चिरमिरी नगर निगम : कांग्रेस-भाजपा में घमासान

समस्याओं का अंबार और दोनों के दावे भारी जीत के

बैकुंठपुर। कोरिया जिले का एकमात्र नगर निगम के चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में घमासान जारी है। एक ओर कांग्रेस विकास के मुद्दे को लेकर जनता के बीच जा रही है तो भाजपा बीते 5 साल में चिरमिरी के विकास का बाधित करने और 10 साल पीछे धकेलने का आरोप लगा रही है।

जानकारी के अनुसार जारी नगर निगम चुनाव के 40 वार्डों में 236 उम्मीदवार मैदान में है। अभ्यर्थिता वापस लेने के आखिरी दिन आज नगर पालिक निगम चिरमिरी के 21 लोगों ने अपने नाम वापस लिए है। अब चुनावी घमासान अपने चरम पर है। खूबसूरत पहाड़ियों के बीच बसा चिरमिरी शहर संकरी सड़कें, अलग-अलग बंद होती कई ओपन कास्ट खदानें, पलायन करते परिवार और कोयले से फैले प्रदूषण और अपनी खूबसूरत वादियों के लिए जाना जाता है। कुछ कॉलोनियों में सड़कों पर कोयला ले जाते डम्फरों के कारण लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है जबकि यहां की आबोहवा भी धूल धर्सित हो चुकी है।

क्या है मुख्य समस्याएं
चिरमिरी में पर्यटन की ब़डी संभावना तलाशी जा रही है, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने इसे पर्यटन के रूप में विकसित करने पर्यटन मंडल की टीम भी भेजी थी, वहीं वर्तमान मुख्यमंत्री ने डीएमएफ से 1 करोड़ की लागत से पार्क बनाने की घोषणा की है। अंडरग्राउंड माइंस में चौथे सीम पर काम चल रहा है और जब तक यह काम चलेगा। तब तक ओपन कास्ट के ओवर बार्डन को समतल नियमों और निर्देशों के तहत नहीं किया जा सकता है। वहीं क्षेत्र की प्रमुख सड़कें एसईसीएल की नहीं है, वे लोक निर्माण विभाग की हैं। चुनाव के पूर्व कुछ प्रमुख सड़कों को चकाचक कर दिया गया है, परन्तु ज्यादातर सड़कों में गढ्ढों से लोग काफी परेशान है। वर्षो से यहां बंद हो रही खदानों के कारण बढ़ रही बेरोजगारी की समस्या को लेकर उद्योग लगने की मांग होती रही। परन्तु कुछ नहीं हो सका। नगर निगम क्षेत्र में फैले प्रदूषण के रोकथाम के जो उपाय किए भी गए वो कारगर नहीं थे, यही कारण है कि यहां प्रदूषण में कोई कमी नहीं आई है।

पीने के पानी की समस्या
कोयलांचल क्षेत्र चिरमिरी में शुरू से ही पीने के पानी को लेकर समस्या रही है। यहां किसी भी वार्ड में रोज सुबह व शाम को पानी सप्लाई करना संभव नहीं है। इसका कारण है कि जमीन के नीचे कोयला होने के कारण कहीं भी जमीन खोद कर पीने के लिए पानी नहीं निकाला जा सकता। यहां पीने व निस्तार के लिए बड़ी संख्या में लोग तुर्रा के पानी पर आश्रित हैं। इसके कारण लोगों को उबड़-खाबड़ रास्ते से होकर पानी लाना पड़ता है। सालों पहले चिरमिरी में सैकड़ों प्राकृतिक तुर्रा हुआ करते थे। इसके पानी का लोग निस्तार के अलावा पीने के लिए भी करते थे। पर देख-रेख के अभाव में अब मात्र 30 ही बचे हैं। तुर्रा के पानी को पीने के अलावा निस्तार के लिए भी उपयोग किया जाता है। इसलिए तुर्रा के पानी को चिरमिरी क्षेत्र के लिए लाईफ लाईन माना जाता है। हलांकि एक माह पूर्व मुख्यमंत्री ने जल आवर्धन योजना की शुरूआत की है, परन्तु बीते 15 साल में नगर में पीने का पानी सप्लाई करने के लिए पाइप लाइन आज भी इधर उधर बिखरे प़डे हुए हैं।

सफाई को लेकर एसईसीएल व निगम सामने
निगम और एसईसीएल एक बार फिर आमने-सामने रही है। विकास कार्यों को लेकर दोनों ने अपनी अपनी समस्या सामने रखी। एसईसीएल जीएम के.सामल चिरमिरी क्षेत्र लगभग 450 करोड़ रुपए के घाटा होने के कारण कोयला मंत्रालय के मापदंडों के निर्देशानुसार भूमिगत खदानों को बंद करना पड़ रहा है। दूसरी ओर सफाई का पूरा जिम्मा नगर निगम उठाता है, वहीं एसईसीएल कागजों पर सफाई कर रहा है, यही कारण है कि निगम क्षेत्र के ज्यादातर हिस्सों में भारी गंदगी पसरी हुई है।

भूमि के पट्टा मुद्दा
नम्बर 2015 में महापौर के डोमरू रेड्डी द्वारा चिरमिरी में एसईसीएल के अनुपयोगी जमीनों को चिन्हांकित कर राज्य सरकार को वापस करने की मांग उठाई थी, तत्कालीन सरकार ने इसकी पहल भी शुरू की थी। इसके लिए सर्वे भी कराया गया। चिरमिरी के महापौर के. डोमरू रेड्डी ने शहरवासियों को एसईसीएल क्षेत्र की रिक्त.जमीनों का सीमांकन एवं अनुपयोगी जमीनों को वापस कर उसका मालिकाना हक दिलाए जाने की बात कई बार कही। परन्तु वो सफल नहीं हो सके, वहीं भाजपा इसे कोरा बकवास बता रही है, जबकि महापौर कहते हैं कि मेरे इस प्रयास से अब भाजपा भी पट्टे की बात करने लगी है।

कांग्रेस भाजपा ने संभाला मोर्चा
जारी ननि चुनाव में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष तीरथ गुप्ता ने मोर्चा संभाल रखा है, उनके साथ पूर्व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल, दीपक पटेल व पूर्व मेयर डमरू बेहरा चिरमिरी के हर वार्ड में प्रचार प्रसार में लगे है, उनका दावा है कि 30 से ज्यादा पार्षद भाजपा के जीत कर आएंगे, दूसरी ओर कांग्रेस की ओर वर्तमान महापौर डमरू रेड्डी खुद के द्वारा कराए विकास कार्यों के आधार पर लोगो के पास जा रहे है, तो विधायक विनय जायसवाल भी चुनाव में जीत दर्ज कराने ए़डी चोटी का जोर लगा रखे है। श्री रेड्डी का दावा है कि इस बार 40 में 35 पार्षद उनके जीत कर आने वाले है।

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