मलेरिया मुक्त होगा बस्तर, 15 से अभियान

14 लाख की होगी खून जांच, पहुंचेगी टीम

जगदलपुर। बस्तर को मलेरिया मुक्त करने संभाग के बस्तरबीजापुरसुकमा और नारायणपुर जिले के 26 विकासखंडों में 15 से 14 फरवरी तक ‘मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान’ चलाया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां के पौने तीन लाख से अधिक घरों तक पहुंचकर वहां के करीब 14 लाख लोगों के खून की जांच करेगी। मलेरिया पाए जाने पर तुरंत इलाज उपलब्ध कराएगी।

इसके अलावा टीम वहां के स्कूलोंआश्रम, छात्रावासों और पैरामिलेट्री कैंपों में भी जाकर मलेरिया की जांच करेगी। संभाग के बस्तर, बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर जिले के 26 विकासखंडों में यह अभियान चलाया जाएगा। वहां के 430 उपस्वास्थ्य केन्द्रों के माध्यम से एक हजार 823 गांवों में मलेरिया की पहचान करते हुए इलाज किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने मलेरिया से होने वाली मौतों को गंभीरता से लेते हुए वहां जांच और इलाज अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभिन्न विभागों के मैदानी अमले के साथ समन्वय बनाकर काम करने कहा है।बस्तर को मलेरिया मुक्त करने दूसरे चरण का अभियान मानसून के पहले मईजून में और तीसरे चरण का अभियान साल के अंत दिसम्बरजनवरी में चलाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि बस्तर में मलेरिया के 64 प्रतिशत मामले अभियान में शामिल 26 विकासखंडों से ही आते हैं। इन इलाकों में मलेरिया नियंत्रण से पूरे बस्तर को मलेरियामुक्त किया जा सकेगा।

एनीमियाकुपोषण दूर करने का प्रयास भी 

बस्तर में मलेरिया उन्मूलन अभियान के साथ ही एनीमियाशिशु मृत्युदरमातृ मृत्युदर और कुपोषण दूर करने पर भी फोकस किया जाएगा। 15 जनवरी से शुरू हो रहे इस अभियान के पहले चरण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक हजार 720 दलों का गठन किया गया है। प्रत्येक उपस्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को शामिल कर चार जांच दलों का गठन किया गया है। ये दल बस्तर के दो लाख 75 हजार 770 घरों में 13 लाख 79 हजार लोगों के बीच पहुंचकर मलेरिया की जांच करेगी।

मलेरिया पाए जाने पर दवाईयां देकर तत्काल इलाज भी शुरू किया जाएगा।

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