आरक्षण के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर याचिका हुई खारिज

कोर्ट ने कहा - प्रकरण सुनवाई योग्य नहीं माना जाता

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ओबीसी, एसटी और एससी के आरक्षण में की गई बढ़ोत्तरी के ख़िलाफ़ दायर याचिका को हाईकोर्ट ने ख़ारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने इस मामलें में दायर याचिका पर टिपण्णी करते हुए कहा कि “प्रदेश की विधानसभा में आदेश के पारित नहीं होने की वजह से अब तक ये आरक्षण प्रभावशील नहीं हो पाया है। लिहाज़ा ये प्रकरण सुनवाई योग्य नहीं माना जाता है और इसे ख़ारिज़ किया जाता है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के अनुसूचित जनजाति को 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 13 और अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया था। इसी के साथ ही ओबीसी के आरक्षण में 13 फीसदी बढ़ोतरी की थी।

प्रदेश सरकार के इस फैसले के खिलाफ बिलासपुर हाईकोर्ट में कुणाल शुक्ला, नवनीत तिवारी और विवेक ठाकुर ने अपील की थी। इस याचिका में याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण पर जारी की गई गाइडलाइन को दरकिनार करने की दलील पेश की गई थी।

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