आत्महत्याओं में छत्तीसगढ़ तीसरे स्थान पर

देशभर में किसान-मजदूर आत्महत्याएं बढ़ीं

नई दिल्ली। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की हालिया रिपोर्ट ‘क्राइम इन इंडिया-2018’ के अनुसार, देश में भारत में जहां 2017 में 1,29,887 आत्महत्याएं हुई थी, वहीं 2018 में इनकी संख्या बढ़कर 1,34,516 हो गई। आत्महत्या की दर भी जहां 2017 में 9.9 फीसदी थी, वह 2018 में बढ़कर 10.2 फीसदी हो गई है। वहीं आत्महत्याओं के मामलों में पुडुचेरी पहले स्थान पर, दूसरे स्थान पर सिक्किम और तीसरे स्थान पर छत्तीसगढ़ और चौथे स्थान पर केरल है।

वहीं, किसान-खेतिहर मजदूर आत्महत्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2017 में कुल 10,655 किसानों की आत्महत्याएं दर्ज की गईं। वर्ष 2018 में आत्महत्या करने वाले 10,349 व्यक्तियों में से 4,586 कृषि मजदूर थे।

‘क्राइम इन इंडिया-2017’ पर एनसीआरबी की रिपोर्ट जारी होने के लगभग तीन महीने बाद सरकार ने वार्षिक डेटा जारी किया है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 2018 के दौरान किसान और कृषि क्षेत्र से जुड़े कुल 5,763 लोगों ने आत्महत्या की।

एनसीआरबी के आंकड़ों में कहा गया है कि 2018 में देश में कृषि क्षेत्र में आत्महत्या करने वालों की संख्याकुल आत्महत्या करने वालों (1,34,516) की 7.7 फीसदी रही।

वर्ष 2018 में पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, उत्तराखंड, मेघालय, गोवा, चंडीगढ़, दमन और दीव, दिल्ली, लक्षद्वीप और पुदुचेरी में किसान या खेती से जुड़े और खेतिहर मजदूरों द्वारा कोई भी आत्महत्या दर्ज नहीं की गई।

सड़क हादसे बढ़े

वर्ष 2018 के दौरान लापरवाही के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में 1,35,051 मौतें हुईं। आंकड़े बताते हैं कि इस दिशा में पिछले दो वर्षों की तुलना में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। देशभर में 2017 में कुल 1,34,803 मौत की घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि 2016 में यह आंकड़ा 1,35,656 था। रिपोर्ट के अनुसार सड़क पर हादसों से मौतों में पिछले वष की तुलना में कोई खासा बदलाव नहीं हुआ है।

छत्तीसगढ़ में सड़क हादसे कम हुए पर मौतें बढ़ी हैं। आंकड़ों के अनुसार दुर्घटनाओं में 0.7 प्रतिशत कमी दिखी है, लेकिन इन सड़क हादसों में 8 फीसदी तक मरने वालों की संख्या बढ़ी है। वहीं घायलों की संख्या में भी 5.1 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

हिट एंड रन में इजाफा

‘हिट एंड रन’ मामलों में पिछले साल की तुलना में बड़ी वृद्धि देखने को मिली है। 2017 में जहां ‘हिट एंड रन’ के 43,727 मामले सामने आए, वहीं 2018 में इनकी संख्या बढ़कर 47,028 तक पहुंच गई।

‘क्राइम इन इंडिया-2018’ पर एनसीआरबी की रिपोर्ट के लिए डेटा संग्रह की प्रक्रिया राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय एजेंसियों से पुष्टि के साथ जुलाई 2019 से दिसंबर 2019 तक जारी रही।

फाइल फोटोः यह तस्वीर रायगढ़ जिले के सरिया के एक किसान की है जिसने नोटबंदी के समय फांसी लगा ली थी। दरअसल उसके दो बेटो तमिलनाडु में एक फैक्ट्री में काम करते थे। ठेकेदार ने परेशान किया तो वे घर लौटना चाहते थे लेकिन पैसे नहीं थे। लिहाजा अपने पिता रवि प्रधान तक संदेशा भेजा। तीन दिनों तक यह किसान नोट बदलने बैंक के चक्कर लगाता रहा पैसे नहीं मिल पाए तो फांसी लगा ली।