत्सव के चौथे दिन, आज श्रद्धालुओं ने भगवान का ऊँचा सेवा किया। इस विधान के तहत भगवान को लकड़ी के झूले में भक्तों ने झुलाया। इससे पहले  बालाजी मंदिर में सहस्र दीपालंकरण विधान संपन्न हुआ।

पूजा में शामिल भक्तों ने अपने हाथों से मिट्टी के दीप प्रज्वलित कर मंदिर परिसर को सजाया। भक्तों ने पूजा मंडप, गरूड़ स्तंभ सहित दशावतार, श्री कृष्ण एवं अन्य प्रतिमाओं के समक्ष दीप प्रज्वलित किया।

 रत्न जड़ित कवच धारित देव प्रतिमाएँ

देखें विडिओ  20वें वार्षिक महोत्सव के अवसर पर बालाजी मंदिर स्थित भगवान बालाजी, माता आंडाल, माता पद्मावती और श्री गणेश जी की प्रतिमाओं को रत्न कवच धारण करवायें गये हैं। चांदी में जड़ें चमकीले और रंग बिरंगे अमेरिकन डायमंड से बने कवच से सुसज्जित देव प्रतिमायें श्रद्धालुओं के विशेष आकर्षण का केंद्र बनें हुए हैं। इस अवसर पर भगवान बालाजी की प्रतिमा को पहनाया गया स्वर्ण मुकुट के दर्शन हेतु भी भक्त मंदिर पहुँच रहें हैं।