कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री डॉ.शक्राजीत का निधन,नेताओं ने जताया दुःख

डॉ.नायक प्रोफेसर की नौकरी छोड़ बने जन नेता

रायपुर | पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री डॉ.शक्राजीत नायक का आज 78 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। डॉ.नायक कोरोना से जंग जीत चुके थे लेकिन उनकी हालत स्थिर नहीं होने के कारण उनका इलाज बालाजी हॉस्पिटल में चल रहा था। 

परिजनों के मुताबिक उनका ब्लड प्रेशर स्थिर नहीं हो पा रहा था। शनिवार की सुबह 9.40 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव रायगढ़ के बरमकेला के ग्राम नवापल्ली में किया जाएगा। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। 

प्रोफेसर से राजनीति का सफर 

डॉ शक्राजीत नायक रायगढ़ विधायक और पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष प्रकाश नायक के पिता थे। डॉ.शक्राजीत नायक साल 2008 से लेकर 2013 तक रायगढ़ विधायक थे। दो बार भाजपा और फिर कांग्रेस से चुनाव लड़े। वे साल 2001 से 2003 तक अजीत जोगी सरकार में जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्री थे।

1990 में डॉ.शक्राजीत ने अपने प्रोफेसर की नौकरी त्यागकर भाजपा का दमन थाम लिया था। इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने रायगढ़ महल के प्रभाव को खत्म करते हुए पहली बार विधायक चुने गए। लेकिन 1993 के विधानसभा चुनाव में नायक को मात मिली। फिर 1998 के विधानसभा चुनाव में डा. शक्राजीत दूसरी बार सरिया से विधायक बने।  वर्ष 2000 में जब मध्यप्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ नया राज्य बना तो मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पाले में आये भाजपा के 12 विधायकों में डॉ.नायक भी शामिल थे। यानी उन्होंने भी कांग्रेस का दामन थाम लिया। जोगी सरकार में वे जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्री बने। मंत्री बनने के बाद उनके द्वारा किये गए काम के बावजूद वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का मुँह देखना पड़ा। नायक ने हार नहीं माना और जनता के बीच रच बसकर 2008 में कांग्रेस की टिकट पर जीत दर्ज किया। लेकिन 2013 में वे फिर भाजपा के रोशनलाल अग्रवाल से चुनाव हार गए। इस हार जीत के बीच उन्होंने अपने पत्र प्रकाश नायक को राजनीति के लिए खड़ा कर दिया। 2018 में उन्होंने अपने बेटे प्रकाश नायक को कांग्रेस के  टिकिट पर जीत दिलाई। 

धीरे-धीरे डॉ.शक्राजीत नायक की तबियत बिगड़ने लगी और उनका लोगों के बीच उठना बैठना बंद हो गया। स्वास्थ्य बिगड़ने के चलते वे लगातार अस्पताल में दाखिल होते रहे। मार्च 2021 में उनका स्वास्थ्य खराब हुआ और इसके बाद वे ठीक नहीं हो सके। और आज उनका दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।   

राज्यपाल ने जताया शोक 

छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया उइके ने पूर्व मंत्री डॉ. शक्राजीत नायक के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। राज्यपाल ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

CM  भूपेश ने जतआया दुःख 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व सिंचाई मंत्री और वरिष्ठ नेता डॉ. शक्राजीत नायक के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है।  मुख्यमंत्री बघेल ने डॉ. नायक के शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करते हुए। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और उनके परिवारजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना की है।

विधानसभा अध्यक्ष ने गहरा शोक व्यक्त किया 

छत्तीसगढ़ विधान सभा अध्यक्ष डाॅ.चरणदास महंत ने छत्तीसगढ़ के पूर्व विधायक एवं मंत्री डाॅ. शक्राजीत नायक के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है । डाॅ. महंत ने कहा कि-डाॅ. नायक मृदुभाषी, मिलनसार, कुशल प्रशासक एवं संवेदनशील जन-प्रतिनिधि थे । वे किसानों के सच्चे हितैषी एवं शुभचिंतक थे । उन्होने जिम्मेदार जन-प्रतिनिधि के रूप में सदैव अपने क्षेत्र एवं प्रदेश की समस्याओं को सदन में उठाया और उनके निराकरण के लिए सदैव तत्पर रहे । उनका निधन प्रदेश के राजनीतिक परिदृष्य के लिये अपूरणीय क्षति है । डाॅ. महंत ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके शोक संतप्त परिजनों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की ।