बेतहाशा बढ़ते पेट्रो उत्पादों के दाम को लेकर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

प्रदीप मेश्राम,राजनांदगांव । देश में पेट्रो उत्पादों के लगातार वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस ने सोमवार को एक दिनी प्रदर्शन में केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। स्थानीय कलेक्टोरेट के सामने महापौर हेमा देशमुख और शहर अध्यक्ष कुलबीर छाबड़ा की अगुवाई में नारेबाजी और प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार पर आरोपों की झड़ी लगा दी।

सोमवार को शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कुलबीर छाबड़ा की अगुवाई में कांग्रेसियों ने ज्ञापन सौंपते कहा कि लॉकडाउन के पिछले तीन माह के दौरान पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले केंद्रीय उत्पाद शुल्क और कीमतों में बार-बार की गई अनुचित बढ़ोत्तरी ने भारत के नागरिकों की परेशानियां बढ़ा दी है। जहां एक तरफ देश महामारी से लड़ते हुए स्वास्थ्य व आर्थिक संकट झेल रहा है। वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार पेट्रोल व डीजल की कीमतों और उस पर लगने वाले उत्पाद शुल्क को बार-बार बढ़ाकर इस मुश्किल वक्त में मुनाफाखोरी कर रही है।

शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कुलबीर सिंह छाबड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल-डीजल के दाम कम हो चुके हैं। इसके बावजूद आज देश में महामारी की समस्या के बीच लोग मुश्किल से जीवनयापन कर रहे हैं। उसके बावजूद केंद्र की मोदी सरकार द्वारा 20 दिनों से पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्धि की जा रही है, जिस कारण भारत के नागरिक तकलीफ में है। उन्होंने कहा कि मानसिक प्रताडऩा, ऐसी दी जा रही है, जनता के ऊपर जिसकी कल्पना कर पाना मुश्किल है। इस संकट काल की स्थिति में लोगों के लिए भी आवश्यक वस्तुओं की जरूरत है। भाजपा की मोदी की सरकार लोगों की जेब से पैसे निकाल रही है और महंगाई बढ़ा रही है। यह बहुत ही निंदनीय है। हम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर महंगाई कम करने मांग कर रहे है।

महापौर हेमा देशमुख ने कहा कि 7 जून से लगातार 22 से 23 बार दाम बढ़ चुके हैं। हम मोदी जी से चाहते हैं कि पेट्रोल और डीजल के दाम कम करें। वैश्विक महामारी के चलते लोग आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान है। ऐसी स्थिति में पेट्रोल और डीजल के दाम बढऩे से जनता त्रस्त और परेशान है। अगर आने वाले समय में जल्द राहत जनता को नहीं पहुंचाती तो यह आंदोलन उग्र और बड़े पैमाने में होगा। मेयर ने कहा कि मोदी ने पद में आते ही वादा किया था कि 100 दिन में महंगाई कम करेंगे, लेकिन वो 100 दिन भूले चुके हैं। अब जनता को धोखा देते हैं और बड़ी बड़ी बातें करते हैं। बड़ी-बड़ी बातो से देश नहीं चलता, पेट नहीं भरता और आर्थिक मजबूती बहुत जरूरी है। आर्थिक मजबूती के लिए पेट्रोल-डीजल के दाम कम करें।

कांग्रेसियों ने ज्ञापन में कहा कि मोदी सरकार द्वारा भारत के नागरिकों से की जा रही जबरन वसूली एकदम स्पष्ट परिलक्षित हो रही है। उन्होंने कहा कि मई 2014 में जब भाजपा ने सत्ता सम्हाली थी, पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 9.20 रुपए प्रति लीटर एवं डीजल 3.46 रुपए प्रति लीटर था। पिछले 6 साल में केंद्र की भाजपा सरकार ने पेट्रोल उत्पाद शुल्क में 23.78 रुपए प्रति लीटर एवं डीजल पर 28.37 रुपए प्रति लीटर की अतिरिक्त बढ़ोत्तरी कर दी है। चौंकाने वाली बात है कि पिछले 6 साल में भाजपा सरकार द्वारा डीजल के उत्पाद शुल्क में 820 प्रतिशत तथा पेट्रोल के उत्पाद शुल्क में 258 प्रतिशत की वृद्धि की गई।

कांग्रेसियों ने कहा कि केवल पेट्रोल व डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में बार-बार वृद्धि कर मोदी सरकार ने पिछले 6 साल में 18 लाख करोड़ रुपए कमा लिए। 3 माह पहले लॉकडाउन लगाए जाने के बाद पेट्रोल या डीजल पर उत्पाद शुल्क को बार-बार बढ़ाकर मतुनाफाखोरी और जबरन वसूली की सभी हदें पार कर दी गई। 5 मार्च 2020 को पेट्रोल व डीजल के मूल्य में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी की गई। 5 मई 2020 को मोदी सरकार ने डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में 13 रुपए प्रति लीटर और पेट्रोल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में 10 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी की। 7 जून 2020 से लेकर 24 जून 2020 तक मोदी सरकार ने 18 दिनों तक पेट्रोल व डीजल के मूल्य में लगातार बढ़ाए। जिससे डीजल का मूल्य 10.48 रुपए प्रति लीटर एवं पेट्रोल का मूल्य 8.50 रुपए प्रति लीटर बढ़ गया। कांग्रेसियों ने कहा कि 24 जून 2020 को कच्चे तेल का अंतर्राष्ट्रीय भाव 43.51 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल था जो डॉलर रुपए भाव के अनुसार 3288.71 रुपए प्रति बैरल बनता है। एक बैरल में 159 लीटर होते हैं, इसलिए 24 जून 2020 को कच्चे तेल का प्रति लीटर भाव 20.68 रुपए बनता है। इसके विपरीत पेट्रोल-डीजल के मूल्य आसमान छूकर 80 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है।

कांग्रेसियों ने मांग करते कहा कि 5 मार्च के बाद पेट्रोल-डीजल के दामों एवं उत्पाद शुल्क में की गई बढ़ोत्तरी को तत्काल वापस लेने का निर्देश दें।

ज्ञापन सौंपने के दौरान महापौर हेमा देशमुख, पदम कोठारी, कुलबीर छाबड़ा, शाहिद भाई, विवेक वासनिक, रईस अहमद शकील, धनेश पटिला, थानेश्वर पटिला, हरिनारायण धकेता, रोशनी सिन्हा, सिद्धार्थ डोंगरे, आसिफ अली, प्रति वैष्णव, मोती साहू, पंकज बांधव, गामेन्द्र नेताम, मो. याहाया, विकास मिश्रा, सूर्यकांत जैन, फरमान अली, राजा गुप्ता, सतीश मसीह, नरेश शर्मा समेत अन्य कांग्रेसी शामिल थे।