इंदिरा गांधी और सरदार पटेल को सीएम भूपेश ने दी श्रद्धांजलि

सरदार के अखंड भारत और इंदिरा के फैसलों का किया जिक्र

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 31 अक्टूबर को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्य तिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि इंदिरा गांधी ने आजीवन गरीबों और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए प्रयास किया और देश की एकता और अखण्डता की रक्षा के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया। इंदिरा गांधी ने दूरदृष्टि और पक्के इरादे के साथ देश को नई दिशा प्रदान की। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश का कुशलतापूर्वक नेतृत्व करते हुए अंतर्राष्ट्रीय पटल पर भारत को प्रतिष्ठापूर्ण स्थान दिलाया।

उनके हरित क्रांति कार्यक्रम की सफलता ने देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया। इंदिरा गांधी बचपन से देश के स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रहीं। उन्होंने बाल चरखा संघ की स्थापना की और असहयोग आंदोलन के दौरान बच्चों की वानर सेना बनायी। प्रधानमंत्री के रुप में उन्होंने बैंकों के राष्ट्रीयकरण, राजाओं के प्रिवीपर्स की समाप्ति जैसे कठोर निर्णय लिए। बांग्लादेश का उदय, भारत का परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनना उनकी प्रमुख उपलब्धियां थी। उनके कार्यकाल में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की स्थापना हुई और प्रथम उपग्रह आर्यभट्ट अंतरिक्ष में छोड़ा गया।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री बघेल ने देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृहमंत्री स्वर्गीय सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उनका पुण्य स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा है कि उन्होंने स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद 562 देशी रियासतों का भारतीय संघ में विलय कर देश के एकीकरण और अखण्ड भारत के निर्माण में अविस्मरणीय योगदान दिया। उनके इस योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। देश के स्वतंत्रता संग्राम में उनकी अग्रणी भूमिका थी।

उन्होंने गुजरात के खेड़ा में किसानों के आंदोलन और वर्ष 1928 में बारडोली सत्याग्रह का सफल नेतृत्व किया। अंग्रेजों को विवश होकर भयंकर अकाल की चपेट में आये खेड़ा के किसानों को करों में राहत देनी पड़ी और बारडोली में लगान में की गयी 30 प्रतिशत वृद्धि को घटाकर 6 प्रतिशत करना पड़ा। गृहमंत्री के रुप में उन्होंने देश की उल्लेखनीय सेवा की।