छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में उठा संसदीय सचिवों की नियुक्ति का मामला

PWD विभाग और हाथियों के मौत पर घिरे मंत्री

रायपुर | छत्तीसगढ़ विधानसभा में मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू होते ही विधनसभा अध्यक्ष के द्वारा सदस्यों के कोरोना जाँच पर निर्देश दिया गया,ताकि सदन में पहंचे सभी सुरक्षित रहे। वहीँ प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर सवालों की झड़ी लगा दी।

संसदीय सचिवों को किसी प्रकार की सुविधा नहीं
आज विधानसभा में संसदीय सचिवों की नियुक्ति को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला विपक्ष ने संसदीय सचिवों की नियुक्ति को असवैधानिक करार देते हुए तत्काल नियुक्ति की निरस्त करने की मांग की इस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधि मंत्री मोहम्मद अकबर ने उत्तर दिया बीजेपी नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, जोगी कांग्रेस दल के नेता धर्मजीत सिंह, विधायक अजय चंद्राकर, ब्रजमोहन अग्रवाल समेत विपक्ष ने नेताओं ने आज सदन में संसदीय सचिव की नियुक्ति को लेकर सदन में जोरदार हंगामा किया | भूपेश सरकार पर संसदीय सचिवों की नियुक्ति को असवैधानिक बताते हुए उनके शपथ दिलाने, झंडा फहराने पर विपक्ष ने आपत्ति जताई, विपक्ष ने कहा जब मामला सुप्रीम कोर्ट में है तो संसदीय सचिवों की नियुक्ति क्यों की गई।

इस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधि मंत्री मोहम्मद अकबर ने जवाब देते हुए कहा कि संसदीय सचिवों को मंत्री का दर्जा नहीं दिया गया है, विधानसभा में वे उत्तर भी नहीं दे सकते, उनको अलग से कार्यालीन कार्य के लिए कमरा भी नहीं दिया गया है, वे किसी कागज में हस्ताक्षर भी नहीं कर सकते हैं। सरकार ने जवाब में कहा कि संसदीय सचिवों को किसी प्रकार की सुविधा नहीं दी जा रही है।

PWD विभाग पर घिरे मंत्री
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल ने सदन में PWD मंत्री से उच्च पदों पर सीनियर अधिकारियों की पदस्थापना क्यों नहीं होने को लेकर सवाल किया। डीपीसी की प्रक्रिया को लेकर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और पीडब्ल्यूडी मंत्री ताम्रध्वज साहू के बीच तीखी बहस हुई, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने एक बार फिर आरोप लगाया कि जिस प्रकार से सरकार चल रही है उसमें सारे वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार कर कनिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जा रही है।

इस सवाल पर PWD मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि सरकार सामान्य प्रशासन के निर्देशों का पालन कर रहे हैं। अधिकारियों की वरिष्ठता के आधार पर पदस्थापना किया जा रहा है।

हाथियों की मौत पर ध्यानाकर्षण
विधानसभा में ध्यानाकर्षण के दौरान वन विभाग की लापरवाही के चलते प्रदेश में हाथियों की मौत का सिलसिला नहीं थम ने की बात भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने दागी। ध्यानाकर्षण के दौरान बृजमोहन अग्रवाल ने वन मंत्री मोहम्मद अकबर से पूछा कि 10 से अधिक हाथियों की मौत बीते 3 महीनों में हो चुकी है। स्थानीय लोगों की माने तो इन हाथियों की मौत विषाक्त पेयजल से होना बताया जा रहा है। वही धमतरी जिले के मॉडमसिल्ली कोरेगांव क्षेत्र में एक हाथी की मौत विभागीय लापरवाही के चलते होना बताया। उन्होंने बताया कि हाथी का शावक रात भर दलदल में फंसा रहा. विभाग को सूचना देने के बाद भी विभाग के अधिकारियों ने हाथी के शवों को निकालने की व्यवस्था नहीं की। इससे सीधे तौर पर विभागि कर्मचारियों की लापरवाही दिखाई देती है। विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने यहां तक कहा कि मुझे संदेह है कि यहां अंतरराष्ट्रीय रैकेट सक्रिय है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाथियों के अंगों की कीमत काफी है यही कारण है कि प्रदेश में हाथियों की मौत लगातार हो रही है।

वही विधायक बृजमोहन अग्रवाल के सवाल का जवाब देते हुए प्रदेश के वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने साफ तौर पर कहा कि छत्तीसगढ़ में कोई भी अंतरराष्ट्रीय रैकेट सक्रिय नहीं है। साथ ही हाथियों की मौत विभिन्न वजहों से होना बताया। वन मंत्री ने कहा कि हाथियों की मौत की जानकारी विभाग को तत्काल हो गई थी। गश्ती दल घटनास्थल पर ही उपस्थित था। मृत हथनी का पोस्टमार्टम तत्परता पूर्वक किया गया वहीँ दूसरे मृत हाथी का पोस्टमार्टम मौके पर हाथियों का दल उपस्थित होने के कारण कार्यवाही किया जाना संभव नहीं था। वहीं धर्मजयगढ़ में हाथी के मौत पर उन्होंने कहा कि विद्युत तार से करंट लगने के कारण यह मौत हुई थी जिसके चलते कृषक और विद्युत विभाग के लाइनमैन के विरुद्ध कार्यवाही की गई है।