ग्रामीणों से दो करोड़ की ठगी का मामला उजागर

रोजगार मेला में डिग्रीधारी युवा, युवती आए झांसे में

जशपुरनगर|जिला प्रशासन के द्वारा आयोजित रोजगार मेला में ही प्लेसमेंट का झांसा देकर लगभग 80 लोगों से दो करोड की ठगी का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। जन सेवा समिति एंव स्व.दिलीप सिंह जूेदव स्मृति चिकित्सालय के नाम पर जरूरतमंद, रोजगार की तलाश में भटक रहे मासूम ग्रामीण युवा, युवतियों से दो करोड़ की ठगी का आरोप सामने आया है। ठगी के शिकार पीड़ित अब थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने भटक रहे हैं। इनका आरोप है कि वे पहले से ही दुखी हैं और ठगी के शिकार हो चुके हैं। अब रिपोर्ट दर्ज नहीं होने से उनकी समस्या और बढ़ गई है और कोई भी उनकी नहीं सुन रहा है। समस्या लेकर पीड़ित एसपी जशपुर के पास पहुंचे और आपबीति सुनाई, जिसके बाद एसपी शंकर लाल बघेल ने पीडितों को एफआईआर का भ्ररोसा दिलाया है। जिसके बाद ग्रामीणों में कुछ उम्मीद जगी है।

क्या है मामला
एसपी शंकर लाल बघेल के पास जशपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से ग्रामीण पहुंचे और बताया कि वन जन सेवा समिति एंव स्व.दिलीप सिंह जूदेव स्मृति चिकित्सालय गम्हरिया के नाम पर उनकी नियुक्ति की गई और इसके ऐवज में उनसे सुरक्षा निधि व अन्य नाम से पैसे लिए गए। यह पैसे समिति के अध्यक्ष गणेश राम चौहान निवासी आरा के माध्यम से जमा हुए। समिति में अन्य नाम भी थे। डॉक्टर, स्टाफ नर्स, एनएएम नर्स, सहायक ग्रेड, स्वीपर, चौकी दार, भृत्य आदि पदों पर भर्ती की गई। चिकित्सकों को 25 हजार, नर्स को दस हजार, एनएएम को सात हजार, सहायक ग्रेड को 5 हजार सहित अन्य कर्मचारियों को पांच से 25 हजार वेतन का भरोसा दिलाया गया। नियुक्ति के समय सुरक्षा निधी के रूप में 50 हजार रुपए लिए गए और यह कहा गया कि जब वे नौकरी छोडेंगे तो उनकी यह राशि वापस उन्हें दे दी जाएगी। सभी ने 6 माह तक इंतजार किया कि उन्हें अब वेतन शुरू होंगे, लेकिेन न ही उनका वेतन शुरू हुआ और न ही सुरक्षा निधि के नाम पर दिए गए उनके पैसे ही लौटाए गए।

उधार लेकर दिए थे पैसे
मासूम ग्रामीणों में से कई महिलाएं, पुरूष स्व-सहायता समूह, रिश्तेदारों से उधार लेकर पैसे ठगी करने वाले समूहों को दिए और अब न ही उनके पास लौटाने के लिए पैसे हैं और न ही उधार के ब्याज पटाने को उनके पास पैसे हैं। पिछले दो साल से यह पीडित थाने व समिति के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक प्लेसमेट के नाम पर जिला प्रशासन के द्वारा रणजीता स्टेडियम में शिविर लगाया गया था और इसी के कारण उन्हें उक्त समिति पर विश्वास हुआ। अब प्रशासन के नाक के नीचे ही इस प्रकार की ठगी होगी तो वे क्या करेंगे।

मामले में पुलिस अधीक्षक शंकर लाल बघेल ने कहा है कि ” ग्रामीणों की शिकायत पर मामले को गंभीरतापूर्वक लिया जा रहा है। जांच करने के बाद उचित कार्यवाही की जायेगी।”