सुराजी अभियान में कुपोषित हुए सुपोषित

माह भर में ही कोरिया के 89 कुपोषित बच्चे सामान्य

बैकुंठपुर। सरगुजा के कोरिया जिले में गांधी जयंती से शुरू सुराजी सुपोषित कोरिया अभियान के अंर्तगत अब तक 1793 आंगनबाड़ी केन्द्रों के 89 बच्चों को गंभीर कुपोषित श्रेणी से सामान्य श्रेणी में लाया गया है। इसी प्रकर 848 (0 से 5 आयु वर्ग) गंभीर कुपोषित श्रेणी से मध्यम श्रेणी में आये है। महिला एवं बाल विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार एक माह 8317 कुपोषित बच्चो में से 1535 बच्चे मध्यम से सामान्य श्रेणी और 848 बच्चे गंभीर से मध्यम श्रेणी में आ चुके हैं।

सुराजी सुपोषित कोरिया अभियान अंतर्गत लक्षित बच्चों एवं पोषण स्तर के परिवर्तन परियोजना चिरमिरी के 78 आंगनबाड़ी केंद्रों के लक्षित 453 बच्चों में से 124 मध्यम से सामान्य, 75 गंभीर से मध्यम ,12 गंभीर से सामान्य श्रेणी में आ गये।

परियोजना मनेन्द्रगढ़ के 335 आंगनबाड़ी केंद्रों के लक्षित 1693 बच्चों में से 186मध्यम से सामान्य, 76 गंभीर से मध्यम, 13 गंभीर से सामान्य श्रेणी में आ गये। परियोजना सोनहत के 185आंगनबाड़ी केंद्रों के लक्षित 1151 बच्चों में से 215मध्यम से सामान्य, 119गंभीर से मध्यम, 1 गंभीर से सामान्य श्रेणी में आ गये।

परियोजना भरतपुर के 313आंगनबाड़ी केंद्रों के लक्षित 1703 बच्चों में से 391मध्यम से सामान्य,308गंभीर से मध्यम,40 गंभीर से सामान्य श्रेणी में आ गये।परियोजना खडगवां के 412आंगनबाड़ी केंद्रों के लक्षित 1887 बच्चों में से 496मध्यम से सामान्य, 224गंभीर से मध्यम,21 गंभीर से सामान्य श्रेणी में आ गये।

परियोजना बैकुंठपुर के 470आंगनबाड़ी केंद्रों के लक्षित1430 बच्चों में से 123मध्यम से सामान्य, 46गंभीर से मध्यम, 2 गंभीर से सामान्य श्रेणी में आ गये।

जिले में सुराजी सुपोषित कोरिया अभियान के बेहतर संचालन से कुपोषित बच्चेसामान्य श्रेणी में आ रहे है। जिला कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रवेष सिसोदिया ने बताया ‘‘सुपोषण अभियान के बेहतर संचालन के लिए जिला, विकासखंड और एवं ग्राम स्तर पर समिति का गठन कर लिया गया है। बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए शिविर का आयोजन भी किया जा रहा है।“

कोरिया अभियान के अंतर्गत दो प्रमुख कार्यक्रमों में से परिवार आधारित पोषण एवं जागरूकता संवाद कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है जिसके अंतर्गत जिले के सभी परिजनों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा सप्ताह के प्रति बुधवार एवं शुक्रवार को केंद्र में दर्ज प्रत्येक मध्यम और गंभीर कुपोषित बच्चों को गृहभेंट कर उसकी पसंद के अनुसार अंडा या बदामपट्टी दिया जा रहा है।

नेशनल फॅमिली एंड हेल्थ सर्वे-4 (2015-16) के अनुसार कोरिया में 6से 59 माह तक के 33.6 प्रतिशत शिशु एनीमिया से ग्रसित है जब कि 15-49 वर्ष तक की 36.7 प्रतिशत महिलाओं को एनीमिया हैद्। इसी प्रकार 34.7 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं(15-49 वर्ष) में खून की कमी हैद्। इसके मुकाबले में 16.7 प्रतिशत पुरुष(15-49 वर्ष की आयु) एनीमिया से ग्रसित हैंद्य शिशुओं में हीमोग्लोबिन की मात्र 11 ग्राम से ज्यादा होनी चाहिए जबकि महिलाओं में 12 ग्राम से ज्यादा और पुरुषों में 13 ग्राम से ज्यादा।