क्षमता 33 हजार की पर 7 हजार हेक्टेयर की मिट रही प्यास

सिंचाई सुविधा से सम्पन्न कोरिया की ताजा हालात

बैकुंठपुर । कोरिया जिले में सिंचाई सुविधाओं की कमी नहीं है, इसके बावजूद कई क्षेत्रों के किसानों को उपलब्ध सिंचाई सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता। जिन डेमों में पानी भरा है, उनके गेट टूटे पडे़ हैं, पानी पूरे साल बहता रहता है, गेट बंद कराने लाखों खर्च कर दिए गए है, परन्तु पानी नहीं रूकता है। सबसे मजे की बात तो यह है पूरे जिले में स्थित सिंचाई योजनाओं की 33000 हे की सिंचाई क्षमता निर्धारित है जबकि विभाग इन योजनाओं से मात्र 7 हजार हेक्टेयर होना दर्शाता है। मतलब 5 गुना सिंचाई कम हो रही है।

इस संबंध में कार्यपालन यंत्री विनोद शंकर साहू का कहना है कि मैं पता करवाता हूं कि पानी कहां से निकल रहा है। जानकारी के अनुसार इस समय सबसे ज्यादा उपलब्ध जलभराव 75.11 प्रतिशत भरतपुर सोनहत क्षेत्र में है तथा सबसे कम बैकुंठपुर विधानसभा में 65 प्रतिशत ही जल भराव है। जबकि मनेन्द्रगढ़ विधानसभा में 68.81 प्रतिशत जलभराव है। वहीं जिला मुख्यालय बैकुंठपुर से लगे मध्यम श्रेणी की बांध परियोजना झुमका में इस बार जल भराव की क्षमता 23.370 घन मीटर. के मुकाबले 17.410 जल भराव हुआ है जो 74 प्रतिशत है। इसी तरह जिला मुख्यालय से सोनहत मार्ग पर स्थित गेज मध्यम सिंचाई परियोजना में जल भराव क्षमता 22.870 घन मीटर. है जिसमे इस वर्ष 15.320 घन मीटर. जल भराव हुआ है जो कुल जल भराव का 67 प्रतिशत है। इसी तरह लघु सिंचाई योजनाओं की स्थिति भी ठीक नही है। दोनों में पूरे वर्ष पानी लगातार व्यर्थ बह रहा है, दोनों के गेट खराब पड़े हुए है। ऐसा तब है जब गेट मरम्मत के लिए लाखों रू खर्च किए जा चुके है।

वहीं बैकुंठपुर के मुरमा, गोबरी जलाशय का गेट पूरी तरह से उखड़ गया है। यहां भी दोनें में से पानी लगातार व्यर्थ बह रहा है। यहां यह भी गौरतलब है कि जिन जलाशयों में 100 प्रतिशत जल भराव हुआ है उनमें जल भराव क्षमता कम है। ऐसे में रबी फसलों के लिए किसानो को पानी मिलने की संभावना इस बार भी कम है। बीते कुछ सालों से रबी फसलों के लिए पर्याप्त पानी बांधों व जलाशयों से नही मिलने के कारण रबी का रकबा जिले में लगातार घटता जा रहा है। इस तरह किसानों का ज्यादा फोकस खरीफ की फसलों को लेकर होती है। खरीफ की फसलों में सबसे ज्यादा धान की फसल जिले के किसानों द्वारा ली जाती है। इस वर्ष धान की फसल अच्छी हुई है लेकिन अंतिम समय में धान के फसल में माहों का प्रकोप बढ़ गया है तथा काले धब्बे धान की बालियों में लग रहा है जो धान के बाली को नुकसान पहुचा रहा है वर्तमान में सभी क्षेत्रों में धान की कटाई जोरों पर है।

पेयजल में होता है उपयोग
जिले भर में बने जलाशयों का कृषि कार्य के अलावा पेयजल के लिए भी उपयोग होता है, गर्मी में मनेन्द्रगढ़ रेल परिक्षेत्र में पेयजल आपूर्ति मनेन्द्रगढ एनिकट से 5.80 घन मीटर की जाती है, लाई एनिकट से चिरमिरी को 15860 घन मीटर किया जाता है, इसके अलावा गेज डेम से चरचा काल्री को 1.02 घन मीटर और गोबरी जलाशय से कटकोना कालरी को 0.25 घन मीटर पानी दिया जाता है।

क्षमता 33 हजार और सिंच रहे 7 हजार
केरिया जिले में रूपांकित सिचाई क्षमता 33 हजार हेक्टेयर है, और विभाग वर्षो से मात्र 66 सौ हेक्टर में ही सिंचाई कर बेहतर प्रबंधन की बात कह रहा है। सिर्फ दो मध्यम सिंचाई परियोजना गेज और झुमका में 7342 हें सिंचाई क्षमता है जबकि आधे से भी कम 2398 हेक्टेयर में सिंचाई होना बताया जा रहा है, जबकि दोनों परियोजनाओं के लिए सरकार अलग से बजट भी दे रही है। दोनों ही परियोजनाओं से निरंतर पानी व्यर्थ बहता रहता है। आंकड़ों से साफ दिख रहा है कि विभाग किसानों के प्रति कितनी लापरवाही बरत रहा है।

रबी के लिए पानी की व्यवस्था
भरतपुर सोनहत में 27 जलाशय, 16 व्यपवर्तन और 1 एनिकट मिलाकर 75.11 प्रतिशत जलभराव है, बीते वर्ष 2018-19 में रबी की फसल के लिए मात्र 1244 हे में वास्तविक सिंचाई हुई थी जबकि इस वर्ष 1618 हें सिचाई का लक्ष्य होना बताया जा रहा है। मनेन्द्रगढ़ में 6 जलाशय,1 व्यपवर्तन, 2 एनिकट में 68.81 प्रतिशत जलभराव है। बीते वर्ष रबी के लिए 186 हे और इस वर्ष 283 हें साथ ही बैकुंठपुर में 38 जलाशय, 2 मध्यम सिंचाई परियोजना, 3 एनिकट में 65.41 प्रतिशत जलभराव है, जिसमें बीते वर्ष 1336 हे सिंचाई होना बताया गया था जबकि इस वर्ष 2278 सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है।

संबंधित पोस्ट

कोरिया : नाले पर बना दिया गोठान

लॉकडाउन से पस्त पान विक्रेता संघ कलेक्टर से मिला, मांगी इजाजत

कोरियाः एडवेंचर पार्क से पहले स्वास्थ्य

छत्तीसगढ़ : हजारों बरस पहले कोरिया के इस पहाड़ पर गिरे थे दो तारे

कोरिया का एकपंगुनी घाट, जहां हर कदम मौत को दावत

कोरिया : घासीदास राष्ट्रीय उद्यान बैकुंठपुर में दिखा लुप्तप्राय इजिप्तीयन गिद्ध

छत्तीसगढ़ : साजा पहाड़ पर बने एडवेंचर पार्क, बच जाएंगे करोड़ों

कोरिया : सोशल मीडिया पर सियासी घमासान

कोरिया : मयखाना खुलने के पहले ही टूट पड़े पीनेवाले

साधु के पास भजन सुनने आते हैं भालू

कोरिया : क्रॉस वोटिंग, निर्दलीय वेदांती तिवारी उपाध्यक्ष

कोरिया जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए भारी जोड़तोड़