भूपेश कैबिनेट : 1 दिसंबर से शुरू होगी धान खरीदी

सीधी भर्ती के लिए संशोधन रोस्टर का अनुमोदन

रायपुर। भूपेश कैबिनेट में आज कई अहम मुद्दों पर फैसला लिए गए है। जिसमें धान खरीदी की तारीख को ख़राब मौसम के चलते आगे बढ़ाया गया है। भूपेश कैबिनेट ने आज खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का के उपार्जन तथा कस्टम मिलिंग की नीति का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत आगामी एक दिसंबर से 15 फरवरी तक धान उपार्जन का कार्य किया जाएगा। अब तक 15 नवंबर तक प्रदेश में धान खरीदी शुरू कर दी जाती थी, पहली दफा इस बार 1 दिसंबर से धान खरीदी की शुरुवात करने का फैसला लिया है।
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गो के लिए आरक्षण) नियम, 1998 के नियम 3 की अनुसूची-दो में संभाग और जिलों में सीधी भर्ती के लिए निर्धारित 100 बिन्दु माॅडल आरक्षण रोस्टर में संशोधन का अनुमोदन किया गया।

बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए भूपेश सरकार के मंत्री रविन्द्र चौबे कहा कि ” किसानों से जो भी वादा हमने किया है उसे पूरा करेंगे, अगर केंद्र सरकार सहयोग नहीं भी करती है तो भी किसानों का अहित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने ने ये भी बताया कि कैबिनेट यह भी निर्णय लिया गया है कि बाहरी राज्यों से आने वाले धान पर निगरानी के लिए भी तगड़ी व्यवस्था की जा रही है।
बाहरी धान प्रदेश में न खप जाए इस व्यवस्था की जानकारी साझा करते हुए अमरजीत भगत ने बताया प्रदेश के तमाम मंत्रियों को प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में दौरा कर खुद खरीदी पर नज़र रखेंगे। वहीं उन्होंने कहा कि दीगर राज्यों का धान छत्तीसगढ़ में खपाए जाने के मामलें में वाहन राजसात किए जाएंगे, साथ ही खरीदी केंद्र के अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी। किसान का पंजीयन भी रद्द कर, गिरफ्तारी भी की जाएगी।